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राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2023 पर कोट्स, कविता व शायरी जरिए भेजें शुभकामनाएं | National Tourism Day Quotes in hindi

National Tourism Day Quotes in hindi : राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर कोट्स, कविता (Poem on rashtriya paryatan divas wishes), अनमोल विचार और शायरी, कोट्स (National Tourism Day Poem & Quotes on National Tourism Day 2023, Quotes on Tourism Day, Tourism Day shayari 2023, Tourism Day Slogans in Hindi)

भारत में हर साल 25 जनवरी का दिन राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के रुप में मनाया जाता है। भारत का इतिहास आकर्षक धरोहरों से समृद्ध है जिसे जानने और समझने के लिए आए दिनों दुनिया भर के लोग भारत में पर्यटन करने आते हैं।

भारत में पर्यटन दिवस की शुरुआत साल 1948 से हुई जिसका प्रमुख उद्देश्य भारत में पर्यटन को बढ़ावा देना है। पर्यटन दिवस केवल भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में भी मनाया जाता है हालांकि इनकी तिथियां भिन्न-भिन्न है। एक ओर जहां 25 जनवरी का दिन भारत में राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाता है तो वहीं दूसरी ओर 27 सितंबर को विश्व भर में विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।

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आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत की कुल जीडीपी का लगभग 6.8 % हिस्सा केवल राष्ट्रीय पर्यटन की देन है। अब इसी बात से आप देश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान समझ सकते हैं।

हमारे जीवन में भी पर्यटन का बहुत विशेष महत्व होता है। या फिर कुछ यूं ही समझ लीजिए कि पर्यटन जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। किसी पर्यटन स्थल पर जाना, वहां की सभ्यता संस्कृति से परिचित होना, उन्हें समझना और आत्मसात करना पर्यटन का प्रमुख ध्येय होता है।

आज इस लेख के जरिए हम आपके लिए राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर कोट्स और कविता ( National Tourism Day Quotes & Poem In Hindi) लेकर आए हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप लोगों को पर्यटन का महत्व समझा सकते हैं और राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2023 (National Tourism Day 2023) की शुभकामनाएं (National Tourism Day Wishes In Hindi) भेज सकते हैं।

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राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2023 पर कोट्स, अनमोल वचन (National Tourism Day Quotes in Hindi)

  1. मंजिल का इंतजार बेकार है, केवल जीवन के सफर का मजा लीजिए।
  2. भारत आध्यात्मिक पर्यटन का एक ऐसा देश है जहां नास्तिक भी धर्म ईश्वर और आस्था पर विश्वास करने लगते हैं।
  3. अगर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहते हैं तो एक बार भारत के सांस्कृतिक धरोहर स्थलों का पर्यटन जरूर करें। मृत्यु के बाद स्वर्ग मिले या ना मिले लेकिन जीते जी इस आध्यात्मिक स्वर्ग का सुख जरूर भोग लें।
  4. भारत का समृद्ध इतिहास और सभ्यता तथा संस्कृति भारत को विश्व पर्यटन का सबसे प्रमुख केंद्र बनाते हैं। हमें अपने स्वर्णिम इतिहास और सभ्यता संस्कृति पर गर्व होना चाहिए।
  5. भारत की विविधता दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। भारत में कदम कदम पर सभ्यताएं संस्कृतियों, रीति-रिवाज परंपराएं, त्यौहार, बोलियां और भाषाएं बदलती रहती हैं। यही कारण है कि भारत विश्व पर्यटन की धरोहरों में से एक है।
  6. सफर की शुरुआत बेहद खूबसूरत होती है लेकिन उसका अंजाम उतना ही दर्दनाक होता है। हर सफर को अंजाम तक पहुंचना होता है। अंजाम तक पहुंचने के बाद ही यात्राएं सार्थक होती हैं।
  7. इतिहास गवाह है आज तक जिस सफर की शुरुआत हुई उसे अंजाम तक जाना ही पड़ा। सफर का अंजाम मंजिल, ख्वाब का अंजाम हकीकत, जिंदगी का अंजाम मौत, और हर मुलाकात का अंजाम जुदाई।
  8. व्यवहार में भले ही यह बातें सच लगें या न लगें लेकिन हर आगाज का अंजाम आना लाज़िम है।

          – सौरभ शुक्ला

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर कविता (National Tourism Day Poem in Hindi)

प्रयोगों से लेकर सिद्धांत का सफ़र,
जीवन हैं! जन्म से देहांत का सफ़र।

शरीर तो नश्वर है जीवन के पटल पर,
आत्मा तय करती है मरणोपरांत का सफ़र।

खुद से अगर मिलना है तो आओ! चलो करें,
खल्वत में खुद से भेंट और एकांत का सफ़र।

प्रयोगों से लेकर सिद्धांत का सफ़र,
जीवन हैं! जन्म से देहांत का सफ़र।

        –  सौरभ शुक्ला

राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर शायरी (National Tourism Day shayari in Hindi)

मेरे होने से वो मुकम्मल है,
मेरे ना होने से अधूरी है। 

पूरी शिद्दत से पाने के लिए,
उसे खोने का डर जरूरी है।

मंजिलें बोझ लगने लगती हैं,
राह में हमसफर जरूरी है।

     – सौरभ शुक्ला 
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