लता मंगेश्कर का जीवन परिचय, निधन | Lata Mangeshkar Biography in hindi

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भारत की सुर कोकिला, सुरों की रानी लता मंगेशकर भारत की ऐसी पार्श्वगायिका है जिनकी आवाज की इतनी सुरली मानी जाती है कि जिसपर वैज्ञानिकों तक ने रिसर्च कर डाली है कि आखिर कोई इतना सुरिला कैसे गा सकता है। यह भारत के लिये बहुत खास है इन्होंने अब तक 40 हजार गाने अलग-अलग भाषाओं में गाये है इनका नाम अब तक कि सबसे अधिक गाने गाने का विश्व रिकार्ड बनाया है।

इन्हें अबतक कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जिनमें भारत रत्न, पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार, स्पेशल लाईफ ऐचिवमेंट अवार्ड जैसे कई नामी पुरस्कार मिल चुके है। आज हम उनके व्यक्तित्व एवं जीवन के बारे में बताएगें।

भारत को बहुत सारे ऐसे संगीतकार और संगीतज्ञ दिए हैं जिन्होंने भारत का नाम न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ऊंचा किया है। उनमें सबसे महान और श्रेष्ठ संगीतकार का नाम लता मंगेशकर जी का है।

लता मंगेशकर का निधन (Lata Mangeshkar Death News)

लता मंगेशकर पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थी वह कोविड पोजिटिव पाई गई थी जिसकी वजह से उन्हे च्दमनउवदपं भी गया था। वह 8 जनवरी से मुम्बई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थी। डाक्टरों ने उनकी सेहत में सुधार की बात कहीं थी। लेकिन उनका स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ और सेहत में उतार-चढ़ाव आ रहा था जिसके चलते डाक्टरों ने उन्हें फिर से वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा हुआ था। पूरा देश उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा था। लेकिन भगवान कुछ और ही मंजूर था 6 फरवरी 2022 को सुबह 8-00 बजें उनका निधन हो गया है लता जी की उम्र 92 वर्ष थी।

आज उनकी अंतिम विदाई के समय पूरा राष्ट्र शोक ग्रस्त है जिसकी क्षति कोई पूरा नहीं कर सकता है। लता जी का अंतिम सस्कार राजकीय सम्मान से किया जायेगा। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गहरा शौक व्यक्त किया है और उनके सम्मान में 2 दिन का राष्ट्रीय शौक घोषित किया गया है। लता जी के सुरों की गूंज सदियों तक भुलाई नहीं जा सकती है उन्होंने लगभग 7 दशकों तक सुरों की दुनियां पर राज किया लगभग 36 भाषाओं में उन्हाेंने लगभग 40,000 गाने गाये है।

जिसके कारण इस समय पूरे देश की नजर महान संगीतकार लता जी पर है, जिन्होंने हजार से ज्यादा हिंदी फिल्मों में अपना संगीत दिया है।

लता जी एक Music Director भी है लता मंगेशकर जी के बारे में जितना कहा जाए उतना कम है। लेकिन हम चाहते हैं कि आज आप लता जी के बारे में और उनकी पूरी जीवनी के बारे में यह जाने कि भारत में पैदा हुई लता मंगेशकर जी का व्यक्तित्व कैसा था। आज के लेख में हम आपको लता मंगेश्कर का जीवन परिचय (Lata Mangeshkar Biography in Hindi) के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

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लता मंगेश्कर का जीवन परिचय (Lata Mangeshkar Biography in hindi)

असली नाम (Real Name)हेमा हरिदकर मंगेशकर
बचपन का नाम हेमा
प्रसिद्ध नामलता मंगेश्कर, स्वर सम्राज्ञी, स्वर कोकिला, सुरों की रानी
(Voice of india, Nightingale of India)
जन्म (Date of Birth)28 सितम्बर 1929
जन्म स्थान (Place of Birth)इंदौर , मध्य प्रदेश, भारत
आयु93 वर्ष (2022)
पेशापार्श्व गायिका (Playback Singer)
संगीत की शिक्षा (गुरु)पंडित दीनानाथ (पिता) पंडित तुलसीदास शर्मा
उस्ताद अमानत अली खान, गुलाम हैदर     
परिवार (Family Details)
माता का नाम (Mother Name)शेवन्ती मंगेशकर
पिता (Father Name)दीनानाथ मंगेशकर
भाई व बहन (Sisters & Brother)बहनें- मीना, आशा भोंसले, उषा मंगेशकर
भाई – ह्र्दय नाथ मंगेशकर
वैवाहिक स्थितिविवाह नहीं किया

लता मंगेशकर जी का प्रारंभिक जीवन

1929 वह वर्ष था जब लता मंगेशकर जी का जन्म हुआ था। लता मंगेशकर जी का जन्म पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर में हुआ था, जो कि उनके पिता थे। वह एक मराठी और कोंकणी संगीतकार थे, उनके पत्नी का नाम शेवंती था, तथा लता जी उनकी सबसे बड़ी बेटी थी। लता जी का जन्म इंदौर की रियासत में हुआ था जो कि आज के समय मध्य प्रदेश में स्थित है।

लता मंगेशकर के पिता दीनानाथ मंगेशकर एक शास्त्रीय गायक थे। लता मंगेशकर की माता जी का नाम शेवंती था, जिनका नाम बाद में बदलकर सुधमती रख दिया गया था। दीनानाथ की पहली पत्नी का नाम नर्मदा था और वह शेवंती की बड़ी बहन थी।

लोकगीतों को सिखाने के लिए लता मंगेशकर जी कि नानी को भी श्रेय दिया जा सकता है। लता मंगेशकर जी के नाना गुजरात के मशहूर व्यापारी सेट हरिदास रामदास लाड़ थे और लता मंगेशकर जी ने अपनी नानी से पावागढ़ के गरबा जैसी गुजराती लोकगीत सीखे थे।

दिनानाथ के परिवार की पहचान उनके पैतृक शहर मंगेशी से संबंध रखता था। इसीलिए गोवा में उन्होंने अपने उपनाम को मंगेशकर के रूप में रखा। और उसी समय लता जी के बचपन का नाम हेमा रखा गया था, तथा बाद में एक भाव बंधन की महिला चरित्र लतिका के नाम पर उनका नाम लता रख दिया गया था।

लता मंगेश्कर को संगीत की शिक्षा अपने पिता से मिली थी। वह संगीत व रंगमंच के मशहूर कलाकार थे। लता जी ने पांच वर्ष की छोटी उम्र से ही संगीत की शिक्षा ग्रहण करना आरंभ कर दिया था।

लता मंगेशकर जी का फिल्मी सफर जीवन (Lata Mangeshkar film career hindi)

लता मंगेशकर जी के पिता की मृत्यु 1942 में हो गई थी, जब लता मंगेशकर ही 13 वर्ष की थी। तथा उसमें नवयुग चित्रपट फिल्म कंपनी के मालिक विनायक दामोदर कर्नाटकी ने मंगेशकर परिवार का देखभाल किया, तथा लता जी को अपने गायकी और अभिनेत्री के career की शुरुआत करने में मदद करी।

लता मंगेशकर जी ने पहली बार 1946 में मराठी फिल्म गजभाऊ के लिए “माता एक सपूत की दुनिया बदल दे तू” का हिंदी गीत दिया था।

1948 में विनायक जी की भी मृत्यु हो गई थी, और म्यूजिक डायरेक्टर गुलाम हैदर ने शशिधर मुखर्जी से लता जी को मिलवाया था, जो उस समय शहीद फिल्म बना रहे थे। लेकिन शशिधर मुखर्जी ने लता जी की आवाज को बहुत पतली कह कर मना कर दिया था।

लेकिन तब उस समय नाराज गुलाम हैदर ने उन्हें जवाब दिया कि आने वाले वर्षों में बड़े-बड़े फिल्म निर्माता और निर्देशक लता जी से गाना गाने के लिए उनके चरणों में पड़ेंगे, और उनसे भीख मांगेंगे।

इसके बाद में 1948 में फिल्म “मजबूर में” गुलाम हैदर ने लता जी को पहला बड़ा break दिया था, जहां उन्होंने “दिल मेरा तोड़ा मुझे कहीं का ना छोड़ा” गाने में नाजिम पानीपति का साथ दिया था। और वह उनकी पहली सबसे सफल फिल्म थी। उन्होंने 2013 में अपने 84वें जन्मदिन पर यह घोषणा भी करी थी कि गुलाम हैदर वास्तव में उनके गॉडफादर थे, उन्होंने ही मेरी प्रतिभा पर इतना भरोसा दिखाया और वह मेरे सबसे पहले संगीत निर्देशक थे।

अब यदि हम आपको लता मंगेशकर जी के गानों के बारे में बताएं तो यह सिलसिला बहुत लंबा हो जाएगा क्योंकि लता मंगेशकर जी ने 1000 से ज्यादा हिंदी गाने गाने गाए हैं और 1945 से लेकर के सन 2009 तक लता मंगेशकर जी ने 5000 से ज्यादा गाने गाए।

लता मंगेशकर की उपलब्धियां एवं अवार्ड (Awards & Achievements)

लता मंगेशकर जी ने अपने जीवन काल में जो सारे अवार्ड प्राप्त किए, उनकी लिस्ट भी बहुत लंबी है। जिनके बारे में आज हम आपको बताएंगे-

  • उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार के तौर पर सबसे पहले 1969 में पद्म भूषण सम्मान प्राप्त किया।
  • 1989 वह वर्ष था जब उन्होंने दादा साहेब फाल्के Award प्राप्त किया।
  • 1999 में पद्म विभूषण और 2001 में भारत रत्न प्राप्त किया।
  • 2008 में उन्हें One Time Award For Life Time Achievement का Award प्राप्त किया।

महाराष्ट्र के फिल्म पुरस्कार (Maharashtra State Film Awards)

केवल और केवल महाराष्ट्र के Awards के बारे में आपको बताएं जो कि लता मंगेशकर जी को दिए गए थे तो

  • उनकी शुरुआत 1966 से होती है, जब उन्हें सबसे पहले Best Female Playback Singer का Award मिला था जो की सादी मनसा के लिए था।
  • इसके बाद में 1966 में ही उन्हें Best Music Director for सादी मनसा का Award भी मिला।
  • इसके बाद में 1970 में ही थे Best Playback Singer फॉर जैत रे जैत के लिए Award मिला।
  • 1997 में इन्हें महाराष्ट्र भूषण अवार्ड मिला।
  • 2001 महीने महाराष्ट्र रत्न का अवार्ड मिला।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards)

  • सबसे पहला Award 1972 में मिला था, जो कि “परिचय” फिल्म के लिए National Film Award for Best Female Playback Singer का Award था।
  • “कोरा कागज” फिल्म के लिए 1974 में उन्हें Best Female Playback Singer का Award मिला।
  • इसके बाद भी “लेकिन” फिल्म के लिए इन्होंने 1990 में National Film Award for Best Playback Singer Award जीता था।

इसके बाद में यदि हम Filmfair Award की बात करें तो इन्होंने अपना सबसे पहला फिल्म फेयर Award-

  • 1959 में जीता था जो कि “आजा रे परदेसी” गाने के लिए था।
  • इसके बाद में 1963 में “कहीं दीप जले कहीं दिल” के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला था।
  • 1966 में ही उन्हें “तुम्हीं मेरे मंदिर तुम्हीं मेरी पूजा” के लिए फिल्मफेयर अवार्ड मिला था।
  • 1970 में इन्हें “आप मुझे अच्छे लगने लगे” गाने के लिए फिल्म फेयर अवार्ड मिला।
  • 1993 में इन्हें Filmfair Life Time Achievement Award मिला।
  • 1994 में इन्हें special Award for “दीदी तेरा देवर दीवाना” गाने के लिए Award मिला।
  • साल २००० में उन्हें लाइफ टाईम अचिवमेंट अवार्ड IIFA से सम्मान प्राप्त हुआ।
  • २००४ में लता जी को एक स्पेशल अवार्ड मिला जिसमें उन्होंने अपने फिल्मफेयर अवार्ड के ५० साल पूरे कर लिए थे।

इसके अलावा भी यदि हम लता जी के द्वारा जीते गए और प्राप्त किए गए सभी Award की List आपको देने लगे, तो यह List भी बहुत लंबी हो जाएगी। लता जी ने अपने जीवन काल में 200 से ज्यादा Award जीते हैं। इसी के साथ में लता मंगेशकर जी ने अपने जीवन काल में 40000 से ज्यादा गानों में अपनी आवाज दी है, जो कि कुल मिलाकर के 36 भाषाओं में गाए गए हैं। यहां तक कि 1000 हिंदी फिल्मों में गाने गाये है।

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निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने जाना कि लता मंगेशकर जी कौन है, उन्होंने अपने जीवन काल में कौन कौन से गाने गाए हैं, कितने गाने गाए हैं, लता जी का प्रारंभिक जीवन कैसा था, उनका प्रोफेशनल जीवन कैसा था, और उन्हें कौन-कौन से Award मिले हैं। इन सब के बारे में आज के लेख में हमने एक संक्षिप्त लेख में Lata Mangeshkar Biography in Hindi के बारे में आपको पूरी जानकारी दी है। हम आशा करते हैं कि आप इस जानकारी से संतुष्ट होंगे।

FAQ

प्रश्न- लता मंगेशकर का असली नाम क्या है?

उत्तर- हेमा हरिदकर मंगेशकर

प्रश्न- लता जी को भारत रत्न पुरस्कार कब मिला था?

उत्तर- सन् 2001 में सुर कोकिला लता जी ने भारत रत्न पुरस्कार प्राप्त किया था।

प्रश्न- लता मंगेशकर जी के पिता जी मृत्यु कब हुई थी?

उत्तर- जब लता जी केवल 13 वर्ष की थी तब ही उनके पिताजी की मृत्यु 1942 में हो गयी थी।

प्रश्न- लता मंगेशकर की मृत्यु कब और कहां हुई।

उत्तर- 8 जनवरी से लता जी कोविड से ग्रस्त होने के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थी। उनके स्वास्थ में निरतंर उतार चढ़ाव आ रहे थे। लगभग एक महिन के पश्चात 6 फरवरी 2022 को सुबह 8 बजे के लगभग उनका निधन हो गया है। वह 92 वर्ष की थी।

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