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नीरज चोपड़ा कैसे हुये इतने प्रसिद्ध, जीवन परिचय | Neeraj Chopra Biography in hindi

नीरज चोपड़ा की जीवनी, भाला फेंक ट्रैक और फील्ड एथलीट, ओलंपिक गोल्ड मैडल विजेता (Golden boy Neeraj Chopra ka jivan parichay, Neeraj Chopra biography in hindi, javelin throw in hindi, salary and net worth, coach, caste, age, records, awards, Lausanne Diamond League 2022)

टोक्यो ओलंपिक के बाद से ही जैवलिन थ्रो में भारत दुनिया भर में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। टोक्यो ओलंपिक के बाद अब तक जैवलिन थ्रो में भारत के नाम लिखे जाने वाले खिताबों का पूरा श्रेय नीरज चोपड़ा को जाता है।

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नीरज चोपड़ा भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर हैं जिन्होंने जापान में आयोजित टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर अपना नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवा चुकें हैं। इन्होंने 87.58 मीटर के सर्वश्रेष्ठ जैवलिन थ्रो के साथ गोल्ड मेडल का खिताब अपने नाम किया था।

टोक्यो ओलंपिक में भारत का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा लगातार जैवलिन थ्रो में बेहतरीन प्रदर्शन के जरिए नए-नए खिताब भी हासिल कर रहे हैं। नीरज चोपड़ा इस समय भारत के सबसे पसंदीदा एथलीट बन चुके हैं।

हाल ही में नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलीट चैंपियनशिप में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था। उन्होंने 88.13 मीटर के थ्रो के जरिए विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक का खिताब अपने नाम किया।

इस खिताब के बाद अब नीरज चोपड़ा लुसाने डायमंड लीग में इतिहास रचने वाले पहले भारतीय एथलीट बन चुके हैं। उन्होंने 89.08 मीटर के बेहतरीन थ्रो के साथ लुसाने डायमंड लीग का खिताब अपने नाम दर्ज कर लिया है। अपने इस नए रिकॉर्ड के साथ साथ नीरज चोपड़ा ने एक और नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 7-8 सितंबर को आयोजित फाइनल मुकाबले 88.44 मीटर का थ्रो फेंककर डायमंड लीग का फाइनल राउंड जीतकर डायमंड ट्राफी पर कब्जा जमा लिया है

आइए जानते है कैसे एक साधारण से किसान का बेटे ने कैसे अपने कामायाबी के झंडे ओलपिंक में गाड़ दिये। नीरज चोपड़ा 121 वर्ष बाद एथलिट में विश्व चैम्यिनशिप यह कारनामा, स्वर्ण प्राप्त करने वाले दूसरे एथलिट है।

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विषय–सूची

नीरज चोपड़ा का जीवन परिचय (Neeraj Chopra Biography in hindi)

नीरज चोपड़ा कौन है? (Family, Religion, caste, education)

नीरज चोपड़ा एक साधारण किसान के बेटे है  इनका जन्म 24 दिसंबर 1997 में हरियाणा के शहर पानीपत के पास एक छोटे गांव खंडरा में हुआ। पिता सतीश कुमार व माता का नाम सरोजदेवी है वे एक ग्रहणी (भ्वनेमूपमि) है। नीरज चोपड़ा के कुल 5 भाई बहन है और वे अपने भाई बहनों में सबसे बड़े है।

जब वे 13 साल के थे तब काफी ज्यादा मोटे थे। तब उनके पिता ने पानीपत के पास एक फिटनेस सेंटर (जिम) में एडमिशन दिलवाया था और वे वजन कम करने के लिए दौड़ते थे। शुरू से नीरज को जैवलिन थ्रो में कोई दिलचस्पी नहीं थी परन्तु जैवलिन थ्रो स्पेशलिस्ट जयवीर को देखने के बाद उनके मन में भी इस खेल के प्रति उत्सुकता बढ़ी और वे उनके साथ ही प्रशिक्षण शुरू कर दिए।

समय के साथ वह अपने खेल में निखारियत लाते गए और जब वे 14 वर्ष के हुए तब वे पंचकुला में  स्पोर्ट्स नर्सरी में शिफ्ट हो गए जहां पर उन्हे राष्टीय स्तर के एथलीट्स के साथ प्रशिक्षण लेने का मौका मिला। जिसके बाद उनकी मेहनत रंग लाई और वे 2012 में लखनऊ में आयोजित जूनियर राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक जीता।

नीरज चोपड़ा के बारे में जानकारी (Neeraj Chopra Family, Education, birth place, height, weight, caste, personal best, best Throw, world ranking, height, Religion, Caste, javelin throw in hindi)

पूरा नाम (Full Name)नीरज चोपड़ा
उपनाम (Nickname)गोल्डन ब्यॉय(Golden Boy)
पिता (Father Name)सतीश कुमार (किसान)
माता (Mother Name)सरोज देवी
बहनें (Sisters)संगीता और सरीता
जन्म (Date of Birth)24 दिसंबर 1997
जन्म स्थान (Birth Place)गांव खंडरा, पानीपत हरियाणा
उम्र (Age)23 वर्ष (2021 तक)
जाति (Caste)हिन्दू रोर मराठा
धर्म (religion)हिन्दू (Hindu)
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
स्कूलडी.ए.वी. स्कूल, चंडीगढ़
शिक्षा (Education) स्नातक (BBA)
पेशा (Occupation)जैवलिन थ्रो (भाला फेंक)
कोच (Coach)उवे होन (जर्मनी ट्रैक और फील्ड एथलीट)
नेटवर्थ (Net-Worth)5$ (मिलियन डॉलर)
विश्व रैंकिंग (World Ranking)4th position
कद (लम्बाई)178 सेंटीमीटर (6 फीट )
वजन (Weight)86 किग्रा

नीरज चोपड़ा का शैक्षणिक जीवन व कैरियर (Javelin Throw athlete, records)

भाला फेक खिलाड़ी (जेविलिन थ्रो) नीरज चोपड़ा ने अपनी शिक्षा हरियाणा प्राप्त की उन्होंने स्नातक कि डिग्री बीबीए में पूरी की।

नीरज चोपड़ा ने शुरू से अपने दिमाग में भाला फेकने (जैवलिन थ्रो) में लगाया और मात्र 11 वर्ष की उम्र से भाला फेकना शुरू कर दिया था। वे बचपन से ही अपने माता पिता के दुलारे थे इसी कारण उनका वजन काफी बढ़ गया था। इस समय वे 23 वर्ष के हैं। उन्होंने अपने कैरियर में कई सारे अवॉर्ड्स और मेडल्स अपने नाम किए हैं।

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नीरज चोपड़ा, एक आम लड़के से विश्व स्तरीय एथलीट बनने तक का सफर

नीरज शुरू में शिवाजी नगर स्टेडियम में जयवीर जोकि उनका दोस्त है उनके साथ जैवलिन थ्रो की प्रैक्टिस करने आते थे। वहां पर जयवीर ने उन्हें एकाएकी भाला फेकने को कहा तब नीरज इससे काफी अनजान थे तो उन्होंने ऐसे ही भाला फेक दिया था। जिससे जयवीर काफी ज्यादा प्रभावित हुए थे और उन्होंने नीरज को भाला फेकने की लगन से प्रैक्टिस करने को कहा था।

नीरज को जयवीर की बात सही लगी पर उनके सामने एक ही समस्या थी उनका वजन 80 किलो था लेकिन उन्होंने जैवलिन थ्रो को अपना गोल मानते हुए कठिन परिश्रम किया और महज 2 महीने में 20 किलो वजन कम कर लिया था।

इसके बाद समस्या ये थी कि जैवलिन थ्रो यानी की भाला कहां से खरीदें उस वक्त अच्छी क्वालिटी का भाला लाखों में आता था। जोकि उनके परिवार के लिए खरीदना असंभव सा था। लेकिन नीरज के दृढ़ निश्चय के चलते उन्होंने 6 से 7000 रुपये तक का भाला खरीद लिया। और उसी से प्रैक्टिस शुरू कर दी नीरज 7-7 घंटे दिन में प्रैक्टिस करते थे। इसके बाद इंटरनेशनल लेवल पर खेलने के लिए नीरज ने 1,00,000 भाला खरीदा था और अपनी मेहनत से सफलता की हर ऊंचाइयों को छुआ है।

नीरज चोपड़ा के रिकॉर्ड व उपलब्धियां(Neeraj Chopra Records and achievements)

  • वर्ष 2012 में नेशनल जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। वहां पर 68.46 मीटर का रिकॉर्ड, अंडर-16 में बनाया था।
  • वर्ष 2013 में आयोजित AAF वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप नेशनल यूथ चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल करने में कामयाब रहे।
  • 2015 इंटर-यूनिवर्सिटी चौंपियनशिप की प्रतियोगिता में 81-04 मी का थ्रो करके एज ग्रुप के रिकार्ड पर कब्जा किया।
  • वर्ष 2016 में आयोजित जूनियर विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था। वहां पर 86.48 मीटर का नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया था।
  • वर्ष 2017 में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों के पहले दौर में स्वर्ण पदक जीता। वहां पर 82.23 वर्ग मीटर भाला फेका था।
  • वर्ष 2018 में आयोजित गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। वहां पर 86.47 मीटर भाला फेककर नया कीर्तिमान हासिल किया था।
  • वर्ष 2018 में आयोजित एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। जोकि जकार्ता में आयोजित हुआ था। वहां पर 88.06 मीटर भाला फेंक कर प्रतियोगिता जीती थी।
  • नीरज चोपड़ा 2018 में अर्जुन पुरस्कार का सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।
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नीरज चोपड़ा का टोक्यो ओलंपिक में प्रदर्शन (Tokyo Olympic record)

नीरज चोपड़ा एक प्रोफेशनल जैवलिन थ्रोअर है जिन्होंने भारत की तरफ से अच्छा प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीत कर भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन कर दिया है। भाला फेकने की प्रतियोगिता में 7 अगस्त को फाइनल मैच में 87.58 मीटर की दूरी तय करते हुए सबसे ज्यादा distance का रिकॉर्ड set कर दिया था। जिसको अगले 4 राउंड तक कोई भी खिलाड़ी तोड़ नहीं पाया था। जिसके चलते नीरज की पोजीशन प्रथम पर बनी रहे और वह स्वर्ण पदक अपने नाम करने में सफल रहे। इसी के साथ जैवलिन थ्रोअर की ताजा रैंकिंग लिस्ट में नीरज चोपड़ा 4th position पर विराजमान है।

स्वर्ण पदक जीतने के बाद सरकार ने कि पुरस्कार की बारिश

नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल जीतने के बाद अनेक राज्यों की सरकार ने उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किया है उनके पुरस्कार कुछ इस प्रकार है-

1. नीरज चोपड़ा को हरियाणा सरकार ने 6 करोड रुपए, क्लास वन जॉब, और प्लॉट देने की घोषणा की।

2. रेलवे ने नीरज चोपड़ा को तीन करोड़ रुपए देने की घोषणा करी है।

3. पंजाब सरकार की तरफ से रुपये 20000000 ( 2 करोड़ ) और मणिपुर सरकार की तरफ से 10000000 रुपए ( 1 करोड़ ) देने की घोषणा की है।

4. BCCI ने भी नीरज को 1 करोड़ रुपए देने की घोषणा करी है।

वर्ल्ड एथलीट चैंपियनशिप 2022 में जीता था सिल्वर मेडल –

इसी साल नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप 2022 में सिल्वर मेडल भी जीता था। उन्होंने 88.13 मीटर के बेहतरीन जैवलिन थ्रो के जरिए वर्ल्ड एथलीट चैंपियनशिप 2022 सिल्वर मेडलिस्ट का खिताब अपने नाम किया था। इसी चैंपियनशिप के दौरान नीरज चोपड़ा चोटिल भी हो गए थे जिस कारण फाइनल मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दे सके और कॉमनवेल्थ गेम 2022 से भी बाहर रहे।

लुसाने डायमंड लीग में इतिहास रचने वाले पहले भारतीय एथलीट (Lausanne Diamond League 2022)

वर्ल्ड एथलीट चैंपियनशिप 2022 मेंसिल्वर मेडल के बाद नीरज चोपड़ा लुसाने डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

उन्होंने लुसाने डायमंड लीग 2022 में 89.08 मीटर के बेहतरीन थ्रो के साथ यह खिताब अपने नाम किया है। वर्ल्ड एथलीट चैंपियनशिप 2022 के दौरान नीरज चोपड़ा चोटिल हो गए थे जिसके कारण उन्हें बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 से बाहर होना पड़ा लेकिन अपनी इस चोट से उबरने के बाद लुसाने डायमंड लीग विजेता के नए खिताब के साथ उन्होंने जबरदस्त वापसी की है।

नीरज चोपड़ा ने अपने पहले ही प्रयास में 89.08 मीटर के जैवलिन थ्रो के साथ बढ़त बना ली थी। यह नीरज चोपड़ा का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रयास है इसके पहले उन्होंने स्टॉकहोम डायमंड लीग में 89.94 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया था।

इसके अलावा नीरज चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में आयोजित डायमंड लीग के फाइनल मुकाबले 88.44 मीटर का थ्रो फेंककर डायमंड लीग का फाइनल राउंड जीतकर डायमंड ट्राफी पर कब्जा जमा लिया है वह ऐसा कारनामा करने वाले पहले भारतीय बन गए है। इससे पहले वह 2017 व 2018 में भी इसके फाइनल में पहुंचे थ लेकिन फाइनल राउंड नहीं जीत पाये थे।

आज के इस लेख में हमने भारत के प्रोफेशनल एथलीट और gold medalist नीरज चोपड़ा के जीवन पर प्रकाश डाला है। (Neeraj Chopra Biography in hindi) उम्मीद करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा यदि पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ अवश्य शेयर करें।

नीरज चोपड़ा के बारे में (FAQ’s)

नीरज चोपड़ा कौन है?

नीरज चोपड़ा भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी हैं जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 गोल्ड मेडल जीता था।

नीरज चोपड़ा की उम्र कितनी हैं?

इस समय 2022 में नीरज चोपड़ा की उम्र 24 वर्ष है।

नीरज चोपड़ा किस जाति का है?

रोर मराठा जाति से हैं।

नीरज चोपड़ा कहां के रहने वाले हैं ?

नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत से हैं।

नीरज चोपड़ा के पहले कोच का नाम क्या है?

उनके बचपन के पहले कोच का नाम जयवीर सिंह है।

नीरज चोपड़ा कहां तक पढे़ हैं?

दयानंद एंग्लो-वैदिक कॉलेज से पढ़ाई की और अपनी स्नातक की डिग्री ली। इस समय वह जांलधर पंजाब से लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं।

नीरज चोपड़ा की जेवलिन का वेट क्या है?

ओलंपिक में जेवलिन 800 ग्राम और लंबाई 2.6 मीटर से 2.7 मी के बीच की होनी चाहिये।

ओलंपिक में नीरज चोपड़ा का बेस्ट थ्रो कितनी दूरी का है?

नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर का थ्रो करके टोक्यो ओलंपिक का गोल्ड मेडल जीता है।

लुसाने डायमंड लीग में नीरज ने कितनी दूरी का थ्रो फेंका हैं?

लुसाने में 89.08 का थ्रो फेंककर नया रिकार्ड दर्ज किया हैं।

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