वरुण ग्रह के बारे में रोचक तथ्य | 16 Interesting Facts about Neptune planet in hindi

Facts about Neptune planet in hindi : आज के इस लेख में हम वरुण ग्रह के बारे में जानेंगे। Neptune Planet जो हम हिंदी में वरुण ग्रह के नाम से प्रसिद्ध है और ग्रीक भाषा में यही ग्रह Poseidonas Planet नाम से मशहूर है और हमारे सौरमंडल का सबसे आखिरी ग्रह है।

वरुण ग्रह के अगर बात की जाए तो ये ग्रह सूर्य से सबसे ज्यादा दूर है और चौथा सबसे बड़ा है Neptune Planet है और यह इतना ठंडा ग्रह है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। तो आइए वरुण ग्रह से संबंधित रोचक तथ्यों पर एक दृष्टि डालते हैं।

वरुण ग्रह के बारे में रोचक जानकारी (Facts about Neptune planet in hindi)

1. वरुण ग्रह (Neptune Planet) को टेलीस्कोप के माध्यम से मनुष्य द्वारा पृथ्वी पर रहकर नहीं देखा जा सकता है। क्यूंकि वरुण ग्रह पृथ्वी से काफी दूर है और कई साल पहले गैलीलियो ने टेलीस्कोप की सहायता से Uranus के बाद क्या है? उसको देखना शुरू किया तब उन्होंने star और Planet की Drawing बनाई थी जिसमे गैलीलियो ने point (-) बनाकर star और planet को दर्शाने कि कोशिश की थी लेकिन उस ड्राइंग एक point उस जगह पर था जहां पर Neptune planet स्थित था और गैलीलियो से एक गलती हो गई कि उन्होंने उस बिन्दू (point) को केवल एक तारा समझ लिया। इसी वजह से गैलीलियो को Neptune का अविष्कारक नहीं माना जाता है।

2. उसके बाद अनेकों वैज्ञानिकों ने वरुण ग्रह के ऊपर अपने अपने तरीके से खोज शुरू की मगर कोई भी पुख्ता तौर पर नहीं बता पाया कि ये तारा है या कोई ग्रह है और कहां पर स्थित है।

लेकिन कई साल बीतने के बाद आिखर कार अंत में 23 September 1846 में Urban Jean Joseph le Varrier ने Neptune planet की खोज की। इसकी खोज के केवल 17 दिनों में ही Neptune पर सबसे बड़े चंद्रमा की खोज कर दी गई थी।

3. वरुण ग्रह को अगर हम व्यास के आधार पर देखें तो चौथा सबसे बड़ा ग्रह है और द्रव्यमान की स्थिति में देखें तो तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है। नेपच्यून ग्रह पर मीथेन गैस काफी ज्यादा है इसी कारण से इसका रंग नीला है।

4. नेपच्यून ग्रह (Neptune Planet) पर 14 चन्द्रमा मौजूद है इसमें से 13 चंद्रमा एक साथ दिखते है और सबसे बड़ा जो चंद्रमा है उसका नाम ट्राइटन (triton) है। इसकी खोज विलियम लासेल ने नेपच्यून की खोज के 17 दिन बाद 10 अक्टूबर 1846 में की।

एक बात चौंका देने वाली है Triton की भी एक खास बात है वो ये कि वरुण ग्रह पर बाकी दूसरे चंद्रमा के भांति सीधा ना घूमकर उल्टी दिशा में घूमता है। ट्राइटन चन्द्रमा नेप्चून से भी बहुत अधिक ठंडा है। सौरमंडल में सबसे अधिक ठंडा उपग्रह यही है। इसका तापमान सामान्यतः -391 डिग्री रहता है।

5. वरुण ग्रह का एक दिन 16 घंटे का ही होता है। जबकि सौरमंडल में बृहस्पति ग्रह का एक दिन 9 घंटे 56 मिनट और यूरेनस का एक दिवस 17 घंटे 14 मिनट का होता है।

6. अगर हम वरुण ग्रह पर चलने वाली हवा कि बात करें तो हद से ज्यादा तेज है करीब 1200 mph की तीव्र वेग से हवा चलती है। जोकि पृथ्वी के मुकाबले 9 गुना ज्यादा तेज है। उदाहरण के तौर पर समझे तो अगर इतनी ही तेजी से पृथ्वी पर हवा चल जाए तो कई सारे पेड़ जड़ से उखड़कर गिर सकते है।

7. वरुण ग्रह को gas planet के नाम से भी जाना जाता है। क्यूंकि इस ग्रह पर सभी ग्रह के मुकाबले सबसे ज्यादा गैस उपलब्ध है। ऊपरी atmosphere पर हाइड्रोजन गैस (80%), हीलियम गैस (19%) और बाकी methane गैस है।

8. वरुण ग्रह को सूर्य का पूरा एक चक्कर लगाने में 164.79 पृथ्वी वर्ष लगते हैं। इसकी कक्षा की औसतन दूरी पृथ्वी से 30 गुना दूरी पर स्थित है। सूर्य से इसकी कक्षा की दूरी 2.8 बिलीयन मील (4.5 बिलीयन किमी) है।

9. वरुण ग्रह का द्रव्यमान की तुलना यदि पृथ्वी ग्रह से करे तो यह 17 गुना अधिक होगा। जोकि 1,02,410 अरब खरब किग्रा है। यह पृथ्वी से 58 गुना अधिक बड़ा ग्रह है।

10.  अगर हम वरुण ग्रह के आन्तरिक भाग (inner part) की बात करें तो दो चीज से मिलकर बना है, Core और mantle- कोर चट्टानी परत है और पृथ्वी की तुलना में 1.2 गुना बड़ी है और mantle की परत methane और अमोनिया नामक गैस के मिश्रण से बनी है।

11. वरुण ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र की बात की जाए तो पृथ्वी से करीब 27 से 30 गुना ज्यादा प्रभावशाली है। पूरे सौरमंडल में नेपच्यून ग्रह का गुरुत्वाकर्षण बल बृहस्पति ग्रह के बाद सबसे अधिक है।

12. अगर इसके औसतन तापमान की बात की जाए तो minus मे चला जाता जाता है (-212 C) इसी कारणवश यहां पर ठंडी बहुत ही ज्यादा रहती है

13. नेपच्यून ग्रह पर 1340 किलोमीटर प्रति सेकंड की वेग से काफी तेज ठंडी हवा बहती है इसके अलावा इस ग्रह का जलवायु वेग भी काफी ज्यादा एक्टिव है इसके ऊपरी सतह पर बड़े बड़े तूफान आए दिन आते रहते हैं।

14. वरुण ग्रह के भी अन्य gases planet की तरह ही छल्ले (ring) है लासेल, अरागो, रिंग ऐडम्स, लीबैरियर और गाले है

जिसकी खोज वाइजर 2 नामक स्पेसक्राफ्ट के द्वारा कि गई थी। ये छल्ले saturn planet rings की भांति चमकदार नहीं है बल्कि बहुत ही पतले और धुंधले है।

15. अगर इसको किसी दूरबीन के माध्यम से देखा जाए तो ये टूटे हुए चाप की तरह नजर आएंगे। वाइजर 2 नामक अंतरिक्षयान (Spacecraft) को नेपच्यून की स्टडी के लिए ही भेजा गया था और उससे आने वाले तूफान atmosphere temperature composition आदि के बारे में जानकारी मिली और उसी स्पेसक्राफ्ट (Spacecraft) के माध्यम से ही वरुण ग्रह की कई सारी तस्वीरें भी देखने को मिली थी।

1982 में ही वाइजर 2 ने नेपच्यून पर एक बहुत बड़ा तूफान भी खोजा था जिसे The Great Dark Spot नाम दिया गया क्यूंकि ये देखने में काफी dark colour का था।

16. नेपच्यून की एक और खासियत ये है कि ये भी दूसरे giant planet की भांति internal heats generate करता है जो कि सूर्य से मिलने वाली एनर्जी से लगभग 2.61 गुना अधिक एनर्जी सौरमंडल में radiate कर देता है।

नेपच्यून ग्रह पर होती है हीरे की बारिश (Diamond Rain in Naptune)

17. नेपच्यून ग्रह सौरमंडल के सभी ग्रह में सूर्य से सबसे अधिक दूरी का ग्रह है जिसके कारण यह सभी ग्रहों में से सबसे ठंडा ग्रह है। इसका तापमान -200 से अधिक नहीं हो पाता है जबकि वैज्ञानिकों का मानना है इसका तापमान -273 को होना चाहिए।

इसका प्रमुख कारण यह है कि नेपच्यून सूर्य से प्राप्त उष्मा से कहीं अधिक ऊर्जा सौरमंडल में छोड़ देता है और क्योंकि नेपच्यून पर मिथेन गैस भरपूर मात्रा में है जिसके कारण वहां भांप के बादल बन जाते है और वातावरण में दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है और इसी Atmospheric Pressure बनने की वजह से यहां हीरे की बारिश होती है।

वैज्ञानिकों के अनुसार यहां हीरे की बारिश का मुख्य कारण इस ग्रह का बुहत अधिक मात्रा में, अंतरिक्ष में ऊर्जा को छोड़ना है।

आज के इस लेख में हमने वरुण ग्रह के रोचक तथ्य (Interesting Facts about Neptune Planet in Hindi) के बारे में जाना। हम उम्मीद करते हैं आपको हमारा ये लेख पसंद आया होगा। अगर पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तो व रिश्तेदारों के साथ अवश्य शेयर करिएगा ताकि उनको भी Neptune से संबंधित जानकारी मिल सके।

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