Advertisements

Lunar Eclipse 2022: चंद्रग्रहण कब और कैसे लगता है? आइये जानें इससे जुड़ी पौराणिक कहानी और मान्यताएं

चंद्रग्रहण कब और कैसे लगता है? चंद्रग्रहण से जुड़ी पौराणिक कथाएं (Lunar Eclipse Story & Facts in hindi)

Lunar Eclipse 2022 जैसा कि आप लोग जानते हैं कि हाल के दिनों में सूर्य ग्रहण की घटना घटित हुई थी ऐसे में 2022 में चंद्र ग्रहण लगने वाला है चंद्र ग्रहण की घटना तब घटित होती है I जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है I जिसके कारण चंद्रमा पर सूर्य का प्रकाश पहुंच नहीं पाता है जिसके कारण ही चंद्र ग्रहण की घटना घटित होती है ऐसे में आप लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि:  2022 में चंद्र ग्रहण कब लगेगा उसका सूतक काल क्या होगा चंद्रमा के प्रभाव से कैसे बचे?

विषय–सूची

Advertisements

चंद्रग्रहण क्या है? (Lunar Eclipse 2022 in hindi)

चंद्र ग्रहण की घटना जब घटित होती है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है जिसके कारण सूर्य का प्रकाश चंद्रमा पर पहुंच नहीं पाता है उसे हम लोग चंद्र ग्रहण कहते हैंI

चंद्रग्रहण कब और कैसे लगता है?

वैज्ञानिक मान्यता के अनुसार चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है यह तब घटित होती है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है जिसके कारण सूर्य का प्रकाश चंद्रमा पर पहुंच नहीं पाता है और ऐसी स्थिति में चंद्रमा पर सूर्य ग्रहण की घटना घटित होती है I चंद्रग्रहण साल में 3 बार घटित होती है और 10 सालों में  15 बार चंद्रग्रहण की घटना घटित होती है I कभी-कभी साल में कोई भी चंद्रग्रहण नहीं होता है इसकी प्रमुख वजह है कि चंद्रमा का आकार अंडाकार हैI 

आइये पढ़ें- प्रकाश पर्व के अवसर पर गुरु नानक देव जी के अनमोल वचन

moon eclipse-chandra-grahan-kyu-lagta-hai-in-hindi

चंद्रग्रहण के प्रकार (Types of Lunar Eclipse)

चंद्रग्रहण के निम्न तीन प्रकार के होते हैं यह घटना महिनें की पूर्णिमा तिथि को ही घटित होती है। जब चांद पूर्ण रुप से पृथ्वी से दिखाई देता हैं।

उपच्छाया (पेनुमब्रल) चंद्रग्रहण-

यह ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी के पेनम्ब्रा/उपछाया से होकर गुजरता है। तब इस प्रकार का चंद्र ग्रहण घटित होता है और ऐसे चंद्र ग्रहण को आप नंगी आंखों से भी देख सकते हैं I

आंशिक चंद्रग्रहण-

यह तब होता है जब चंद्रमा का केवल एक हिस्सा पृथ्वी के गर्भ में प्रवेश करता है, उसे हम लोग आंशिक चंद्र ग्रह कहते हैं I

पूर्ण चंद्रग्रहण-

 जब चंद्रमा पूर्ण रुप से पृथ्वी के गर्भ (छाया की प्रच्छाया) में होता है तब पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है।

आइये जानें- कार्तिक पूर्णिमा व देव दिपावली पर स्नान व दीपदान का पौराणिक महत्व

चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse 2022) कब लगेगा?

2022 में चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2022 को भारत के सभी क्षेत्रों में दिखाई पड़ेगा I यह ग्रहण कार्तिक मास की शुल्क पक्ष की पूर्णिमा को लगेगा। इसे कार्तिकी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।

चंद्रग्रहण दिखाई देने का समय क्या होगा?

यह ग्रहण चंद्रोदय के समय शाम 05:32 पर प्रारंभ होगा और 06:18 तक देख सकते हैं।

भारत में कहां-कहां दिखेगा पूर्ण चंद्रग्रहण

पूरे देश में यह चंद्रग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में यह पूर्ण चंद्रग्रहण विशेष रुप से देखा जा सकता हैं। इसमें कोलकाता, गुहावटी के चुंनिदा शहरों के अलावा यह रांची, पटना, कोहिमा, सिलीगुड़ी, ईटानगर एवं बिहार के कुछ हिस्सों में देखा जाएगा।

आइये जानें गंगा दशहरा कब और क्यों मनाया जाता है?

चंद्रग्रहण की तिथि, समय व अवधि

सूतक का समयसुबह 8:20 से सूतक का समय आरंभ हो जाएगा।
चंद्रग्रहण की अवधि1 घंटें 45 मिनट 48 सेकंड तक रहेगा
चंद्रग्रहण का आरंभदोपहर 02:41 बजे
चंद्र उदय का समय विभिन्न जगहों के अनुसार अलग-अलग होता हैं।
मोक्ष संध्याशाम 06:20 बजे
चंद्रग्रहण समाप्त7 बजकर 27 मिनट तक

चंद्रग्रहण लगने का समय क्या है?

चंद्रग्रहण देश में 8 नवंबर को शाम 5 बजकर से शुरू होगा और (संध्या) शाम में 6 बजकर 20 मिनट तक देखा जाएगा। चंद्रग्रहण की समाप्ति का समय 7 बजकर 25 मिनट है। इस तरह भारत में चंद्रग्रहण की कुल अवधि 1 घंटा 95 मिनट होगी।

चंद्रग्रहण से बचने के उपाय

  • चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए ग्रहण के दौरान गुरु मंत्र का जाप करना चाहिए अगर आप ऐसा करते हैं तो आप चंद्रग्रहण के दुष्प्रभाव से अपने आप को बचा पाएंगे
  • ग्रहण के दौरान आप अपने मुंह में तुलसी का पत्ता रखें ताकि आपके ऊपर ग्रहण का दुष्प्रभाव ना पड़े I
  • शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण लगने से पहले और ग्रहण समाप्त होने के बाद व्यक्ति को स्नान जरूर करना चाहिए।
  • इसके अलावा ग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल से पूरे घर का शुद्धिकरण करें। साथ ही ग्रहण सामप्त होने के बाद दान पुण्य जरूर करें।

चंद्रग्रहण के दिन कौन-सा काम नहीं करना चाहिए?

  • कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
  • न ही भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्तों को नहीं छूना चाहिए।
  • सूतक काल में तुलसी के पत्तों को तोड़ना पूर्णतः वर्जित होता हैं।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल के दौरान काटने, छीलने जैसी प्रक्रियाओं से बचना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर उनके बच्चे पर पड़ेगा।
  • गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिये। घर से बिल्कुल बाहर न निकलें।
  • ग्रहण के दौरान तेल लगाना, कपड़े धोना और ताला खोलना आदि काम नहीं करने चाहिए। ग्रहण के दिन जरूरतमंदों व गरीबों को दान देना चाहिए।
  • शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए ताकि आपके ऊपर चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव ना पड़े
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर की साफ-सफाई गंगाजल से करनी चाहिए उसके अलावा घर में भी गंगाजल का छिड़काव करें ताकि घर आपका पवित्र हो जाए।
  • ग्रहण के दिन पितरों के नाम से भी दान करना चाहिए।

चंद्रग्रहण क्यों लगता है? पौराणिक कथा के अनुसार

चंद्र ग्रहण क्यों लगता है इसके विषय में एक पुरानी कथा या ऐसा कहा जाता है कि जब देवताओं को अमृत पान करवा रहें थें। तब राक्षस राहु को इस बात की भनक लग गई कि देवताओं को अमृत पान करवाया जा रहा है उसने भी भेष धारण कर  देवताओं के साथ अमृत पान करने लगाI

लेकिन यह चंद्रमा और सूर्य को आसानी से समझ में आ गया कि राहु यहां पर बैठकर अमृत पान करने की कोशिश कर रहा है और उन्होंने इस बात की सूचना भगवान इंद्र को दे दी इसके बाद भगवान विष्णु ने राहु का सर अपने सुदर्शन चक्र से काट दिया लेकिन राहु ने थोड़ा सा अमृत पान कर लिया था इसलिए राहु की मृत्यु नहीं हुई और राहु का सिर और धड़ दोनों ही अलग हो गया इन दोनों को ही हमरो राहु केतु के नाम से जानते हैं यही कारण है कि राहु चंद्रमा और सूर्य से बहुत ज्यादा क्रोधित थे और इसलिए उन्हें एक निश्चित समय अवधि के अनुरूप चंद्रमा और सूर्य को  ग्रास लेता है यही वजह है कि सूर्य और चंद्र ग्रहण की घटना घटित होती है I

आइये इन्हें भी पढ़ें –

पुरानी मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण क्यों लगता है?

पुरानी मान्यता के अनुसार एक बार भगवान चंद्र देव ने भगवान गणेश जी का अपमान कर दिया था। जिसके कारण गणेश जी बहुत ज्यादा क्रोधित हुए और उन्होंने चंद्रमा की पूरी लालिमा को समाप्त कर दिया जिसके कारण चंद्रमा आकाश में विलुप्त हो गया।

चंद्रमा ने भगवान गणेश जी से क्षमा याचना की उन्होंने कहा कि आप मेरी लालिमा को वापस कर दे I गणपति ने कहा कि मैं आपकी लालिमा आपको वापस नहीं कर सकता हूं लेकिन मैं आपको यह वरदान दे सकता हूं कि आप पूर्णिमा के दिन आकाश में पूरी तरह से दिखाई पड़ेंगे और आपकी लालिमा भी काफी तेजी के साथ चारों तरफ देखी जाएगी लोग आपकी पूजा भी करेंगे I महीने में केवल एक बार आप आकाश में दिखाई नहीं पड़ेंगे तभी से चंद्रग्रहण की घटनाएं घटित होती है I

चंद्र ग्रहण कैसे देखें?

चंद्रग्रहण अगर आप देखना चाहते हैं तो आप नंगी आंखों से भी देख सकते हैं लेकिन अगर आप बेहतरीन तरीके से चंद्र ग्रहण का नजारा देखना चाहते हैं तो इसके लिए आप दूरबीन का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि दूरबीन से चंद्रग्रहण काफी स्पष्ट और अच्छा दिखाई पड़ेगा I

FAQ

2022 में चंद्र ग्रहण कब लगेगा?

2022 में चंद्रग्रहण 8 नवंबर 2022 को भारत के सभी जगह पर दिखाई पड़ेगाI

साल में चंद्रग्रहण कितनी बार लगता है?

साल में चंद्रग्रहण दो बार लगता हैI

चंद्रग्रहण क्यों लगता है?

जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है तो सूर्य का प्रकाश चंद्रमा पर नहीं पहुंच पाता है तो ऐसी स्थिति में चंद्रग्रहण की घटना घटित होती हैI

चंद्रग्रहण के समय क्या करना चाहिए?

चंद्र ग्रहण के समय आपको खाने की वस्तु में तुलसी के पत्ते डालने चाहिए और साथ में उसमें भोजन भी नहीं करना चाहिए क्योंकि उस समय पूरे वातावरण में चंद्रमा के हानिकारक  किरण वातावरण में चारों तरफ फैली रहती हैं ऐसे में उस समय भोजन करना आपके शरीर के लिए हानिकारक होगाI

Homepage Follow us on Google News

Leave a Comment