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मेजर ध्यानचंद जयंति – राष्ट्रीय खेल दिवस क्यों मनाया जाता है? | National Sports Day Facts history in hindi

मेजर ध्यानचंद की जयंति पर ही क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय खेल दिवस जानिए इसका महत्व एवं इतिहास (National Sports Day Facts history in hindi)

भारत में बहुत सारे खेल खेले जाते हैं जैसे:- हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कुश्ती इत्यादि। आज के इस लेख में हम National Sports Day 2022 के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी देने वाले हैं। इस लेख के जरिए हम मेजर ध्यानचंद जी के बारे में भी आपको अवगत करवाएंगे। अतः आप हमारे साथ इस आर्टिकल के अंत तक जरूर बने रहे।

विषय–सूची

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राष्ट्रीय खेल दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित है। 29 अगस्त 1907 को मेजर ध्यानचंद जी का जन्म हुआ था। इस दिन मेजर ध्यान चंद जी की जयंति है। वह ऐसे महान खिलाड़ी थे जिन्होंने हॉकी को ख्याति दिलानें में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने हॉकी में तीन बार भारत के लिये स्वर्ण पदक दिलाया था। वह हॉकी को रात में चांद की रोशनी में भी खेल लेते थे उनके खेल के प्रति समर्पण और ध्यान केन्द्रित करने की शक्ति के कारण उनको ध्यान चंद के नाम से पुकारा गया। उनका असली नाम ध्यान सिंह था। उन्हें हॉकी के विजार्ड की उपाधि दी गई थी। वह वास्तव में एक जादूगर की तरह खेलते थे। मानों हॉकी की गेंद उनके इशारों पर नाच रहीं हो।

जब वह देश के लिये खेलते थे उस समय को हॉकी के लिए स्वर्णिम काल कहा जाता है। मेजर ध्यानचंद जी एक पद्मभूषण विजेता रहे हैं। इसके अलावा युवाओं मे खेल के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए भी राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sports Day) 29 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस मनाने का उद्देश्य (National Sports Day Facts history in hindi)

राष्ट्रीय खेल दिवस को मनाने का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि हर एक व्यक्ति को उसकी जीवन में खेल की भूमिका क्या है, इस बात से जागरूक करवाने के लिए राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस मनाने का एक मुख्य उद्देश्य यह भी है कि हमारे देश की युवा पीढ़ी की प्रतिभा को पहचाना जा सके। उस प्रतिभा को एक नई राह देने के उद्देश्य से अलग-अलग प्रतियोगिताओं को आयोजित किया जाता है।

साल 2022 में हुए ओलंपिक गेम्स में हमारे भारत के खिलाडियों ने जो प्रदर्शन किया है, वह काबिले तारीफ है। इसी तरह की प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है।

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राष्ट्रीय खेल दिवस मनाने का महत्व

राष्ट्रीय खेल दिवस मनाने का महत्व जनता का ध्यान खेल की तरह आकर्षित करना है। युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करने और इसमें बनने वाले करियर की तरफ बढ़ावा देना है। हर एक व्यक्ति के शरीर के लिए खेल से होने वाले फायदे के प्रति लोगों का ध्यान केंद्रित करना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस का इतिहास

ध्यान चंद जी 16 साल की उम्र से ही भारतीय सेना में भर्ती हो गए। यहा उन्होंने हॉकी का प्रशिक्षण देना शुरू किया और अपनी कड़ी मेहनत और परिश्रम से गेंद पर नियंत्रण पाने की कला सीख ली।

उन्होंने हॉकी टीम के कप्तान के रूप में तीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीते हैं। साल 1948 में उन्होंने अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। खेल में अच्छे प्रदर्शन की वजह से सेना में भी उनका प्रमोशन होता रहा और उन्हें कमीशन ऑफिसर के तहत मेजर का post,  सम्मान के रूप में दिया गया।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1000 से अधिक गोल किए हैं। इसीलिए उन्हें हॉकी का जादूगर कहते हैं। साल 1956 में उन्हें तीसरे सबसे बड़े सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया।

साल 2012 में भारत सरकार ने मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस को राष्ट्रीय खेल दिवस अर्थात नेशनल स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाने की घोषणा की। तब से 29 अगस्त का दिन हर साल राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मेजर ध्यानचंद कौन थे?

मेजर ध्यानचंद एक महान हॉकी खिलाड़ी थे। इनका जन्म 29 अगस्त 1952 में, उ.प्र. इलाहाबाद में हुआ। यह 16 साल की उम्र में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वहीं से ही इन्होंने हॉकी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। साल 1928, 1932 और 1936 में इन्होंने ओलंपिक गेम्स में तीन स्वर्ण पदक अर्जित किए थे। यह केवल एक ऐसे हॉकी खिलाड़ी है जिन्हें सिविलियन पुरस्कार पद्म भूषण अर्थात् देश के तीसरे सबसे बडे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

अच्छा प्रदर्शन करने से इनका सेना में भी प्रमोशन होता रहा और इन्हें कमीशन ऑफिसर के तहत मेजर का पद दिया गया था। इसलिए इन्हें मेजर ध्यानचंद के नाम से जाना जाता है।

इन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान 1000 से भी अधिक गोल किए थे। यही कारण है कि इन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता है। इनके सम्मान स्वरूप भारत सरकार द्वारा, दिल्ली में बने स्टेडियम का नाम मेजर ध्यानचंद स्टेडियम रखा गया।

क्यों कहां जाता था उन्हें हॉकी का जादूगर

उस समय भारत ही हॉकी खेल का बादशाह हुआ करता था। मेजर ध्यानचंद ही वो व्यक्ति थे जिन्होंने हॉकी में ख्याति दिलाई थी। उनकी हॉकी से जब बॉल ऐसे टच हो जाती थी मानों चुम्बक से चिपक गई हो। उनकी चुस्ती और फुर्ती के आगे विपक्षी टीम धाराशाही हो जाती थी। एक बार तो उनकी हॉकी स्टिक को तोड़कर देखा गया कहीं इसमें कोई चिपकने वाला पदार्थ तो नहीं लगा हैं। उनकी इसी चमत्कारी शक्ति को देखकर उन्हें हॉकी का जादूगर नाम दिया गया था।

राष्ट्रीय खेल दिवस कैसे मनाया जाता है?

इस दिन अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रपति भवन में खेल के राष्ट्रीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है। राजीव गांधी, अर्जुन पुरस्कार, खेल रतन और द्रोणाचार्य पुरस्कार जैसे प्रसिद्ध खेल से संबंधित पुरस्कारों को भारत की सरकार द्वारा 1 साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है।

हमारे देश में ध्यानचंद पुरस्कार खेल के प्रति आजीवन उपलब्धि के तौर पर मिलने वाला सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। द्रोणाचार्य पुरस्कार कोच को दिए जाने वाले पुरस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस दिन खास करके स्कूलों में स्पोर्ट्स इवेंट का आयोजन किया जाता है। यह बच्चों में खेल के प्रति आत्मविश्वास, श्रद्धा और जागरूकता बढाता है। अलग-अलग खेल एकेडमी के द्वारा भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते है।

इस दिन देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों जिन्होंने विभिन्न खेलों में अद्भुत प्रर्दशन करने वालें खिलाड़ियों को राष्ट्रपति जी द्वारा द्रोणाचार्य, राजीव गांधी, खेल रत्न जैसे प्रतिष्ठित पुरुस्कारों से सम्मानित किया जाता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2022 थीम

इस साल राष्ट्रीय खेल दिवस को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष यह दिन केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि एक मुहिम के तहत बनाया जाएगा।

इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा ओलंपिक, राष्ट्रमंडल और एशियाड खेलों में पदक जीतने वाले वर्तमान और पुराने समय के नामी खिलाड़ियों के साथ मिलकर 29 अगस्त से आओ खेलें थीम पर मुहिम चलाई जा रही है।

2022 थीम के अनुसार चलाया जाने वाला अभियान

इस मुहिम के तहत जम्मू से लेकर पोर्ट ब्लेयर तक के सभी स्कूलों में बच्चों को खेल के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जाएगा और यह नेक काम हमारे देश के असली हीरो अर्थात हिमा दास, निकहत जरीन, अमित पंघाल, मुरली श्रीशंकर, भाविन पटेल जैसे पदक विजेता खिलाड़ियों के द्वारा किया जाएगा।

खेल दिवस पर शुरू हो रहे इस परंपरा की एक खास बात यह भी है कि आने वाले वर्षों में यह मुहिम राज्य सरकारों के साथ मिलकर राज्य स्तर पर आगे बढ़ाई जाएगी।

इस साल अर्थात 2022 में खेल मंत्रालय पूरे देश में 200 स्थानों से भी अधिक जगहों पर एक साथ राष्ट्रीय खेल दिवस मनाएगा। इसमें खेल मंत्री अनुराग ठाकुर जी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी भी जुड़ेंगे।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से कहा है कि खेल दिवस पर सभी स्कूल, सरकारी दफ्तर आदि पूरे देश के साथ जुड़कर यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाएं। 500 से अधिक खेल एकेडमीयों को भी यह दिवस धूमधाम से बना कर इस अभियान के साथ जुड़ने के लिए कहा गया है।

राष्ट्रीय खेल दिवस से संबंधित रोचक तथ्य (National Sports day Interesting Facts)

  • मेजर ध्यानचंद इकलौते हॉकी खिलाड़ी है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1000 से अधिक गोल किए हैं।
  • मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर भी कहा जाता है।
  • ध्यान चंद जी के नाम के आगे मेजर शब्द पहले से नहीं जुड़ा हुआ है। यह उन्हें सेना द्वारा सम्मान के रूप में दिए गए मेजर पद मिलने के बाद जुड़ा है। इसी के बाद वह मेजर ध्यानचंद कहलाए।
  • मेजर ध्यानचंद एकमात्र हॉकी खिलाड़ी हैं जिन्हें पदम भूषण से सम्मानित किया गया है।
  • दिल्ली में एक स्टेडियम का नाम मेजर ध्यान चंद स्टेडियम रखा गया है।
  • Sport की फुल फॉर्म S- Spiritual, P- physical, O-Organize, R-reliable, T-Teacher  होती है।
  • नेशनल स्पोर्ट्स डे 2012 से मनाया जाता है।
  • स्पोर्ट्स के क्षेत्र में देश का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ‘ध्यान चंद पुरस्कार’ ही है जिसको प्रथम बार 2002 में दिया गया था।

FAQ

नेशनल स्पोर्ट्स डे कब मनाया जाता है?

29 अगस्त को

राष्ट्रीय खेल दिवस किसको समर्पित है?

मेजर ध्यानचंद

मेजर ध्यानचंद कौन है?

प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी

मेजर ध्यानचंद को किस नाम से जाना जाता है?

हॉकी का जादूगर

साल 2022 में राष्ट्रीय खेल दिवस पर चलाई जा रही मुहिम की थीम क्या है?

आओ खेलें

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