हरियल – ऐसा पक्षी जो कभी जमीन पर नहीं बैठता | Facts about Green pigeon hindi

आज हम ग्रीन कबूतर यानी कि हरियल पक्षी (Facts about Green pigeon hindi) के बारे में जानेंगे। पंछी तो आपने बहुत सारे देखें होंगे और उनके बारे मे जानते भी होगे पर दुनिया मे ऐसे बहुत से खूबसूरत और अनोखे पक्षी है जिन्हें आप ना जानते होंगे ना ही कभी इसके बारे मे सुना होगा।

आज हम आपको एक शर्मिले पक्षी के बारे में बताते हैं इसका नाम है हरियल, जिसे हम ग्रीन कबूतर यानि हरे रंग का कबूतर (green pigeon) भी कहते है (Hariyal Pakshi) यह महाराष्ट्र का राजकीय पक्षी है। इस पंछी की सबसे खास बात यह है कि यह हमेशा हवां में रहता है और ऊंचे-ऊंचे पेड़ों पर ही बैठता है। यह अपने हरे रंग की मदद से आसानी से घने वृक्षों में छुपा रहता है।

हरियल पक्षी की अनोखी और रोचक जानकारी (Interesting Facts about Green pigeon hindi)

हरियल पक्षी की शारीरिक विशेषता

हरियल पंछी का शरीर सामान्यत तौर पर हरा रंग या हल्के पीले रंग का होता है। इसका मुँह स्लेटी रंग का और आंखे नीले रंग की होती है इसके अलावा पंजोंव चोच का कलर पीला होता है इसके पंजे बहुत नुकीले और मजबूत होते है।

हरियल पक्षी | Facts about Green pigeon hindi

यह देखेंने में बहुत ही खूबसूरत और मनमोहक लगते है हरियल पंछी देखने में प्यारे लगते है उतने ही खतरनाक भी होते है जो अपने पंजे से किसी को भी घायल कर सकते है।

हरियल दिखने मे 30-35 सेंटीमीटर का होता है। वजन भी 200-300 ग्राम होता है। जैसे कि हमें पता है कि इनकी बहुत सी अलग-अलग प्रजातियां होती है वैसे ही अलग-अलग प्रजातियो में ये पंछी अलग-अलग रंग के पाये जाते है।

हरियल कहा पाये जाते है और कहा रहना पसंद करते है?

हम बड़े ही खुश-किस्मत है कि ये पंछी हमारे ही देश मे पाये जाते है और ये हमारे देश के प्रमुख राज्य महाराष्ट्र में अधिक पाये जाते है इनका रंग देखकर लोग इन्हें अपने दिल मे बसा लेते है और इन्हें देखने कि इच्छा करते है। पर ये बहुत किस्मत वाले लोगो को ही दिखते है। क्योंकि इन पंछीयों को देखना इसलिए बहुत मुश्किल है क्योंकि ये बहुत बड़े और ऊंचे पेड़ो पर रहना पसंद करते है। जिससे वो किसी के नजर मे आ ही नहीं पाते है। हरियल पंछी (Green pigeon) को 800 मीटर लंबे पेड़ो मे रहना पसंद होता है।

यह पक्षी पीपल, बरगद व गूलर जैसे ऊंचे-ऊंचे वृक्षों पर अपना डेरा डालते हैं यह एक सामाजिक पक्षी है और झुंडों में रहना पसंद करते हैं। हरियल पंछी कि बहुत सी अलग-अलग प्रजातियां होती है जो इंडिया, श्रीलंका, अफ्रीका, पाकिस्तान में पायी जाती है। यह भारत में रेगिस्तान को छोड़कर सभी क्षेत्रो में रहते हैं। इनकों ज्यादा गर्मी सहन नहीं होती हैं। इसलिए ये वहाँ नहीं जाते है। यह स्वभाव से शर्मीले होते है और मनुष्य के सामने नहीं आते हैं।

हरियल कभी जमीन पर क्यो नहीं आता?

क्या आप जानते है कि ये हरियल पंछी कभी जमीन पर नहीं आता है। जैसे कि मैंने आपको बताया कि ये पंछी काफी ऊंचे पेड़ों पर रहना पसंद करते है अगर ये पंछी जमीन पर आता भी है तो अपने पैर जमीन पर नहीं रखता। ये हमेशा अपने पंजों मे लकड़ी लेकर आता है। जिससे ये अपने पैर जमीन पर ना रख सके।

हरियल हमेशा पेड़ पर रहना पसंद करता है। इसलिए ये कभी जमीन पर नहीं आता है और यह एक ऐसा पंछी है जो पानी ना मिलने पर ऐसे रह जाएगा। वैसे भी यह पक्षी पानी से लेकर अपने खाने तक की सारी आवश्यकताएं पेड़ से पूरी कर लेता है और कभी जमीन पर नहीं उतरता है।

हरियल पक्षी क्या खाना पसंद करते है?

वैसे तो ये पंछी सब खाना पसंद करते है। हरियल एक शाकाहारी पक्षी है इसको फल खाना बहुत पसंद है यह पौधों के अंकुर, बीज, गेहूं, पेड़ों के पत्ते, बेर आदि ढूंढ-ढूंढकर चाव से खाता है। 

हरियल पक्षी की आवाज?

हरियल कि आवाज बहुत ही अच्छी होती है जैसे कि बहुत सारी पंछी एक साथ होकर सुबह की आवाज के साथ लोगो को उठा रही हो। इसकी आवाज सभी पंछीयों से अलग होती है। एक हरियल की आवाज एक कोयल से भी ज्यादा मधुर होती है आज बड़े ही दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि बहुत से लोग इस खूबसूरत पंछी का शिकार करते है जिससे यह पक्षी विलुप्ती की कगार पर है।

इन्ही कि वजह से हमारा पर्यावरण सुरक्षित है पंछी लोगो के पास आने मे डरते है और वो धीरे-धीरे इंसानों से दूर होते जा रहे है। हरियल पक्षी के पंजे पीले रंग के होते है जिसकी वजह से इंग्लिश में The yellow footed green pigeon भी कहते है। इसका वैज्ञानिक नाम Treron Phoenicoptera है।

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हरियल पक्षी से संबंधित रोचक तथ्य (Interesting Facts about Green pigeon in hindi)

1.  इस पक्षी की एक खासियत ये भी है कि इसका निवास ज्यादातर घने जंगलों और सदाबहार वनों में पाये जाते है।

2. हरियल पक्षी ( green pigeon) को 1985 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा राज्य का राजकीय पक्षी घोषित किया गया था।

3. यह पक्षी इन्सानों की तरह सामाजिक होते है और झुंड बनाकर रहते हैं।

4. आप सभी को ये जानकर हैरानी होगी कि हरियल पक्षी बहुत ही शर्मीला होता है। यह अपनी खाने की सभी आवश्यकताए पेड़ से पूरी करता है और पानी पीने के लिये भी पेड़ से जमीन पर नहीं आता है।

5. हरियल पक्षी शिकार बहुत अधिक होता है यह पक्षी बहुत ही चालाक होता है शिकारी के सामने यह मरने का नाटक करता है और मौका देखकर फुर हो जाता है।

6.  यह ऊंचे-ऊंचे वृक्षों पर अपना घर यानी घोसला बनाते हैं। यह सामान्यतः दो अंडे ही देता है और 13 दिन तक सेहते है। इसके अंडे चमकीले और सफेद होते है।

7. इस पक्षी के प्रजनन समय केवल 3-4 महीने का ही होता है मार्च से लेकर जून तक।

8. यह पक्षी मादा हरियल को गर्दन फुलाकर व नृत्य करके अपनी ओर आर्कषित करता है।

9. हरियल पक्षी को जामुन, बेर और चिरौंजी के फल बहुत ही ज्यादा पसंद होते है।

10. हरियल पक्षी से जुड़ी ये बात बड़ी अजीब है वो ये कि ये पक्षी हमेशा पेड़ के सबसे ऊपरी भाग मे बैठते है।

11. हरियल पक्षी एक शाकाहारी पक्षी है।

12. हरियल पक्षी का जीवनकाल लगभग 20-25 साल तक का होता है।

इस लेख में आपने एक अनोखे हरियल पंछी ( Facts about Green pigeon in hindi) के बारे में रोचक और गजब की अद्भुत जानकारी प्राप्त की। हमें आशा आपको यह जानकर बेहद खुशी हुई होगी कि हमारे देश में भी बहुत से खूबसूरत और अनोखे पंछी है। हमें उम्मीद है कि आपको इस लेख को पढ़कर मजा आया होगा। आपसे अनुरोध है कि इसे अपने तक न रखें और लोगों से अधिक से अधिक शेयर भी करें।

FAQ

प्रश्न- महाराष्ट्र का राजकीय पक्षी कौन सा है?

उत्तर- हरियाल पक्षी, ग्रीन कबूतर को 1985 में महाराष्ट्र का राजकीय पक्षी घोषित किया गया।

प्रश्न- हरियल पक्षी का का वैज्ञानिक नाम क्या है?

उत्तर- वैज्ञानिक नाम Treron Phoenicoptera है ।

प्रश्न- हरियल पक्षी को किन-किन नामों से जानते हैं?

उत्तर- इसको मराठी में होला और इंग्लिश में Green pigeon, The yellow footed Green pigeon या Yellow Legges Green Pigeon कहते हैं।

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