समुंद्र में तैरता पॉवर हाउस इलेक्ट्रिक इल मछली, जो देती है 600 वोल्ट का झटका | Facts about Electric Eel Fish in hindi

क्या आपको पता है कि जीव हमारी पृथ्वी पर हो या समुंद्र में वो खतरनाक जरूर होता है। विश्वभर में ऐसे कई सारे जीव मौजूद है जो बहुत ही रहस्यमई है।

आज के इस लेख में हम ऐसे जीव के बारे में बताएंगे जो समुद्र में चलता फिरता पावर हाउस है जो घतरा महसूस होने पर अपने शिकारी को बिजली का झटका देकर मार देती है।

इस रहस्यमई जीव का सामना बड़े से बड़ा और शक्तिशाली जीव भी नहीं कर पाता है। इसका नाम इलेक्ट्रिक इल है और यह एक मछली की प्रजाति है। जो कि अपने शरीर से 600 वोल्ट से भी अधिक वोल्ट का करंट पैदा करने में सक्षम है।

दोस्तो, जहां ब्लू व्हेल और शार्क जैसे खतरनाक जीव है वहीं इलेक्ट्रिक इल जैसी मछली भी है। जो अपने शरीर से बिजली के झटके देती है। आज के इस लेख में हम इलेक्ट्रिक इल से जुड़े रोचक तथ्य (Facts about Electric Eel Fish in hindi) जानेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं।

इलेक्ट्रिक इल से जुड़े कुछ रोचक तथ्य (All information and Facts about Electric Eel Fish in hindi)

इलेक्ट्रिक इल की प्रजातियां

बिजली का करंट मारने वाले मछली इलेक्ट्रिक इल का वैज्ञानिक नाम Electrophorus Electricus है।

पूरे विश्व में इलेक्ट्रिक इल फिश की 20 से भी ज्यादा प्रजातियां मौजूद है, इनमे से लगभग 3 प्रकार की प्रजातियां तो हमारे भारत में ही मौजूद है। आज से करीब 150 से 250 साल पहले इस मछली के बारे में लोगो को पता ही नहीं था। एक शोध में इस मछली के बारे में हम सब को पता चला था। आगे हम इस अद्भुत मछली के बारे में कई सारी चीजे जानेंगे।

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इलेक्ट्रिक इल की बनावट (Electric Eel Fish hindi)

इलेक्ट्रिक इल की बनावट कुछ ऐसी होती है कि पहले लोगों को यह लगता था कि यह कोई मछली नहीं बल्कि कोई खतरनाक सांप है लेकिन वर्ष 1977 में एक यूरोपीय वैज्ञानिक ने अपनी शोध मे ये साबित कर दिया कि ये कोई सांप नहीं बल्कि एक भयानक मछली की प्रजाति है। क्यूंकि इसकी बनावट बिल्कुल मछली कि तरह है।

इलेक्ट्रिक इल पर किए गए वैज्ञानिक प्रयास

बहुत साल पहले जब इलेक्ट्रिक इल के बारे में जब लोगो को पता नहीं था। तब वैज्ञानिक इसके बारे में और भी अधिक जानकारी जुटाना चाहते थे कुछ वैज्ञानिको का ऐसा मानना था कि इसके अंदर लिमिटेड मात्रा में करंट होता है जैसे कि किसी बैटरी की तरह उसका भी इलेक्ट्रिसिटी डिस्चार्ज ही जाता होगा। इसी की वजह से कुछ वैज्ञानिक घोड़ों का प्रयोग करके इलेक्ट्रिक इल के बारे में जानकारी प्राप्त करते थे।

घोड़ों के पैर में कुछ बांध कर पानी में जाते थे और इलेक्ट्रो ईगो बहुत देर तक परेशान करने के बाद उन्हें पकड़कर बाहर लाते थे यह जानने के लिए कि उसका इलेक्ट्रिसिटी डिस्चार्ज हुआ या फिर नहीं इसके अलावा कुछ वैज्ञानिकों को इस मछली में इतनी अधिक दिलचस्पी थी कि वे मछली को सीधे अपना हाथ लगाकर इलेक्ट्रिसिटी नापते थे। 

इन सब के पश्चात वैज्ञानिकों ने यह पता लगाया इलेक्ट्रिक इल में एक ऐसा अंग होता है जिससे वे लगातार इलेक्ट्रिसिटी पैदा कर सकती है।

इलेक्ट्रिक ईल करंट कैसे पैदा करती है?

इलेक्ट्रिक ईल और इलेक्ट्रिक कैट फिश नामक मछली सिर्फ अपने आप को बचाने के लिए ही नहीं अपितु शिकार करने के लिए भी बिजली के झटके का प्रयोग करती है। अब सवाल उठता है कि इलेक्ट्रिक इल में ऐसा क्या है जिससे वो करंट पैदा करने में सक्षम है और करंट पैदा कहां से होता है?

इलेक्ट्रिक इल में बॉडी पार्ट्स में millions of cell होते हैं। जोकि बैटरी की तरह काम करता है और उसे इलेक्ट्रोसाइट कहते है। इसमें पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों चार्ज होते हैं और ये millions of cells एक दूसरे से (series) में जुड़े होते हैं और इसी तरह से ये एक बड़ी बैटरी का निर्माण कर लेते हैं। इसी कारण से जब इलेक्ट्रिक इल को किसी जानवर पर अटैक करना होता है।

तो इसका सेंटर nervous system command देता है। और जैसे ही यह command इन सब सेल्स के पास पहुंचता है। तो यह सभी सेल एक दूसरे के साथ में जुड़कर एक पॉवरफुल इलेक्ट्रिक शॉक जेनरेट (generate) करती हैं और एक साथ पूरी power के साथ में जो भी जानवर है उसको जबरदस्त शॉक देकर मार देते हैं या बेहोश कर देते हैं। (Source)

इलेक्ट्रिक ईल को तय करना पड़ता है लंबा सफर

इलेक्ट्रिक इल एक लौती ऐसी मछली है जिसको प्रजनन करना होता है और उसके लिए इन्हे समुद्र के बीचों बीच पहुंचना होता है। उसके लिए उन्हें 3000 से लेकर 5000 किलोमीटर तक का रास्ता तय करना होता है और इसको तय करने के लिए इन मछलियों को महीनों तक का समय लगता है। तब तक यह मछलियां बिना खाए पिए हजारों किलोमीटर तक का सफर तय करके समुद्र के बीचो-बीच पहुंचती है।

इसी कारण से इनका पाचन तंत्र पूरी तरह से गल कर समाप्त हो जाता है जिसके कारण इन्हें भूख और प्यास नहीं लगती है। इनका केवल एक ही लक्ष्य होता है अपने गंतव्य तक पहुंचना।

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इलेक्ट्रिक इल से जुड़े कुछ रोचक तथ्य (Interesting Facts about Electric Eel Fish in hindi)

अब हम इलेक्ट्रिक इल से संबंधित रोचक तथ्य जानेंगे। आइए जानते हैं

  • इलेक्ट्रिक इल इकलौती ऐसी मछली है जो मीठे पानी में भी रहती है और समुद्र में भी रह सकती है। अगर समुद्र मैं रहने वाली शार्क मछली कोटडी के मीठे पानी में छोड़ दिया जाए तो उसकी मौत हो जाएगी परंतु इलेक्ट्रिक इल ऐसी मछली है जो दोनों तरह के पानी मे आराम से रह सकती है।
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि इलेक्ट्रिक ईल ऐसी मछली जो 600 से लेकर 800 वोल्ट तक का करंट पैदा कर सकती है। जो कि एक हाथी जैसे जानवर को भी बेहोश करने के लिए पर्याप्त है।
  • इलेक्ट्रिक इल ऐसी मछली है जिसके बारे में पता करने के लिए वैज्ञानिकों ने अनेकों कोशिश की है और इसको छू छू कर वे इलेक्ट्रिसिटी नापते थे।
  • वैज्ञानिकों का कहना है अगर एक मगरमच्छ का सामना इलेक्ट्रिक एल से हो तो वह मगरमच्छ को 2 मिनट में बेहोश कर सकती है। हालांकि मगरमच्छ के पास दुनिया का सबसे मजबूत जबड़ा है परंतु इलेक्ट्रिक इल के आगे वो भी नाकाम है। क्यूंकि इलेक्ट्रिक इल इलेक्ट्रिसिटी पैदा करके इलेक्ट्रिक शॉक देकर मगरमच्छ को बेहोश कर सकती है।
  • इलेक्ट्रिक इल ऐसी मछली है जिसके अंदर millions of cells मौजूद होती है। जिससे इलेक्ट्रिसिटी पैदा होती है।
  • इलेक्ट्रिक ईल की 20 से भी अधिक प्रजातियां पाई जाती है और सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक इल 800 से 900 वोल्ट तक का करंट पैदा कर सकती है।
  • इलेक्ट्रिक इल ऐसी मछली है जो अपने जीवन में प्रजनन करती है और उस समय काफी कष्टों का सामना भी करती है और प्रजनन करते-करते 4000 से 6000 किलोमीटर तक का सफर तय करती है।
  • इस फैक्ट को जानकर आप शौक हो जाएंगे वो ये की इलेक्ट्रिक इल ऐसी मछली है। जिसे ना तो भूख लगती है और ना ही प्यास लगती है।
  • इलेक्ट्रिक इल ऐसी मछली है जो समुद्र के बीचों बीच पहुंचकर 50,000 से लेकर 1 लाख अंडे देती है।

आज के इस लेख में हमने इलेक्ट्रिक इल से संबंधित रोचक तथ्यों पर बात करी है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पसंद आया होगा। यदि ये लेख पसंद आया हो तो इसे ज्यादा से शेयर करें।

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