जनरल बिपिन रावत का जीवन परिचय व निधन | General Bipin Rawat Biography hindi

आज के इस आर्टिकल में भारत के पहले सीडीएस अर्थात चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत जी के जीवन (General Bipin Rawat Biography hindi) विस्तार से जानते हैं। दोस्तों बिपिन रावत जी का पूरा नाम बिपिन लक्ष्मण सिंह रावत था जिनका जन्म उत्तराखंड के एक राजपूत परिवार में हुआ था।

एक सच्चे सैनिक के लिए उसका देश और उस देश की सेवा सर्वोपरि होती है। एक सैनिक अपने राष्ट्र की सेवा करने के लिए अपने परिवार और अपना निजी मनोरंजन को छोड़कर अपने देश के लिए अपनी जान की बाजी लगा देता है और चौबीसों घंटे अपने देश की सेवा में लगा रहता है।

अपने देश की सीमाओं की सुरक्षा करते-करते भारत के महान शूरवीरों की वीरगति की दुखद खबर आती रहती हैं उन्हें खुद नहीं पता कि कौन सा पल उनके लिए आखिरी होगा।

आज हम भारत के एक ऐसे ही जांबाज और वीर सैनिक की बात करने जा रहे हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता की सेवा में लगा दिया जी हां दोस्तों हम भारत के पहले सीडीएस अर्थात चीफ आफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत जी के बारें में बात कर रहें है।

बुधवार को 8 दिसंबर 2021 के दिन में तमिलनाडु में वायुसेना के हेलीकॉप्टर (Mi-17v5) के साथ हुई दुर्घटना में जनरल बिपिन रावत जी का देहांत हो गया जिसमें उनकी पत्नी समेत 13 लोग और शामिल थे। इतने बड़े हादसे से पूरा देश स्तब्ध हो गया है। यह हमारे राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती है। आइए जानते है जनरल बिपिन रावत जी के जीवन के बारे में।

विषय–सूची

जनरल बिपिन रावत का जीवन परिचय (General Bipin Rawat Biography hindi)

बिपिन सिंह रावत कौन थे?

बिपिन रावत जी भारत के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ (CDS) यानी कि भारत की तीनों सेनाओं के प्रमुख थे। यह बिपिन रावत जी के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। आपको बता दें कि इससे पहले भारतीय सेनाओं के परिपेक्ष में सेना प्रमुख की कोई भूमिका नहीं थी बल्कि राष्ट्रपति को तीनों सेनाओं का प्रमुख माना जाता था।

31 दिसंबर सन 2019 को बिपिन रावत जी को भारतीय जल थल और वायु तीनों सेनाओं का प्रमुख नियुक्त किया गया है। जिसके एक दिन बाद 1 जनवरी 2020 को उन्होंने अपना कार्यभार संभाला।

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बिपिन रावत का प्रारंभिक जीवन (Bipin Rawat, Early life, Birth, Education and Cast)

जनरल बिपिन रावत जी का जन्म 16 मार्च सन 1958 को हुआ था। इनका जन्म उत्तराखंड के एक हिंदू गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था।

उनके पूरे परिवार का भारतीय सेना की सेवा में बहुत बड़ा योगदान रहा है। बिपिन रावत के पिताजी लक्ष्मण सिंह रावत भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर नियुक्त थे। बिपिन रावत जी के पूरे परिवार का झुकाव शुरुआत से ही सेना के क्षेत्र में था क्योंकि उनका पूरा परिवार कई पीढ़ियों से भारतीय सेना में सेवा देता आ रहा है।

बिपिन रावत के बारे में जानकारी (Bipin Rawat bio, Age, caste Education, father name)

पूरा नाम (Full Name)श्री बिपिन लक्ष्मण सिंह रावत
जन्म (Date of Birth)16 मार्च 1958
पिता (Father Name)लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत
जन्म स्थान (Place of Birth)पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड , भारत
मृत्यु का कारण (Reason of Death)हेलीकाप्टर से दुर्घटना कुन्नूर, तमिलनाडु
निधन (Death)8 दिसंबर 2021
उम्र63 वर्ष
पेशाभारतीय सेना अधिकारी
राष्ट्रीयता (Nationality)भारत
धर्म (Religion)हिंदु गढ़वाली राजपूत
वैवाहिक स्थितिविवाह 1986
पत्नी का नाममधुलिका
दो बेटियां कृतिका और तारिणी

बिपिन रावत की शिक्षा (CDS Bipin Rawat Education)

बिपिन रावत जी की प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के कैंब्रियन हाल स्कूल, और उसके आगे की पढ़ाई सैंट एडवर्ड स्कूल से पूरी हुई जो कि शिमला में है।

अपने शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी अर्थात राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी खड़कवासला और उसके बाद भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में डिफेंस की शिक्षा ग्रहण की।

उत्तराखंड के देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी में दाखिले के पश्चात इन्हें स्वार्ड आफ ऑनर से सम्मानित किया गया।

अपने प्रारंभिक शिक्षा को ग्रहण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए बिपिन रावत जी अमेरिका चले गए और वहां से हायर डिफेंस की शिक्षा ग्रहण की।

विपिन रावत जी अमेरिका के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज से ग्रेजुएट हुए और उसके बाद फोर्ट लीवनवर्थ में हायर कमांड कोर्स की शिक्षा प्राप्त की।

बिपिन रावत का परिवार (Bipin Rawat Family and Personal Life)

बिपिन रावत जी का जन्म उत्तराखंड के एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था उनके पिता का नाम लक्ष्मण सिंह रावत का जो कि लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर थे।

इसके अलावा उनके चाचा भरत सिन्ह रावत सेना मे हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए।

इसके अलावा उनके एक और चाचा थे जिनका नाम हरिनन्द्न सिंह रावत था इन्होने भी भारतीय सेना में रहकर सेवानिवृत्ति ली।

बिपिन रावत का व्यक्तिगत जीवन (Bipin Rawat Wife and child)

बिपिन रावत जी की पत्नी का नाम मधुलिका था इनकी शादी 1986 में हुई। इनकी दो बेटिया हैं जिनमे से उनकी बड़ी बेटी का नाम कृतिका और छोटी का तारिणी रावत है।

बिपिन रावत जी की पत्नी मधुलिका जी दिल्ली यूनिवर्सिटी से मनोविज्ञान में ग्रेजुएट की थी। मधुलिका जी एक प्रखर समाजसेवी थी उनकी समाजसेवा ज्यादातर कैंसर के मरीजों के प्रति थी उन्होंने अपने जीवन में कैंसर पीड़ित मरीजों के निदान के लिए बहुत से काम किए हैं।

इसके अलावा उनकी पत्नी मधुलिका आर्मी वाइफ़्स वेल्फेयर एसोसिएशन (AWAA) की अध्यक्ष भी थी। इन्होंने बहुत सेे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकार काफी सराहनीय कार्य किये।

बिपिन रावत जी का भारतीय सेना में शामिल होना (Bipin Rawat Military Career)

भारतीय सेना में बिपिन रावत जी के करियर के शुरुआत 16 दिसंबर सन 1978 को हुई जब उन्हें पहली बार इलेवन गोरखा राइफल्स की पांचवी बटालियन में जगह मिली। जो इन के पिता की टोली थी।

पहली बार इनकी नियुक्ति मिजोरम में हुई जिसमें उन्होंने इस बटालियन का नेतृत्व किया गया और उनके इस नेतृत्व में इस बटालियन को उत्तर पूर्व का सर्वश्रेष्ठ बटालियन चुना गया। सन 1980 की बात है जब उन्हें सेना के लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया।

सन 1989 में कप्तान के पद से पदोन्नत कर उन्हें इंडियन आर्मी का मेजर बना दिया गया।

सन 2003 में विपिन रावत जी को कर्नल का पद दिया गया।

सेना में शामिल होने के बाद बिपिन रावत ने बहुत सारी बटालियनओं का नेतृत्व किया और अलग-अलग पदों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1 सितंबर सन 2016 को विपिन रावत जी ने थल सेना के उप प्रमुख का कार्यभार संभाला।

31 दिसंबर 2019 को रिटायर होने के बाद भारत की तीनों सेनाओं के प्रमुख यानी कि सीडीएस नियुक्त किए गए।

बिपिन रावत जी मिलिट्री ऑपरेशंस डायरेक्टोरेट में जनरल स्टाफ ऑफिसर ग्रेड 2 रहे और साथ ही साथ उन्होंने लॉजिस्टिक स्टाफ ऑफिसर, कर्नल मिलिट्री सेक्रेटरी, डिप्यूटी मिलिट्री सेक्रेटरी, जूनियर कमांड विंग में सीनियर इंस्ट्रक्टर जैसे कई पदों पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बिपिन रावत जी को जिसमें आर्मी चीफ के रूप में नियुक्त किया गया उससे पहले वह वाइस आर्मी चीफ थे।

इसके पहले उन्होंने साउथ आर्मी कमांडिंग चीफ के पद पर भी अपनी भूमिका निभाई थी।

ऊंची चोटियों की लड़ाई में बिपिन रावत जी की बात ही कुछ और थी उन्हें ऊंची चोटियों की लड़ाई का बहुत विशेष अनुभव था अपने जीवन काल में उन्होंने आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए बहुत सारे ऑपरेशन भी चलाए।

अपनी इन्हीं सूझबूझ और गुणवत्ताओं के कारण विपिन रावत जी को काउंटर इमरजेंसी मैं एक्स्पर्ट माना जाता था।

सन 2008 में विपिन रावत जी को कांगो यूएन पीसकीपिंग में इंडियन ब्रिगेड का प्रमुख बनाया गया था जहां पर उन्होंने बेहतरीन लीडरशिप की जिसके बाद उन्हें बहुत सराहना भी मिली।

जनरल बिपिन रावत जी की उपलब्धियां

बिपिन रावत जी के 43 साल के करियर में उन्हें उनकी शौर्य और पराक्रम के लिए विभिन्न प्रकार के पुरस्कारों से नवाजा गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ काम करते हुए बिपिन रावत जी को दो बार फोर्स कमांडर कमेंडेसन के पुरस्कार से नवाजा गया।

इसके अलावा भारतीय सेना में सेवा के दौरान इन्होंने अपने करियर में (1) परम विशिष्ट सेवा पदक (2) अति विशिष्ट सेवा पदक (3) उत्तम युद्ध सेवा पदक (4) सेना पदक (5) सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक
(6) सेन्य सेवा मेडल जैसे अनेकों सम्मानों व अपने शौर्य और पराक्रम के लिए सम्मानित किया गया।

बिपिन रावत की कुशल नेतृत्व और निर्णय लेने की अद्वितीय क्षमता –

सेना में अभिनय के साथ-साथ सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता बहुत जरूरी है।

बिपिन रावत जी एक कुशल नेतृत्वकर्ता थे और सही समय पर सही निर्णय लेने में उन्हें महारत हासिल थी।

बहुत कम ही लोग जानते होंगे कि उरी हमले में भारतीय सैनिकों की मृत्यु के बाद उनसे बदला लेने के लिए एक पैरा कमांडो अंडरकवर सर्जिकल स्ट्राइक मिशन आइडिया बिपिन रावत जी ने ही दिया था जिसके बाद भारतीय सेना पूरी हमले का बदला लेने में सफल हुई।

सन 2015 की बात है जब मणिपुर में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया गया जिसमें भारत के 18 वीर जवान सैनिक शहीद हो गए। उस समय  मणिपुर हमले के बाद सेना का नेतृत्व बिपिन रावत जी ने किया था और बिना देर किए तुरंत ही निर्णय लेकर भारतीय सेना के पैरा कमांडो को सीमा के उस पार भेज करम्यांमार में इन आतंकवादियों का सफाया करवा दिया।

जनरल बिपिन रावत जी के लेख

एक सुरवीर सेनानायक होने के साथ-साथ बिपिन रावत जी ने सुरक्षा के मुद्दों को लेकर बहुत से लेख भी लिखे हैं जो विभिन्न प्रकार के पत्र-पत्रिका पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। बिपिन रावत जी मिलिट्री मीडिया स्ट्रेटजी स्टडी के रिसर्चर भी रहे हैं।

जनरल बिपिन रावत जी की मृत्यु का कारण क्या था?

8 दिसंबर सन 2021 को वायुसेना के हेलीकॉप्टर MI-17 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण बिपिन रावत जी और उनकी पत्नी और 13 अन्य लोगों का इस दुर्घटना में निधन हो गया।

दरअसल यह हेलीकॉप्टर तमिलनाडु के कोन्नूर से वेलिंग्टन के लिए जा रहा था जहां जनरल बिपिन रावत जी को व्याख्यान देना था लेकिन रास्ते में ही यह हेलिकप्टर कोहरे और खराब मौसम की वजह से क्रैश कर गया और इसी दौरान बिपिन रावत जी का उनकी पत्नी समेत 13 अन्य लोगों के साथ निधन हो गया।

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FAQ

प्रश्न-बिपिन रावत CDS पद पर कब नियुक्त हुये?

उत्तर- 1 जनवरी 2020

प्रश्न- बिपिन रावत सेना में कब शामिल हुये?

उत्तर- 16 दिसंबर सन 1978

प्रश्न- बिपिन रावत जी की शादी कब हुई?

उत्तर- इनकी शादी सन 1986 में हुई थी ।

प्रश्न- बिपिन रावत की पत्नी कौन है?

उत्तर- बिपिन रावत जी की पत्नी का नाम मधुलिका जी है मधुलिका जी एक प्रखर समाजसेवी थी ।

प्रश्न- बिपिन रावत के बच्चों के नाम क्या है?

उत्तर- इनकी दो बेटियों के नाम कृतिका और तारिणी रावत है।

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