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विश्व ओजोन दिवस पर निबंध, भाषण | Poem, Speech Essay on World Ozone Day in Hindi

ओजोन क्या है? ग्लोबल वार्मिंग, ओजोन दिवस पर निबंध, भाषण, कविता, स्लोगन, श्लोगन, नारे, निबंध (Speech Essay on World Ozone Day in Hindi, ozone diwas par nibandh, Slogan, poem, kavita, Quotes hindi )

पृथ्वी पर जीवन के लिए ओजोन उतना ही जरूरी है जितना कि पानी और ऑक्सीजन।

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ओजोन ऑक्सीजन का ही एक अपरूप है जिसमें तीन ऑक्सीजन परमाणु मिलकर एक ओजोन अणु बनाते हैं।

पृथ्वी के वायुमंडल में ओजोन की एक परत पाई जाती है जो सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरणों को अवशोषित कर लेती है। ओजोन द्वारा अवशोषित किए गए विकिरण इतने खतरनाक होते हैं कि अगर वह पृथ्वी तक पहुंच पाते तो यहां जीवन का कोई अस्तित्व नहीं होता। सूर्य से उत्सर्जित होने वाली पराबैगनी किरणे त्वचा कैंसर का मुख्य कारण होती हैं जिन्हें ओजोन द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है।

इस लिहाज से ओजोन की भूमिका जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर यह नहीं होता तो शायद आज हम नहीं होते। लेकिन ओजोन को लेकर दुनिया भर के लोगों में आज भी बहुत कम जागरूकता है। पृथ्वी के वातावरण में उत्पन्न प्रदूषण के कारण लगातार ओजोन परत में ह्रास हो रहा है जो एक गंभीर समस्या का विषय है।

लोगों में ओजोन ह्रास के प्रति जागरूकता फैलाने और मानव जीवन हेतु इसकी अहमियत  समझाने के लिए प्रतिवर्ष 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है।

आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हिंदी में अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस पर निबंध Essay On International Ozone Day In Hindi के बारे में बताएंगे। इसके साथ ही हम आपको विश्व ओजोन दिवस पर भाषण (Speech On World Ozone Day) के बारे में भी बताएंगे जिसका इस्तेमाल आप ओजोन दिवस के अवसर पर आयोजित किए गए कार्यक्रमों में कर सकते हैं।

इतना ही नहीं इन सबके अलावा हम आपके भाषण को प्रभावशाली बनाने के लिए ओजोन दिवस पर कविता (Ozone Day Poem in Hindi) और ओजोन दिवस पर नारे (Ozone Day Slogan In Hindi) भी साझा करेंगे।

आइये जाने- विश्व ओज़ोन दिवस का इतिहास और महत्व

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अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस पर निबंध, भाषण (International Ozone Day Essay In Hindi)

प्रस्तावना –

ओजोन पृथ्वी के वायुमंडल की प्रमुख गैसों में से एक है जो हमारे वायुमंडल में मौजूद ओजोन परत का निर्माण करती हैं। यह परत सूर्य से आने वाली हानिकारक प्रकाश की किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकती है। ओजोन परत सूर्य से उत्सर्जित होने वाली पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती हैं जिनके कारण मुख्य रूप से त्वचा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

ओजोन परत जीवन की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण परत है। इसके साथ साथ वातावरण में ओजोन की स्थिति पृथ्वी के मौसम और जलवायु को भी नियंत्रित करती है। इसी ओजोन परत के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हर साल 16 सितंबर को ओजोन दिवस मनाया जाता है।

ओजोन क्या है?

ओजोन हमारे वायुमंडल में उपस्थित एक आणविक गैस है जिस का रासायनिक सूत्र O3 होता है। ओजोन कोई अलग गैस नहीं है बल्कि यह अक्सीजन का ही एक रूप है जिसमें तीन ऑक्सीजन अणु एक दूसरे से सहसंयोजक बंध और उपसहसंयोजक बंध द्वारा जुड़े होते हैं।

वायुमंडल में ओजोन गैस के अणु मिलकर एक परत का निर्माण करते हैं जिसे ओजोन परत कहा जाता हैं। ओजोन परत वायुमंडल परतों का ही एक हिस्सा है जो समताप मंडल और मध्य मंडल के बीच स्थित है। ओजोन परत की ऊंचाई लगभग 18 किलोमीटर से 50 किलोमीटर तक है। या फिर कह लीजिए कि यह मुख्य रूप से समताप मंडल में ही आता है जो वायुमंडल की दूसरी परत है।

इस ओजोन परत की खोज साल 1913 में हुई थी। इसकी खोज फ्रांस के दो भौतिकविदों ने की थी जिनका नाम फैबरी चार्ल्स और हेनरी बूसोन था। तब ओजोन गैस की अधिकता के कारण वायुमंडल की इस परत को ओजोन परत नाम दिया गया।

ओजोन ह्रास क्या है?

पृथ्वी पर होने वाले पर्यावरण प्रदूषण स्थलमंडल जलमंडल और वायुमंडल तीनों को प्रभावित करते हैं। भूमंडल पर तेजी से फैलते प्रदूषण के कारण वायुमंडल में गैसीय अनुपात भी असंतुलित हो गया है जिसके कारण भूमंडलीय तापन अर्थात ग्लोबल वार्मिंग की समस्या उत्पन्न होती है।

वायुमंडल में होने वाले प्रदूषण अन्य परतों के साथ-साथ ओजोन परत पर भी बहुत बुरा प्रभाव डालते हैं। वायुमंडल में हो रहे इन्हीं प्रदूषण के कारण लगातार ओजोन परत का क्षरण हो रहा है जिस कारण इस परत में कई स्थान पर बड़े-बड़े छेद हो रहे हैं। इसी घटना को ओजोन ह्रास कहते हैं। सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणों को रोकने में ओजोन परत की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। ओजोन परत सूरी द्वारा उत्सर्जित पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेता है जिसके कारण उनका दुष्प्रभाव मानव जीवन पर नहीं पड़ता।

लेकिन ओजोन परत में हो रहे छिद्रों के कारण अब मानव जीवन पर भी इन हानिकारक विकिरणों का बुरा प्रभाव पड़ रहा है जिससे त्वचा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं। ओजोन परत में ह्रास का प्रमुख कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस है जो ग्रीन हाउस गैसों में शामिल है। इसी गैस के असंतुलन के कारण ओजोन परत में लगातार छिद्र हो रहे हैं।

क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस मुख्य रूप से रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर से उत्सर्जित होता है जो ओजोन परत में छेद का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा कई अन्य ग्रीन हाउस गैसों की मात्रा में असंतुलन भी ओजोन ह्रास का जिम्मेदार है जिनमें कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड इत्यादि शामिल हैं।

ओजोन दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

ओजोन परत में हो रहे ह्रास को रोकने के लिए और दुनिया को ओजोन की अहमियत समझाने के लिए हर साल 16 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस के रूप में मनाया जाता है।

ओजोन दिवस को मनाने का मुख्य कारण ओजोन परत में हो रहे ह्रास को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना है। इसके अलावा बढ़ती हुई ग्लोबल वार्मिंग की समस्या की रोकथाम और ग्रीन हाउस इफेक्ट को काबू में करने के लिए ओजोन दिवस मनाया जाता है।

19 दिसंबर 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में 16 सितंबर को प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस मनाने की घोषणा की गई। जिसके बाद 16 सितंबर 1995 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस के रूप में मनाया गया। तभी से हर साल अलग-अलग थीम के साथ पूरी दुनिया में ओजोन दिवस मनाया जाता है और लोगों को ओजोन संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है।

ओजोन दिवस केवल ओजोन परत संरक्षण के लिए ही नहीं बल्कि वायुमंडल में उत्पन्न हो रहे ग्रीन हाउस इफेक्ट और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं से निपटने का भी एक उपाय है।

आइये इन्हें भी जाने- शिक्षक दिवस पर निबंध, कविता

ओजोन संरक्षण के उपाय क्या हैं?

ओजोन परत के नाश का सबसे बड़ा कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस है। ओजोन परत के विनाश को रोकने के लिए हमें ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस इफेक्ट जैसी समस्याओं से निपटना होगा।

क्लोरोफ्लोरोकार्बन भी एक तरह की ग्रीन हाउस गैस है जो ग्लोबल वार्मिंग और ओजोन परत में क्षरण के लिए जिम्मेदार है। यह मुख्य रूप से एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर से उत्सर्जित होती है।

ओजोन संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए हमें सबसे पहले ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन पर नियंत्रण करना होगा जो बड़े-बड़े कारखानों इत्यादि से होती हैं।

कई वैज्ञानिक शोधकर्ताओं के अनुसार रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर में क्लोरो फ्लोरो कार्बन की जगह हाइड्रो फ्लोरो कार्बन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि हाइड्रो फ्लोरो कार्बन क्लोरोफ्लोरोकार्बन की अपेक्षा बहुत कम हानिकारक है और इसका इफेक्टिव पोटेंशियल ओजोन हास के लिए जिम्मेदार नहीं है।

निष्कर्ष-

ओजोन परत हमारे और हमारी हरी-भरी पृथ्वी के लिए एक प्रोटेक्टिव लेयर है। इसका संरक्षण भी हमारा ही उत्तर दायित्व है। इसलिए हमें ओजोन संरक्षण के लिए बताए गए सभी उपायों को अपनाना चाहिए तथा दूसरों को इन उपायों को अपनाने के लिए जागरूक भी करना चाहिए। अपने पर्यावरण को अनुकूल बना कर ही हम एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं इसलिए हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति सदैव सचेत रहना चाहिए और हमारे द्वारा होने वाले प्रदूषण की रोकथाम करनी चाहिए।

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ओजोन दिवस पर कविता (Poem on Ozone Day)

निज पृथ्वी का परिधान है। यह परत नहीं वरदान है। हानिकारक उत्सर्जन रोके, पराबैगनी किरणें सोखे। हर घर की ज्यों छत होती, पृथ्वी के छत्र समान है। इस पृथ्वी का परिधान है, यह परत नहीं वरदान है। पृथ्वी पर जीवन जल जाएगा, इसका ह्रास प्रलय लाएगा। संरक्षण में हाथ बटाओ, तभी जगत कल्याण है। निज पृथ्वी का परिधान है, यह परत नहीं वरदान है। भूमंडल का ताप संभालो, अपना जीवन आप बचा लो। इसे कोई खिलवाड़ न समझो, जीवन है तो जहान है। निज पृथ्वी का परिधान है, यह परत नहीं वरदान है। - सौरभ शुक्ला

ओजोन दिवस पर स्लोगन, नारे (Slogan quotes on Ozone Day)

पृथ्वी को है कौन जरूरी ? बेशक है ओजोन जरूरी ! जब तक होगा ओजोन ह्रास, पृथ्वी पर होंगे जीव नाश ! संरक्षण का एक उपाय, दुनिया अब सचेत हो जाय। आरंभ करें नया अध्याय, ताकि ओजोन फिर से भर जाय। ग्लोबल वार्मिंग को मौन करें आओ मिलकर ओजोन भरें।

ओजोन दिवस कब मनाया जाता है?

16 सितंबर का दिन हर साल ओजोन दिवस के रूप में मनाया जाता है।

ओजोन परत की मोटाई किसमें नापी जाती है ?

ओजोन परत की मोटाई डॉबसन यूनिट में नापी जाती है।

ओजोन क्या है?

ओजोन ऑक्सीजन का अपरूप है। यह एक प्रकार की आणविक गैस है जिसका फार्मूला O3 होता है।

ओजोन परत में छेद क्यों हो रहा है?

वायुमंडल में क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस की बढ़ती मात्रा और असंतुलन के कारण ओजोन परत में छिद्र हो रहा है।

ओजोन संरक्षण का उपाय क्या है ?

ओजोन परत को बचाने के लिए हमें क्लोरोफ्लोरोकार्बन के उत्सर्जन पर नियंत्रण करना होगा और साथ ही ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीनहाउस इफेक्ट जैसी समस्याओं से भी निपटना होगा।

क्लोरोफ्लोरोकार्बन क्या है ?

क्लोरोफ्लोरोकार्बन एक प्रकार की ग्रीनहाउस गैस है जिस का फार्मूला CFCs है। यह गैस ओजोन परत में छेद के लिए जिम्मेदार है।

क्लोरोफ्लोरोकार्बन कहां से उत्सर्जित होता है ?

क्लोरोफ्लोरोकार्बन मुख्य रूप से रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर से उत्सर्जित होता है।

पृथ्वी से ओजोन परत की ऊंचाई कितनी है?

जोन परत पृथ्वी के वायुमंडल में 10 किलोमीटर से लेकर 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक स्थित है।

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