पैंगोलिन के बारे में रोचक तथ्य | Interesting Facts about Pangolin in hindi

आज के इस लेख (Facts about Pangolin in hindi) में हम ऐसे जीव के बारे में बात करेंगे जिसकी तस्करी की जाती है और उसकी तस्करी के चर्चे काफी विख्यात है। पूरी दुनिया भर में ना जाने कितने जीव जन्तु और पशु पक्षी विद्यमान है सभी का अपना अपना महत्व होता है। लेकिन आज हम आपको पैंगोलिन जीव (Facts about Pangolin in hindi) के बारे में बताएँगे की पैंगोलिन क्या होता है? उसकी क्या विशेषता होती है? इनकी तस्करी के पीछे का कारण क्या है? 

पैंगोलिन ( सल्लू सांप ) के बारे में रोचक जानकारी | All Information and Facts about Pangolin in hindi

पैंगोलिन क्या होता है? और इसकी मुख्य विशेषता क्या है?

पैंगोलिन को “वज्रशलक” के नाम से भी जाना जाता है। यह Pholidota गण का एक स्तनधारी प्राणी है। इसका आकार काफी छोटा होता है। अगर हम बात करें तो इसका आकार एक चूहे से थोड़ा बड़ा होता है, लेकिन इसके शरीर के चारों और शलक आकार की संरचना बनी होती है। इसका वैज्ञानिक नाम मैनीस क्रेसिकाऊडाता होता है।

इसकी शलक काफी मजबूत होती है जोकि केरोटिन के बने होते है, यह पैंगोलिन को मजबूर सुरक्षा प्रदान करते है और अन्य जीव जन्तुओ से इसकी रक्षा करने के बहुत कारगर सिद्ध होते है। इसके सूंघने की शक्ति बहुत ही अधिक होती है। इसके साथ-साथ इसकी आंखे कमजोर भी होती है लेकिन यह खतरा भांपते ही कुंडली मार लेता है और एक फूटबॉल का आकार बना लेता है। जिसे जीव चट्टान समझ लेते है। यह जीव देखने में एक छोटा डायनासोर जैसा लगता है। पैंगोलिन पृथ्वी पर लगभग 60,000 वर्षों से पाये जाते है।

पैंगोलिन के फायदे

पैंगोलिन ( सल्लू सांप ) के बहुत से फायदे होते हैं, पैंगोलिन का मुख्यतः प्रयोग दवाइयों के निर्माण के लिए किया जाता है। इसका सबसे ज्यादा है इस्तेमाल चीन में किया जाता है, क्योंकि चीन में बहुत सी कंपनियां है जो इसकी खाल का उपयोग दवाई बनाने में करती है और उन दवाइयों को महंगी-महंगी कीमतों में बाजार में बेचा जाता हैं।

इसकी खाल से ब्लूट प्रूफ जैकेट, बहुत से सजावट के सामान का निर्माण किया जाता है क्योंकि इनकी खाल पर सिल्क बनी होती है जोकि काफी कठोर होती है।

पैंगोलिन भारत व अन्य देशों में कहां पाए जाते है? और यह क्या खाते हैं?

भारत में मुख्यतः पैंगोलिन उड़ीसा राज्य में सर्वाधिक पाए जाते हैं। अगर दुनिया भर की बात करे तो श्रीलंका नेपाल पाकिस्तान भूटान म्यांमार, इत्यादि देशों में पाए जाते हैं।

पैंगुलिन के भोजन की बात करे तो इसका मुख्य भोजन चिट्टी व दीमक होता है। इसलिए तो इसको चिट्टी खोर शलक कहा जाता है।

पैंगोलिन के बारे में 10 रोचक तथ्य (Interesting Facts about Pangolin in hindi)

1. पैंगोलिन की मुख्यता 8 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें कुछ प्रजातियां अफ्रीका में और कुछ प्रजातियां एशिया में पाई जाती हैं।

2. पैंगोलिन को काफी सारे नामों से जाना जाता है। अलग-अलग देशों में अलग-अलग नाम होते हैं लेकिन भारत में इसको “वज्रशलक”, “चीटीखोर “और  “सल्लू सांप” के नाम से जाना जाता है।

3. पैंगोलिन की संरचना अन्य जानवरों से अलग होती है इसका मुंह सूंड के आकार का होता है, जोकि सूंघने के काम आता है। क्योंकि जब यह चिट्टियों, छोटे कीड़ों व दीमक खाता है इसका सूंड का मुख्य कार्य सूंघने के काम में आता हैं।

4. पैंगोलिन के दांत नहीं होते हैं इसके शरीर पर चारों तरफ शलक आकार की आकृति बनी होती है जो कि काफी मजबूत होती है।

5. पैंगोलिन एक साल में एक ही बच्चे को जन्म देता है बच्चा तीन से चार महीने तक बिल में ही रहता है और मां के दूध का ही सेवन करता है। जन्म के वक्त यह लगभग 6 इंच लंबा और 12 ओंस (350 ग्रा) का होता है।

6. एक वयस्क पैंगोलिन लगभग 7 करोड़ कीड़े प्रतिवर्ष चट कर जाता है।

7. पैंगोलिन बिल बना करके रहता है और वह बाकी जानवरों से अलग होकर अपने जीवन गुजारता है।

8. इसकी लंबाई 3 मीटर के आसपास होती है और वजन की बात करें तो 35 से 40 किलो के बीच होता है।

9. यह जीव सामान्यतः परिस्थियों में लगभग 15 से 20 वर्ष तक आसानी से जिंदा रह सकता है।

10. पैंगोलिन की विश्वभर में सबसे अधिक मात्रा में तस्करी की जाती है यह एक विलुप्त होने वाली प्रजाति है। विश्व भर में इसके नामपर पेंगोलिन दिवस भी बनाया जाता है जोकि फरवरी के तीसरे हफ्ते में मनाया जाता है। इसकी सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखकर यह दिन मनाया जाता है।

पैंगोलिन की तस्करी व उसके पीछे का मुख्य कारण

पैंगोलिन की तस्करी का मुख्य कारण है कि इस जानवर की डिमांड पूरे विश्व भर में बहुत ज्यादा है। अगर सभी देशों की बात करूं तो चीन में इसकी डिमांड बहुत ही ज्यादा होती है, क्योंकि वहां पर इसका यूज दवाइयों के रूप में किया जाता है।क्योंकि इसकी शल्क से बनने वाली दवाइयों की कीमत काफी अधिक होती है जिस वजह से ज्यादा से ज्यादा कंपनियां इसको तस्कर से खरीद कर दवाइयों का निर्यात करती है।

पैंगोलिन की कीमत कितनी हो सकती है?

जिस तरह से अन्य जीवो कि मास को बेचा जाता है उसी तरह पेंगोलिन के मास को भी बेचा जाता है। पैंगोलिन एक स्तनधारी जीव है अगर इसकी international value की बात करें तो लगभग 2 लाख से अधिक होती है, और भारत में इसकी कीमत लगभग 25 से 30 हज़ार है। ऐसा इसलिए भी है क्यूंकि इनकी खाल से दवाइयों का निर्माण किया जाता है।

पैंगोलिन की तस्करी पर प्रतिबंध

विश्व भर में इनकी विलुप्ती होते देख 2017 में पेंगुलिन की तस्करी पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन अभी भी कुछ ऐसी जगह हैं जहां पर इनकी तस्करी बहुत अधिक मात्रा में होती है। अगर भारत में इस की बात की जाये तो ओडिशा एक ऐसा राज्य है जहां पर यह पाए जाते हो और इनकी तस्करी सर्वाधिक वही करी जाती है।

पैंगोलिन व अन्य जीव-जंतुओं का अस्तित्व

अगर धरती पर सभी जीवों का संतुलन बनाए रखना है तो सभी जीव-जंतुओं का अस्तित्व में रहना बहुत आवश्यक है। लेकिन वर्तमान समय में मनुष्य जाति अपने निजी स्वार्थ के लिए कुछ प्रजाति के जीव जंतुओं को तस्करी के माध्यम से उनका व्यापार करती है। जिसकी वजह से धीरे-धीरे यह प्रजातियां लुप्त होती जा रही हैं। अगर पैंगोलिन की बात करे तो वर्तमान समय में इनकी बहुत ही कम प्रजाति बची हुई हैं जो कि एक संकट का विषय है।

कुछ स्वार्थी लोग होते हैं जो पैसे कमाने के चक्कर में जीव जंतुओं की हत्या करना, महंगे महंगे दामों में उनको बेच कर धन अर्जित करने का काम कर रहे है, जो कि मानवता के बिल्कुल विपरीत है देशभर के सभी सरकारे इनकी रोकथाम पर लगातार प्रयास कर रही हैं।

पैंगोलिन की तस्करी को रोकना जरुरी

पैंगोलिन की तस्करी को रोकना हमारा कर्तव्य है। इनकी हर प्रजाति के बचाव व रखरखाव की जिम्मेदारी हम सभी की बनती हैं यदि प्रत्येक मनुष्य यह ठान ले की उसे किसी भी जानवर का व्यापार नहीं करना है, और ना ही किसी को करने देना है। देशभर में इनके व्यापार पर पूर्णतया रोक लग सकती है जो कि एक अच्छे जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य है, वह हमें निभाना चाहिए।

निष्कर्ष

आज के इस लेख (Facts about Pangolin in hindi) में हमने पैंगोलिन जीव के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करी है और इसके अलावा पैंगोलिन की होने वाली तस्करी से लेकर उसपर लगाए गए प्रतिबंध के बारे में भी जानकारी प्राप्त करी है। हम उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई  होगी। यदि जानकारी पसंद आई हो तो कृपया इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

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