शनि ग्रह के बारे में रोचक तथ्य | Interesting Facts about Saturn in hindi

हेल्लो दोस्तो आज के इस लेख में हम शनि ग्रह के रोचक तथ्यों (Facts about Saturn in hindi) के बारे में जानेंगे। जैसा कि हम जानते हैं शनि ग्रह को अंग्रेजी में saturn planet कहा जाता है। ये ग्रह सूर्य से ग्रहों की श्रेणी में छठे स्थान पर आता है। शनि ग्रह पूरे सौरमंडल के ग्रहों में दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है और पहला बृहस्पति ग्रह को माना जाता है।

शनि ग्रह (saturn in hindi) श्रेणी में बृहस्पति ग्रह के बाद आने वाला ग्रह है। इसको ग्रहों का गहना भी कहा जाता है। इस ग्रह के वलय (ring) देखने में बहुत आर्कषित और खूबसूरत लगते है। यह सूर्य से आने वाली किरणों को reflect करते है जिस कारण से यह ग्रह रात में देखने पर बहुत ही चमकीला और खूबसूरत दिखता है।

आज के इस लेख में हम शनि ग्रह के रोचक तथ्य में हम इसके स्थान, गति, संरचना और जीवन के अस्तित्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त करेंगे।

शनि ग्रह के बारे में रोचक जानकारी (Amazing facts about saturn in hindi)

(1) शनि ग्रह की घूर्णन दिशा पृथ्वी के समान ही है क्योंकि ये ग्रह भी पश्चिम से पूर्व कि ओर झुकी है। अगर शनि ग्रह के आकार की बात की जाए तो यह सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है। अधिक जानकारी के लिए आपको बता दें कि बृहस्पति ग्रह सबसे बड़ा ग्रह है।

आपको शनि ग्रह के इतिहास के बारे में बताए तो शनि ग्रह का नाम रोमन पौराणिक कथाओं के अनुसार गोड ऑफ जुपिटर के पिता के नाम पर रखा गया था।

(2) शनि ग्रह के चारों ओर एक वलय Rings देखने को मिलती है जिसकी वजह से यह पूरे सौरमंडल में सबसे ज्यादा आर्कषिक ग्रह भी माना जाता है। शनि ग्रह के चारों ओर जो छल्ले है वो काफी पतले है इन छल्लों को हम पृथ्वी से आसानी से एक छोटे से टेलीस्कोप की मदद से देख सकते हैं। इन छल्लों का निर्माण छोटे-बड़े धूमकेतु,  क्षुद्रग्रह, टूटे हुए चंद्रमाओं, चट्टानों, जमी हुई बर्फ, पानी और धूल इन सभी चीजों से हुआ हैं।

शनि ग्रह के रिंग व छल्लों को 14 भागों में विभाजित किया गया है। इन छल्लों के केवल A, B, C तीन भागों को ही हम धरती से देख पाते हैं। इसके रिंग की लंबाई 2 लाख 82 किलोमीटर चौड़ी है लेकिन इसकी चौड़ाई सिर्फ 300 फीट ही है।

(3) यदि आपसे कोई पूछे कि सौरमंडल में सबसे अधिक चांद किस ग्रह के है तो आप बृहस्पति ग्रह कहेंगे जी नहीं अब सबसे अधिक चांद वाला ग्रह शनि है जिसके 20 नये चांद खोजे गये हैं इसके पहले से ही 62 छोटे-बड़े चांद खोजे गये थे। लेकिन अब यह संख्या 82 हो गई है। इसका सबसे बड़े और प्रसिद्ध चांद टाईटन और रिया है इसमें से टाइटन उपग्रह बुद्ध ग्रह से भी अधिक बड़ा है। वैज्ञानिकों के अनुसार शनि ग्रह के 150 से भी अधिक चांद हो सकते हैं।

(4) इसके अलावा सौरमंडल में शनि ग्रह सबसे कम घनत्व (Density) वाला ग्रह है। इसका घनत्व केवल 0.69 है जोकि कि पानी के घनत्व से भी कम है। सबसे बड़ी रोचक बात यह है कि शनि ग्रह बड़ी सरलता से पानी के ऊपर तैर सकता है। इस ग्रह का घनत्व पृथ्वी के मुकाबले 8 गुना कम है।

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(5) शनि ग्रह 96.3% हाइड्रोजन और 3.25%  हीलियम जैसी गैसों से बना हुआ है। इसमें पानी सहित अन्य रसायनों की मात्रा बिल्कुल ना के बराबर है। इस ग्रह पर अमोनिया (Ammonia), एसिटिलीन (Acetylene), ईथेन (ethane), फॉस्फीन (phosphine), प्रोपेन (propane) और मीथेन गैस भी है। इसलिए इसे गैस जियांट (Gas Giant) भी कहा जाता है। वैज्ञानिक खोजों से यह भी पता चला है कि इस ग्रह में एक ठोस चट्टानी कोर भी मौजूद है जोकि हाइड्रोजन और हीलियम जैसी गैसों से घिरा हुआ है।

(6) अंतरिक्ष में भेजे गये खोजी यानों द्वारा शनि ग्रह के बारे में ये पता लगा है कि इस ग्रह पर हवा का बहाव बहुत तेज होता है करीब 1800 किलोमीटर प्रति घंटा जोकि पृथ्वी पर चलने वाली हवा से ये पांच गुना ज्यादा तेजी से चलती है और ये बात जानकर आप दंग रह जाएंगे कि शनि ग्रह पर चलने वाली हवाएं पूरे सौरमंडल में जितने भी ग्रह हैं उन सभी में चलने वाली हवा में सबसे तेज है।

(7) शनि ग्रह के व्यास (Diameter) की बात करे तो इसका व्यास 120536 किलोमीटर है। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि शनि (Saturn) में पृथ्वी के जैसे 760 ग्रह और शनि के जैसे 1600 ग्रह सूर्य के अंदर समा सकते हैं। इसके अलावा शनि ग्रह पर वायुमंडल का दबाव पृथ्वी की तुलना में 100 गुना ज्यादा है।

(8) शनि ग्रह हमारी पृथ्वी से 1.2 अरब किलामीटर दूर है। जोकि धरती (earth) और बृहस्पति ग्रह की दूरी का दोगुना है। बृहस्पति पृथ्वी से 58 करोड़ किमी दूर है और इसके अलावा शनि ग्रह पृथ्वी के व्यास के हिसाब से नौ गुना बड़ा है।

(9) शनि ग्रह का औसतम वेग 9.64 किलोमीटर प्रति सेकंड है। जबकि इसी के मुकाबले पृथ्वी का औसतम वेग 30 किलोमीटर प्रति सेकंड है जोकि अपने आप में काफी ज्यादा है। अगर हम सूर्य से शनि ग्रह की दूरी की बात करे तो करीब 1.4 billion (142,66,66,422) किलोमीटर है और शनि ग्रह की औसतम कक्षीय दूरी 1.43 x 109 किलोमीटर है। इसका एक साल पृथ्वी के 10,755.75 दिन के बराबर होता है। जो पृथ्वी के लगभग 29.14 साल के बराबर होता है।

(10) क्या आपको पता है? शनि ग्रह उन पांच ग्रहों में से एक है जिसको हम अपनी खुली आंखों से देख सकते हैं और ये ग्रह हमारे सौरमंडल की पांचवीं सबसे चमकीली वस्तुओं में से एक है

(11) शनि ग्रह के सतह की बात करे तो सौरमंडल के सभी ग्रहों में यह सबसे समतल व चपटा है और इसके कम द्रव्यमान के कारण यह अपने अक्ष पर बहुत तेज गति से घूमता है। जिसकी वजह से इसका एक दिन केवल 10 घंटे और 35 मिनट का होता है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण वैज्ञानिकों के द्वारा पहले ही दिया जा चुका है।

(12) आपको बता दें शनि ग्रह का औसतम तापमान -178°C के आसपास रहता है। इसके विपरित शनि ग्रह का आंतरिक भाग बहुत ही गरम होता है जिसका तापमान 11,700°C (21,000° F) तक के स्तर को बड़ी आसानी से पार कर लेता है।

(13) इस ग्रह पर आश्चर्य कर देने वाली एक बात ये भी है इस ग्रह का कोर का तापमान बहुत अधिक है जोकि सूर्य की गर्म सतह से भी बहुत अधिक है जिस कारणवश यह वायुमंडल में काफी अधिक मात्रा में ऊर्जा का उत्सर्जन करता रहता है। जोकि इस ग्रह पर तेज गति से चलने वाले तुफानों का मुख्य कारण है।

(14) शनि ग्रह पर पाई जाने वाली ऋतुएं सूर्य की किरणों से ज्यादा प्रभावित नहीं हो पाती है शनि ग्रह पर सूर्य की किरणों को पहुंचने में 79 मिनट का समय लग जाता है।

(15) Galileo Galile नाम के बड़े खगोल वैज्ञानिक द्वारा टेलीस्कोप से पहली बार 1610 में शनि ग्रह को देखा गया था। उन्होंने पाया कि ग्रहों के दोनों छोरो पर एक ही तरह के दो ग्रह है। जिसके निष्कर्ष में उन्होंने ये कहा कि ये planet triangle है। लेकिन समय के साथ शनि ग्रह को लेकर वैज्ञानिकों ने कई सारे मिशन किए जिससे ये बात साफ हो गई की galileo galile  ने जिस जोड़ी को देखकर इसे triangle planet का नाम दिया था वो असल में इस ग्रह के इर्द गिर्द उसके छल्ले थे।

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(16) आपको बता दें अब तक कुल 4 अंतरिक्ष यान शनि पर भेजे गए हैं जिसमे pioneer 11, Voyager 1, Voyager 2 और Cassini मिशन है।

Cassini  अंतरिक्ष यान 1997 को लांच किया गया था और यह यान 1 जुलाई 2004 को शनि की कक्षा में प्रवेश करने वाला पहला और शनि ग्रह पर भेजा गया चौथा अंतरिक्ष यान मिशन था। कसीनी मिशन में शनि ग्रह का 13 वर्षो तक विस्तृत अध्ययन किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य शनि के छल्लों व शनि ग्रह की संरचना का विस्तृत अवलोकन करना था।

आज के इस लेख में हमने शनि ग्रह (saturn in hindi) के बारे में पूरी जानकारी दी है। हम उम्मीद करते हैं आपको शनि ग्रह से जुड़े रोचक तथ्य पसंद आया होगा। अगर पसंद आया हो तो इसे अपने मित्रो और सगे संबंधियों के साथ शेयर अवश्य करें।

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