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लिखावट के बारे में मनोवैज्ञानिक तथ्य | Interesting Facts about Handwriting in hindi

नमस्कार पाठको आज के इस लेख में हम लिखावट के ऊपर बात करेंगे और लिखावट से जुड़े कुछ मनोवैज्ञानिक तथ्यों (Interesting Facts about Handwriting in hindi) पर भी एक नजर डालेंगे। क्या आपको पता है? आपकी लिखावट आपके स्वभाव को दर्शाती है। यूं कहूं तो आपकी लिखावट आपके स्वभाव का आइना होती है।

दुनिया में कई तरह के लोग है जो हल्के हाथ से लिखते है तो कोई दबाकर लिखते हैं, कोई छोटे अक्षरों में लिखता है तो कोई बड़े अक्षरों में लिखता है। कोई दाएं हाथ से लिखता है तो कोई बाएं हाथ से लिखता है। हर इंसान अपनी अपनी कार्यशैली के हिसाब से लिखता है। तो चलिए शुरू करते है और आपको लिखावट से जुड़े अन्य रोचक तथ्य बताते हैं।

लिखावट से होती है आपके व्यक्तित्व की पहचान (Interesting Facts about Handwriting in hindi)

लेखन मनोविज्ञान व ग्राफोलॉजी में व्यक्ति के स्वभाव का अध्ययन उसकी लेखन शैली यानी लिखावट से हम जान सकते है कि व्यक्ति का स्वभाव कैसा है वह किस प्रफोशन में है यानी किस फिल्ड का है। जब व्यक्ति अपने मन में चल रहे भावों, विचारों को कागज पर लिखता है तो उसके चेतन व अवचेतन दिमाग के भाव भी नजर आने लगते हैं। यह तो सभी को पता है कि दुनियां के लगभग सभी व्यक्तियों की लिखावट हमेशा अलग होती हैं। कोई छोटे अक्षरों को लिखता है कोई बहुत ही जल्दी लिखता है तो कोई बहुत ही सलिखे से सुंदर ढंग से लिखने की कोशिश करता है।

 Interesting Facts about Handwriting in hindi

Parkinson’s Disease से ग्रसित व्यक्ति की लिखावट बहुत छोटी और तंग होती है जिसे micrographia भी कहा जाता है।

तेज़ लिखने वाले व्यक्ति अधीर होते हैं उनमें सब्र काफी कम होता है वहीं दूसरी ओर धीरे लिखने वाले व्यक्ति शांत, व्यवस्थित और हर चीज सोच समझकर करने वाले होते हैं।

आइये जाने: –साइकोलॉजी व मनोविज्ञान से जुड़े रोचक तथ्य

• अक्षरों का आकार

सबसे पहले बात करते हैं अक्षरों के आकार की एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर आप छोटे अक्षरों में लिखते है तो आप काफी शर्मीले और अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति है और आप हर काम को फोकस के साथ करते हैं वहीं दूसरी ओर अगर आप बड़े अक्षरों में लिखते है तो आपको अपने ऊपर पूरा कॉन्फिडेंस है और आप किसी भी कार्य को खुले मन से करते है और आपका स्वभाव एकदम मिलनसार है और आपको लोगो के साथ बातचीत करना मित्रता करना और घुलना मिलना पसंद होता है।

• शब्दों के बीच की दूरी

अगर आप लिखते वक्त शब्दों के बीच में ज्यादा जगह छोड़ते हैं तो आप अपने हर काम को आजादी के साथ पूर्ण करते हैं और आप अपनी ही दुनिया में मस्त रहना पसंद करते हैं और आपको ज्यादा भीड़ भाड़ पसंद नहीं होती है। वहीं दूसरी ओर अगर आप शब्दों के बीच कम जगह छोड़ते हैं तो आपको सबके साथ रहना पसंद होता है और आप अकेले रहना बिलकुल पसंद नहीं करते हैं।

• पेन पकड़ने का अंदाज़

अगर आप पेन का इस्तेमाल करते वक्त उसे काफी तेजी से पकड़ते है तो इसका मतलब है कि आप उस काम में काफी ज्यादा फोकस्ड है और आपको आपकी बोली पर भरोसा होता है। बोली मतलब की एक बार जो कमिटमेंट कर दी फिर उसको पूरा करते ही हैं। ऐसे लोग भावात्मक भी होते हैं और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए काफी संघर्ष करते है।

वहीं दूसरी ओर अगर आप पेन को हल्के हाथ से पकड़ते है तो आप एक संवेदनशील व्यक्ति है और आप ऐसे काम को करना पसंद करते हैं जिसमे कम मेहनत लगे और ऐसे व्यक्ति हर परिस्थिति में अपने आपको बहुत जल्द ढाल लेते हैं। लड़कों की तुलना में लड़कियां ज्यादा है जो हल्के हाथों से पेन को पकड़ती है।

• लिखावट का झुकाव

अगर आप दाएं ओर झुका कर अपने शब्दों को लिखते हैं तो आपको लोगो के साथ घुलना मिलना पसंद है और आप फ्रेंडली होते हैं वहीं दूसरी ओर अगर आपका झुकाव बाएं ओर है तो आपका स्वभाव आत्मकेंद्रित होता है और आप अपने मे ही खोए रहते हैं। आपका स्वभाव ऐसा होता है कि आप लोगो के साथ जल्दी घुल मिल नहीं पाते हैं।

• हस्ताक्षर

अगर आप अस्पष्ट हस्ताक्षर करते हैं तो इसका मतलब है कि आप अपने आपको दूसरों के सामने जल्दी प्रकट करना पसंद नहीं करते हैं और अपने काम में privacy रखते हैं और अगर आप स्पष्ट हस्ताक्षर करते हैं तो आप खुद पर बहुत यकीन करते हैं और आपके पास छुपाने जैसा कुछ नहीं है और आप मनमौजी और मस्त स्वभाव के होते हैं। वहीं अगर आप अपने हस्ताक्षर के नीचे लाइन खीचते है तो आपके अंदर आत्मसम्मान की भावना है।

अक्षरों की बनावट

आपको जानकर हैरानी होगी की अक्षरों की बनावट से भी आपके स्वभाव का पता चलता है जैसे कि अगर आप ओ (O) लिखते समय हड़बड़ी में उसे पूरा बंद नहीं करें और उसे थोड़ा सा खुला छोड़ दें तो आपका स्वभाव व चाल और लोगो के साथ घुलना मिलना पसंद करते हैं। वहीं अगर आप (O) को पूरी तरह से बंद करके लिखते हैं तो आप प्राइवेट पर्सन है और आपको ज्यादा social होना पसंद नहीं है।

लेखन विश्लेषण व ग्राफोलॉजी का प्रयोग

ग्राफोलॉजी व लेखन मनोविज्ञान का प्रयोग सरकारी संस्थाओं व ब्प्क् द्वारा व्यक्ति की लिखावट से व्यक्ति के स्वभाव व मनोस्थिति को जांचने में बहुत उपयोगी होता है। बहुत सी प्राइवेट व सरकारी विभागों में किसी को जॉब में रखने से पहले लिखित एॅग्जाम व परीक्षा ली जाती है जिसमें उनकी हेडराइटिंग का विश्लेषण भी किया जाता है कि व्यक्ति का स्वभाव कैसा है और वह इस पोस्ट के लिये कितना उपयुक्त है।

विश्व में सबसे सुंदर हैंडराइटिंग किसकी है?

नेपाल की प्रकृति मल्ला जिनकी हैंड राइटिंग पूरे वर्ल्ड में सबसे अच्छी मानी जाती है। जिनकी हैंडराइटिंग के चलते प्रकृति मल्ला पूरे विश्व भर में famous है और इतना ही नहीं Microsoft Company ने उनके handwriting का font भी बनाया है और उस font को उस लड़की के उनके नाम पर रखा गया (Malla font).

डॉक्टर की लिखावट इतनी खराब क्यों होती है?

क्या आप जानते हैं डॉक्टरों की हैंडराइटिंग इतनी खराब क्यों होती है क्यूं उनका लिखा हुई prescription केवल एक मेडिकल स्टोर के भैया या मेडिकल कॉलेज के अध्यापक ही समझ पाते हैं।

ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारत के डॉक्टर्स की लिखावट खराब है बल्कि पूरे विश्व में यही मंजर है कि अपनी खराब लिखावट के चलते डॉक्टर्स मशहूर है। अगर इनके कब्लियत की बात करें तो ये बड़े बड़े कार्य इतनी सरलता से कर लेते हैं, लीवर ट्रांसप्लांट, हार्ट सर्जरी, पर ये अपनी लिखावट की सर्जरी आज तक क्यों नहीं कर पाए इसके ऊपर चर्चा करेंगे तो चलिए शुरू हैं। असल मे डॉक्टरों की हैंडराइटिंग खराब होने के एक नहीं बल्कि कई सारे कारण है आइए एक एक करके आपको स्पष्ट करते हैं।

मेडिकल एग्जाम्स का लंबा होना

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेना ही सब कुछ नहीं होता बल्कि वहां पर नोट्स बनाना और वहां पर एग्जाम देना काफी कठिन होता है। डॉक्टर्स का एग्जाम 2 भाग में बांटा जाता है पहला थ्योरी और दूसरा प्रैक्टिकल।

थ्योरी पार्ट्स में कई सारे ऐसे क्वेश्चन पूछे जाते हैं जिसमें ढेर सारे टॉपिक एक साथ कवर किया जाता है और मेडिकल लाइन में एक टॉपिक दूसरे टॉपिक के साथ जुड़ा होता है इसीलिए इसके जो आंसर होते हैं वह काफी लंबे होते हैं ऐसे में मेडिकल स्टूडेंट को बड़े लंबे लंबे आंसर लिखने पड़ते हैं।

मेडिकल एग्जाम में कुछ इस प्रकार से क्वेश्चन पूछे जाते हैं जिसका असर काफी लंबा होता है ऐसे में उनको उस long answer के लिए 25 marks मिलते हैं और एग्जाम में 2 long question आते हैं। और क्वेश्चन कुछ ऐसे होते हैं कि जिस पर पूरी एक बुक लिखी जा सकती है।

अब इन स्टूडेंट्स को 3 घंटे में इन questions का आंसर लिखना होता है तो जाहिर सी बात है कि हैंडराइटिंग तो खराब हो है जाएगी। मेडिकल एग्जाम में एक चीज अच्छी होती है कि स्टूडेंट्स की हैंडराइटिंग के लिए कोई भी नंबर नहीं काटा जाता है और marks स्टूडेंट की काबिलियत के अनुसार दिया जाता है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख मे हमने लिखावट से जुड़े मनोवैज्ञानिक तथ्य (Interesting Facts about Handwriting in hindi) पढ़े हैं। जिनको देखने के बाद हमें यह पता चलता है कि हमारी लिखावट हमारे स्वभाव का आईना होती है इसके अलावा हमने जाना कि पूरे विश्व में सबसे सुंदर हैंडराइटिंग किसकी है।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पसंद आया होगा। यदि पसंद आया हो तो इसे अपने मित्रों और रिश्तेदारों के साथ अवश्य शेयर करें।

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