शहीद उधम सिंह भारत के वहीं क्रांतिकारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए अपने पिस्तौल की सारी गोलियां जनरल डायर के सीने में उतार दी।
जब 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ था उस दौरान भीषण नरसंहार में 1500 बेगुनाह लोगों को ब्रिटिश सैनिकों ने गोलियों से छलनी कर दिया था।
जलियांवाला बाग में इकट्ठा हुई भीड़ पर फायरिंग का आदेश देने वाला कोई और नहीं बल्कि जनरल डायर ही था। जब अमृतसर के जलियांवाला बाग में यह भीषण नरसंहार हुआ तो उधम सिंह भी वहीं पर मौजूद थे तथा भीड़ को पानी पिला रहे थे।
जलियांवाला बाग़ हत्याकांड के भीषण नरसंहार ने शहीद उधम सिंह को दहला दिया और उन्होंने उसी दिन प्रण ले लिया कि जब तक वह इस हत्याकांड के दोषी जनरल डायर की हत्या नहीं करेंगे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।
आखिरकार 13 मार्च 1940 में लंदन में हो रही एक बैठक के दौरान उधम सिंह ने अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर ली और जनरल डायर को गोलियों से भून दिया। हालांकि इसके बाद उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया तथा 31 जुलाई 1940 को फांसी दे दी गई।
फांसी के फंदे पर लटकते वक्त भी शहीद उधम सिंह के चेहरे पर किसी बात का पश्चाताप नहीं था बल्कि उन्हें एक संतोष था कि उन्होंने अपनी मातृभूमि से किया वायदा पूरा किया। इसीलिए प्रतिवर्ष 31 जुलाई को उनका बलिदान दिवस उधम सिंह शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
आज 31 जुलाई 2025 का दिन है तथा पूरे भारतवर्ष में उधम सिंह के बलिदान दिवस की तिथि पर उधम सिंह शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। अगर आप भी उधम सिंह की पुण्यतिथि पर संदेश भेजकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहते हैं तो हमारा पूरा लेख जरूर पढ़ें।
आज इस लेख के जरिए हम आपके लिए उधम सिंह के कुछ अनमोल विचार लेकर आए हैं जिनमें उनकी देशभक्ति झलकती रहती है। उधम सिंह के यह सुविचार आजकल के सभी युवाओं के लिए प्रेरणादयक हैं तथा यह संदेश देते हैं कि अपने मातृभूमि की सेवा किस तरह करनी चाहिए। आइए अब आपको Udham Singh Quotes In Hindi पर ले चलते हैं।
शहीद उधम सिंह के सुविचार (Shaheed Udham Singh Quotes in Hindi) –
जनरल डायर की हत्या करने के बाद जब उधम सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई तो उन्होंने अपने बचाव के लिए कोई दलील नहीं दी बल्कि कहा कि,
दस, बीस या पचास साल की सजा से मुझे कोई आपत्ति नहीं है, मुझे इस बात का संतोष है कि मैंने अपना कर्तव्य निभाया। - शहीद उधम सिंह
मौत से भयभीत होने के बजाय शहीद उधम सिंह ने मौत से आंखें मिलाकर कहा था कि,
मैं अपने देश के लिए मरने जा रहा हूं, मेरे लिए मातृभूमि की खातिर बलिदान (मृत्यु) से बढ़कर सम्मान और क्या हो सकता है।
भारत में ब्रिटिश सरकार की गंदी नीतियों का विरोध करने के लिए उधम सिंह ने ही यह नारा दिया था कि,
ब्रिटिश शासन को जड़ से हटा दो, इन गंदे कुत्तों को भारत से भगा दो!
शहीद उधम सिंह ने हमेशा ही भारत में ब्रिटिश हुकूमत की नीतियों का विरोध किया।
उधम सिंह ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की क्रूर घटना के बाद अपने मन में प्रतिशोध की ज्वाला जला रखी थी और यह ज्वाला उस दिन बुझी जब उधम सिंह ने इंग्लैंड की राजधानी लंदन जाकर अपने हाथों से जनरल डायर की हत्या कर दी।
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उधम सिंह शहीदी दिवस (पुण्यतिथि) पर कोट्स शायरी (Shayari On Udham Singh Quotes in Hindi)
भारतीयों के लहू का जिसने था प्रतिशोध लिया।
जाकर इंग्लैंड वहां पर जनरल डायर को भून दिया।
ऐसे शहीद उद्यम उधम सिंह, स्मृति में जिंदा रहते हैं।
जो मर गए थे देश हित में सर्वदा ही जिंदा रहते हैं।
वह मातृभूमि के सेवक होते हैं, उन्हें न मृत्यु का भय होता है, न परिस्थिति की चिंता। वह बस लड़े जाते हैं मातृभूमि के लिए। ऐसे ही थे सरदार उधम सिंह जी।
आज उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करें।
वीर सपूत उद्यम सिंह जी सदैव अमर रहें।
जिन्हें मृत्यु भी कभी डरा नहीं सकी।
जिन्हें परिस्थितियां कभी हरा ना सकी।
जो देश के लिए हंसते हंसते कुर्बान हो गए।
ऐसे वीर शहीद उद्यम सिंह को शत शत नमन।
जलियांवाला बाग की घटना का लिए संताप।
जनरल डायर से बदला लेने लंदन पहुंचे आप।
वहां पहुंच कर भरी सभा में ऐसी करनी कर डाली।
जनरल डायर की छाती गोली से छलनी कर डाली।
सरदार उधम सिंह जी अमर रहें।
वह शान से लड़े और फिर कुर्बान हो गए।
सरदारों की वीरता के एक निशान हो गए।
वीर उधम सिंह अमर रहें।
मातृभूमि की सेवा में अपना जीवन गंवाया था।
भारत भूमि धन्य है जिसने वीर उधम को जाया था।
उधम सिंह की पुण्यतिथि पर शत शत नमन!
उधम सिंह की प्रतिज्ञा से कांप उठा वह कायर था! था वह कोई और नहीं बल्कि जनरल डायर था! भारत से लंदन जाकर फिर थक कर आंख मिचौली से, उधम सिंह ने जनरल डायर को भून दिया था गोली से! शहीद उधम सिंह की पुण्यतिथि पर शत शत नमन!
जलियांवाला बाग की घटना से द्रवित होकर प्रण उठाया था, भले ही शहीद होना पड़ा लेकिन अपना फर्ज निभाया था! वह शख्स कोई और नहीं बल्कि उधम सिंह थे जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के दोषी जनरल डायर को लंदन में जाकर गोलियां मारी थी। उनकी पुण्यतिथि पर ऐसे महान व्यक्तित्व को शत-शत नमन।
बनकर फिर से जनरल डायर, वार करेंगे हरदम कायर! लेकिन तुम्हें ना डरना है, इस देश की सेवा करना है! बस उधम सिंह का ध्यान करो! अपना सर्वस्व बलिदान करो!! शहीद उधम सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि!
प्रतिशोध की ज्वाला धधक रही थी छाती में, डायर को गोली मारी थी जाकर फिरंगी माटी में! उधम सिंह शहीदी दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि!
सौगंध मातृभूमि के लेकर, प्रतिशोध की अग्नि जलाई थी! जब डायर को गोली मारी, तब कलेजे को ठंडक आई थी! Veer Shahid Udham Singh की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन और सादर श्रद्धांजलि!
तो दोस्तों आज इस लेख के जरिए हमने आपको शहीद उधम सिंह की पुण्यतिथि पर सुविचार, तथा शहीद उधम सिंह के सुविचार Udham Singh Quotes In Hindi के विषय में बताया। उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा।
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