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5G Spectrum क्या है? कैसे काम करती है? | 5g Spectrum kya hai

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जैसा कि आप जानते हैं कई अन्य देशों में जैसे अमेरिका, यूरोप, चीन इत्यादि 5G नेटवर्क की शुरुआत हो चुकी है। अब भारत मैं भी 5G नेटवर्क की शुरुआत होने वाली है क्योंकि हाल ही में 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी जी की अध्यक्षता में 5G स्पेक्ट्रम से संबंधित बातचीत हुई और नीलामी तय की गई। सभी टेलीकॉम कंपनियों ने इस नीलामी में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। आप सभी टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 5G नेटवर्क पर काम शुरू हो चुका है। आज के इस लेख में हम 5G spectrum से संबंधित सभी जानकारियां साझा करेंगे। कृपया इस लेख को पूरा पढ़ें।

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5G स्पेक्ट्रम (Spectrum) क्या है?

जैसा कि आप जानते हैं 5G एक नेटवर्क है जिसके माध्यम से हम इंटरनेट का उपयोग करते हैं। अभी हम 3G या 4G नेटवर्क का उपयोग करते हैं लेकिन अब हम आने वाले समय में 5G नेटवर्क का उपयोग करेंगे जिसके माध्यम से हम अधिक तेजी से इंटरनेट का उपयोग कर पाएंगे।

स्पेक्ट्रम एक प्रकार की फ्रीक्वेंसी होती है जो हवा में घूमती है। इसी स्पेक्ट्रम के लिए जगह जगह मोबाइल टावर लगाए जाते हैं ताकि यह फ्रीक्वेंसी सही तरह से बनी रहे।  इसी स्पेक्ट्रम के आधार पर कोई भी नेटवर्क संचालित होता है। 4G का स्पेक्ट्रम 5G से थोड़ा कम होगा। क्योंकि 5G की इंटरनेट स्पीड 4G से अधिक होगी। सभी टेलीकॉम कंपनियों को एक सही मात्रा में स्पेक्ट्रम दिया जाता है यदि वह कंपनी उस स्पेक्ट्रम का उपयोग जरूरत से अधिक करती है तो उस पर जुर्माना भी लगता है।

5G Spectrum क्या है? 5G Tower, a men hand with phone

5G Spectrum कैसे काम करती है?

5G नेटवर्क विभिन्न स्पेक्ट्रम बैंड के आधार पर कार्य करेगी। जिसमें तीन बैंड, निम्न मध्य और उच्च,  शामिल है। प्रत्येक स्पेक्ट्रम बैंड अलग-अलग क्षमताओं पर कार्य करेंगी।

कम Spectrum वाली बैंड Coverage अधिक देगी लेकिन इंटरनेट की गति कम होगी। मध्य बैंड जितनी अधिक coverage देगी उतनी ही इंटरनेट की गति भी देगी। उच्च बैंड सबसे अधिक इंटरनेट की गति प्रदान करेगी लेकिन यह कवरेज छोटा देगी। यानी कि कम दूरी तक ही अच्छा गति प्रदान करेगी।

5G नेटवर्क का उद्देश्य इंटरनेट की गति को तेज करना है और किसी भी इंटरनेट संबंधित कार्य करने में कम विलंब होने का समर्थन करना है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए 5G वायरलेस ऑपरेटर स्कोर 5G स्पेक्ट्रम की अधिक मात्रा में जरूरत पड़ेगी।

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5G नेटवर्क क्या है?

5G नेटवर्क सबसे आधुनिक अस्तर का नेटवर्क होगा जैसे इस समय 4G नेटवर्क सबसे तेज गति वाला नेटवर्क है उसी तरह 5G 4G से भी ज्यादा तेज गति वाला नेटवर्क होगा। 5G 4G से ज्यादा क्षेत्रों में मौजूद होगा और इसका अनुभव भी यूजर फ्रेंडली होगा। 5G नेटवर्क की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यह लो बैंड से लेकर हाई बैंड तक की आवृत्ति देगा। 5G नेटवर्क के माध्यम से हम किसी भी ऐप, videos, या Photos को बहुत ही कम समय में डाउनलोड करने में सक्षम होंगे।

5G नेटवर्क के फायदे

5G नेटवर्क के आने से कई फायदे हैं जो 5G नेटवर्क के उपयोगकर्ताओं को मिलेंगे।

  • 5G नेटवर्क में डाउनलोड करने की इंटरनेट स्पीड 10 गीगाबाइट प्रति सेकेंड होगी।
  • 5G नेटवर्क में किसी भी फाइल को अपलोड करने की स्पीड 1GB प्रति सेकेंड तक की हो सकती है।
  • 5G नेटवर्क ज्यादा दूर के क्षेत्रों में भी बिना इंटरनेट स्पीड को कम किए सही तरीके से कार्य करेगा। साथ ही यह एक साथ कई डिवाइस के साथ जुड़ कर भी 1GB तक का इंटरनेट स्पीड प्रदान करेगा।
  • 5G नेटवर्क के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बहुत ही आसान हो जाएगा और यह अस्पतालों, हवाई अड्डा जैसे जरूरी जगहों पर काम आ सकता है।

5G नेटवर्क के नुकसान

  • 5G नेटवर्क के कई नुकसान भी सामने आए हैं जो कि इस प्रकार है।
  • 5G नेटवर्क के आने से डाटा प्लान महंगे हो सकते हैं।
  • 5G नेटवर्क से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है और जलवायु परिवर्तन हो सकती है।
  • एक शोध में पाया गया है कि 5 जी की तरंगे किसी दीवार को भेजने में सक्षम है जिसके कारण यह ज्यादा दूर तक अपना नेटवर्क नहीं चला पाएगा इसलिए इस नेटवर्क को कमजोर माना जा रहा है।

5G Spectrum की नीलामी

अन्य देशों में 5G नेटवर्क की शुरुआत पहले ही हो चुकी थी और अब भारत भी 5G नेटवर्क की सेवाओं की शुरुआत करने वाला है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में दूरसंचार विभाग को 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी करने की मंजूरी मिली है। जुलाई के अंत में 26 जुलाई को यह 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू हुई थी और 1 अगस्त को 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी खत्म हुई है।

इस नीलामी में कुल 1.5 लाख करोड रुपए से भी ज्यादा मूल्य के फायदे स्पेक्ट्रम की रिकॉर्ड बिक्री हुई है। इसमें शामिल हो गए टेलीकॉम कंपनियों को 20 साल के लिए स्पेक्ट्रम फ्रीक्वेंसी की लिस्ट मिली है। यह अभी तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम की नीलामी रह चुकी है।

5G Spectrum की नीलामी में कौन शामिल थे?

5G स्पेक्ट्रम की नीलामी में कई अलग-अलग टेलीकॉम व्यापार के लोग शामिल हुए थे। रिलायंस और जियो ने भी इस नीलामी में हिस्सा लिया था। भारतीय एयरटेल वोडाफोन आइडिया ने भी नीलामी में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

अदानी टेलीकॉम ग्रुप में भी इस स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग लिया था। सरकारी टेलीकॉम के साथ-साथ निजी टेलीकॉम सर्विस 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी में शामिल हुए थे। बताया गया है कि कुल 4 कंपनियों ने इस स्पेक्ट्रम में भाग लिया था।

5G Spectrum नीलामी में लगाई जाने वाली बोलियां

5G spectrum नीलामी में सबसे अधिक बोली जिओ टेलीकॉम कंपनी ने लगाई है। सूत्रों के अनुसार रिलायंस जिओ द्वारा 88, 078 करोड़ रुपयों की बोली लगाई गई है।

दूसरे नंबर पर सबसे अधिक बोली लगाने वाली टेलीकॉम कंपनी एयरटेल थी। इसने 43,084 करोड़ की बोली लगाई। तीसरे नंबर पर वोडाफोन आइडिया ने सबसे अधिक बोली लगाई। इन्होंने 18,784 करोड़ की बोली लगाई थी।

अदानी डाटा नेटवर्क 5G स्पेक्ट्रम में बोली लगाने में चौथे स्थान पर रहे।  इन्होंने कुल 212 करोड रुपयों की बोली लगाई। सूत्रों द्वारा पता चला है कि अदानी कंपनी ने 26 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम खरीदा है। हालांकि सभी आंकड़े गिने जाने के बाद ही सभी कंपनियों के सही आंकड़े पता चलेंगे। यदि हम बात करें चारों कंपनियों द्वारा बोली लगाए जाने की तो कुल 150173 करोड़ रुपयों की 5G स्पेक्ट्रम खरीदे गए हैं। सरकार द्वारा कुल 72 गीगाहर्टज 5G स्पेक्ट्रम नीलामी के लिए रखे गए थे। जिसमें से 51,236 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम की बिक्री हुई है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने आपको 5G Spectrum क्या है? आर इससे से संबंधित सभी जानकारियां प्रदान की। उम्मीद है कि इस लेख द्वारा आपको 5G नेटवर्क और इससे जुड़ी नीलामी की जानकारियां मिल पाई होंगी। यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी अवश्य साझा करें।

FAQ

भारत में 5G नेटवर्क कब लॉन्च होगा?

भारत मे 5G नेटवर्क 2022 मे लॉंच हो सकता है क्यूंकी भारत सरकार द्वारा 5G नेटवर्क की टेस्टिंग के लिए मंजूरी दे दी गयी है।

कितने देशों में 5G नेटवर्क है?

यूरोपीय देशों के अलावा चीन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कई दक्षिण अमेरिकी देश और कुछ अफ्रीकन देशों में 5जी सर्विस चालू है।

क्या भारत 5G के लिए तैयार है?

भारत सरकार ने टेलीकॉम कंपनी को भारत मे 5G ट्राइल के लिए मंजूरी दे दी है जिससे यह पता चलता है की भारत 5G नेटवर्क के लिए तैयार है।

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