विश्व पर्यटन दिवस 2025 थीम, जानिए कब और कैसे हुई विश्व पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत, विश्व पर्यटन दिवस पर निबंध, भाषण इतिहास एवं महत्व (Speech and Essay on World Tourism Day in Hindi history, World Tourism Day 2025 theme in hindi, date, facts in hindi, Tourism And Sustainable Transformation)
हर साल 27 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। व्यक्ति के जीवन और राष्ट्र के विकास में पर्यटन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। हमारे सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक विकास के लिए पर्यटन बहुत जरूरी है। खासकर विकासशील देशों में पर्यटन रोजगार सृजन का मूल स्रोत बन गया है।
आप सबको जानकर हैरानी होगी कि पर्यटन भारत का सबसे बड़ा सेवा उद्योग है। इसका भारत की जीडीपी में तकरीबन 6.23% का योगदान है जबकि रोजगार के क्षेत्र में भारत में इसका योगदान 8.78 प्रतिशत है। आज केवल भारत ही नहीं बल्कि सभी विकासशील देशों के लिए पर्यटन सेवा उद्योग राष्ट्र के प्रमुख सेवा उद्योगों में से एक है जिनका वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद अर्थात जीडीपी में बहुत बड़ा योगदान है।
वैश्विक पर्यटन के इन्हीं महत्वों को देखते हुए हर साल 27 सितंबर को पर्यटन दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों को पर्यटन के प्रति जागरूक किया जा सकें और उन्हें पर्यटन के लाभ और महत्व के बारे में बताया जाए।
पर्यटन को समर्पित यह महत्वपूर्ण पर्यटन दिवस केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि विभिन्न देशों में राष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जाता है। हर साल विश्व पर्यटन दिवस एक नई थीम के साथ मनाया जाता है। इस बार भी विश्व पर्यटन दिवस 2025 की नई और विशेष थीम निर्धारित की गई है।
विश्व पर्यटन दिवस के खास मौके पर शैक्षणिक संस्थाओं और अन्य कई प्रमुख स्थानों पर विश्व पर्यटन दिवस पर निबंध लेखन तथा भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है ताकि आधुनिक पीढ़ी को पर्यटन का महत्व और देश तथा विश्व की अर्थव्यवस्था में योगदान समझाया जा सके।
आइए आज इस लेख के जरिए विश्व पर्यटन दिवस पर निबंध और भाषण तथा विश्व पर्यटन दिवस 2023 थीम के विषय में जानते हैं।
विषय–सूची
विश्व पर्यटन दिवस पर निबंध, भाषण एवं इतिहास (Speech and Essay on World Tourism Day in Hindi)
27 सितंबर को विश्व भर में पर्यटन दिवस मनाया जाता है। हर साल पर्यटन दिवस के उपलक्ष में नई नई थीम्स के जरिए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए जाते हैं।

कब और कैसे हुई विश्व पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत? (History and Facts of World Tourism Day in hindi)
साल 1980 में पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत हुई। 27 सितंबर 1980 को विश्व का पहला पर्यटन दिवस मनाया गया।
दरअसल 27 सितंबर 1970 को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन United nation World tourism organisation के संविधान को अपनाया गया था जिसके ठीक 10 साल बाद 1980 में इस दिन को व विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा कर दी गई।
विश्व पर्यटन संगठन संयुक्त राष्ट्र संघ की ही एक अंगीकृत संस्था है जिसकी स्थापना साल 1976 में हुई थी। इस संस्था का मुख्यालय मेड्रिड स्पेन में है। लेकिन इसको बनाने का संविधान 27 सितंबर 1970 को ही पारित हुआ था जिस कारण इस दिन हर साल विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।
साल 1969 में पर्यटन के बढ़ते हुए रुझानों और महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन UNWTO ने 1980 से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाने का निर्णय लिया और तब से आज तक हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।
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क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यटन दिवस?
पर्यटन की भूमिका सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। खासकर एक विकासशील देश के लिए पर्यटन को राजस्व और रोजगार सृजन का स्रोत माना जाता है।
आर्थिक रूप से पर्यटन की भूमिका एक विकासशील देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यह विकासशील देशों की आय का प्रमुख स्रोत है जिसके बल पर विकासशील देश अपने नागरिकों के लिए रोजगार सृजन के अवसर प्रदान करता है।
हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है ताकि लोग पर्यटन के सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक महत्वपूर्ण और मूल्यों को समझ सके।
पर्यटन का प्रभाव सांस्कृतिक स्थिति पर भी विशेष रुप से पड़ता है क्योंकि सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटन को बढ़ावा देना सभ्यता और संस्कृति के विकास का जरिया है।
भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए साल 2002 में अतुल्य भारत अभियान की शुरुआत की गई जिसके जरिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों और समूहों को भारत भ्रमण के लिए आकर्षित करने पर विचार किया गया। इससे भारत में पर्यटन की दशा में क्रांति हुई।
हमारे देश में पर्यटन सबसे बड़ा सेवा उद्योग है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत की कुल जीडीपी में 6.23 प्रतिशत का योगदान पर्यटन का ही है। जबकि भारत में कुल रोजगार के क्षेत्र में पर्यटन का योगदान लगभग 8.78 प्रतिशत है जो कि अपने आप में बहुत बड़ी बात है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत विश्व के 5 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन योग्य देशों में से एक है।
आइये जानें- राष्ट्रीय पर्यटन दिवस क्यों मनाया जाता है?
विश्व पर्यटन दिवस 2025 की थीम
हर साल पर्यटन दिवस को मनाने के लिए अलग-अलग थीम निर्धारित की जाती है जिसके आधार पर हर साल पर्यटन को बढ़ावा देने के नए नए लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अनेक कदम उठाए जाते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार विश्व पर्यटन दिवस 2025 का विषय “Tourism And Sustainable Transformation” अर्थात् “पर्यटन एवं सतत परिवर्तन” निर्धारित किया गया है
साल 2023 में विश्व पर्यटन दिवस की थीम पर्यटन और हरित निवेश अर्थात् Tourism And Green Investments निर्धारित की गई थी।
कोविड-19 के संक्रमण के कारण विश्व भर में पर्यटन की गति और पर्यटकों की संख्या पर काफी दुष्प्रभाव पड़ा जिसके कारण पर्यटन पर आश्रित कई विकासशील देश को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
इसीलिए पिछली बार पर्यटन को नई दिशा और तेज गति प्रदान करने के लिए पर्यटन पर पुनर्विचार की थीम को अपनाया गया था।
विकासशील देशों में पर्यटन की भूमिका–
भारत जैसे विकासशील देश में पर्यटन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है इसके बारे में अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि भारत की जीडीपी का लगभग 6 प्रतिशत से भी अधिक योगदान पर्यटन का है।
और अगर वही रोजगार की बात करें तो इस दिशा में पर्यटन का योगदान लगभग 8% से भी अधिक है यानी कि 9% के करीब है। हालांकि अगर हमारा देश कोविड-19 जैसी समस्याओं का सामना नहीं कर रहा होता तो आज यह आंकड़े कुछ और होते।
विकासशील देशों के आर्थिक विकास में पर्यटन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। क्योंकि पर्यटन पर वसूले गए राजस्व का विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान होता है। इसके अलावा पर्यटन देश में रोजगार सृजन के नए अवसर भी उपलब्ध कराता है।
जब हम अपने देश से किसी दूसरे देश में पर्यटन के लिए जाते हैं या कोई अन्य देश से हमारे देश में पर्यटन के लिए आता है तो देशों के बीच परस्पर मैत्री संबंधों का विस्तार होता है और दोनों देशों की सांस्कृतिक राजनीतिक सामाजिक और आर्थिक विकास की गति सुनिश्चित होती है।
भारत में पर्यटन के लिए कुछ विशेष स्थान –
वैसे तो भारत में पर्यटन के लिए स्थानों की कोई कमी नहीं है लेकिन आज हम आपको पर्यटन के लिए कुछ ऐसे विशेष स्थान बताएंगे जहां पर्यटन करके आपको अलग ही आनंद मिलेगा।
हमारा भारत सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की भूमि है। हमारे देश की संस्कृति मूल रूप से सनातन संस्कृति विश्व भर के देशों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इतना ही नहीं हमारे देश में विश्व के सात अजूबों में से एक ताजमहल भी मौजूद है।
अगर आप आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं तो आप भारत में स्थित शिव के 12 ज्योतिर्लिंग धामों की यात्रा कर सकते हैं। अगर आप तीर्थ करना चाहते हैं तो भारत में तीर्थ के लिए चार धाम सर्वोत्तम है।
आपको बता दें कि इस साल महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर उज्जैन में महाकाल कोरिडोर का उद्घाटन 11 अक्टूबर को होने जा रहा है जो लगभग 20 हेक्टेयर से भी अधिक क्षेत्रफल में बनाया गया है। इस नवनिर्मित कॉरिडोर की सबसे आकर्षक बात यह है कि यहां पर भगवान शिव के 190 स्वरूपों की प्रतिमाएं बनाई गई हैं और 108 स्तंभों पर टिकी हुई हैं।
भारत में पर्यटक स्थलों की स्थापना के लिए हाल ही में काशी विश्वनाथ मंदिर का भी कॉरिडोर बनाया गया था लेकिन उसकी तुलना में उज्जैन का महाकाल कॉरिडोर बहुत बड़ा है या कह लीजिए लगभग 4 गुना बड़ा है।
महाकाल मंदिर का कॉरिडोर निर्माण भी भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कुछ विशेष कदमों का हिस्सा है।
आइये जानतें हैं उज्जैन का महाकाल कॉरिडोर खास एवं रोचक जानकारी
FAQ
विश्व पर्यटन दिवस कब मनाया जाता है?
हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।
विश्व पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत कब हुई?
27 सितंबर 1980 को पहली बार विश्व पर्यटन दिवस मनाया गया जिसकी घोषणा संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन UNWTO ने की थी।
विश्व पर्यटन दिवस क्यों मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तथा आर्थिक सामाजिक राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से इसके योगदान को समझाने के लिए विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।
27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस क्यों मनाया जाता है?
दरअसल 27 सितंबर 1970 को विश्व पर्यटन संगठन का कानून अपनाया गया था यही कारण है कि इस दिन को आगे चलकर विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
विश्व पर्यटन दिवस 2025 की थीम क्या है?
विश्व पर्यटन दिवस 2025की थीम पर्यटन और सतत परिवर्तन (Tourism and Sustainable Transformation) निवेश निर्धारित की गई है।