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राष्ट्रीय एकता दिवस पर स्लोगन, नारे, संदेश और अनमोल विचार | National Unity Day Quotes in Hindi | Wishes Massages, Quotes on rashtriya ekta diwas Slogans hindi main

National Unity Day 2022 Slogans & Quotes: हर साल 31 अक्टूबर का दिन राष्ट्रीय एकता दिवस के रुप में मनाया जाता है। इसी दिन सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म हुआ था और उन्हीं के जन्मदिन के उपलक्ष में उनके सम्मान में हर साल राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने भारत के कई टुकड़े होने से भारत को बचा लिया और 565 देशी रियासतों का भारत में विलय किया। अगर आज वे नहीं होते तो शायद हमारे भारत के न जाने कितने टुकड़े हो चुके होते।

उनके योगदान को देखते हुए साल 2014 में सरदार वल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन के उपलक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने की शुरुआत की।

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राष्ट्रीय एकता दिवस को लेकर विद्यालय विश्वविद्यालय और अन्य कई संस्थानों में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दिन लोग एक दूसरे को अनमोल विचार कोट्स और कविताओं के द्वारा संदेश भेजते हैं।

आज आर्टिकल के जरिए हम आपको एकता दिवस पर नारे, अनमोल विचार और संदेश (Massage, Slogan on National Unity Day Quotes in Hindi) के बारे में बताएंगे जिन्हें आप संदेश के माध्यम से अपनी जान पहचान के लोगों तक पहुंचा सकते हैं और इन कविताओं और कोट्स के माध्यम से प्रभावशाली निबंध और भाषण दे सकते हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर अनमोल विचार | National-Unity-day-quotes-in-hindi

राष्ट्रीय एकता दिवस पर अनमोल विचार (National Unity Day Quotes in Hindi)

टूटने से तो बिखर जाते हैं जर्रे जर्रे,
साथ रहने से हर एक बला टलती है।

साथ रहना भी एक हुनर है कोई ऐब नहीं,
हमसफर ना हो तो सफर में रहगुजर कैसा।
यही तो है इस देश की पहचान,
विविधता से बढ़ती है देश की शान।

निज भारत की शान है,
एकता हमारी पहचान है।
न हिंदू , ना मुसलमान।
हम बन जाए बस इंसान।
भेद न हो हम में अब कोई,
कहे है गीता, कहे कुरान।
एकता में शक्ति है एकता में बल।
एकता से हर एक मुसीबत जाती टल।

एकता से सुनहरी होगी देश की तकदीर,
वरना एक दिन हर इंसान हो जाएगा फकीर।
एक दूजे से मिल जाएंगे, हो जाएंगे एक,
एक दूजे का हाथ बटाकर काम करेंगे नेक।

अलग हुए तो एक दूजे से हम जाएंगे टूट।
साथ साथ रहने से सबको मिल जाएगा टेक।
हाथ से हाथ मिलाओगे तो ऊबर पाओगे,
कदम जो साथ बढाओगे तो ऊबर पाओगे।

अलग हुए तो समझ लेना टूट जाना है,
रहे जो साथ तो हर बला से ऊबर जाओगे।
साथ रहने से मुसीबत तो टल नहीं सकती,
मगर हौसले से पार तो कर सकते हो।

कदम जिस जगह लड़खड़ाएंगे तेरे ऐ दोस्त,
लोग सब भाग किनारे होंगे,
तरक्की कर तू एक दफा जहां की नजरों में,
देख लेना कि तेरे लाख सहारे होंगे।
जगह जगह देखा है मैंने,
बटते-बटते भाई को।
अपने ही भाई के हाथों,
कटते कटते भाई को।
मगर कभी सोचा है तूने,
जब गले मुसीबत आएगी।
उस समय तेरी दुनियादारी,
कुछ काम न तेरे आएगी।
हो सकता है तेरा भाई,
उस समय तुझे सहारा दे।
अब तो एक तू हो जा बंदे,
एकता का नारा दे।
हार जाती है आफत जब गले है आती है,
एक रहकर जरा देखे तो नजारा इसका।

तुम रंग लगाओ होली पर,
तो मैं भी ईद मनाऊंगा।
तुम दीप जला दो चौखट पर,
मैं गले लगाने आऊंगा।
ना अब तुम कोई मुस्लिम हो,
ना अब मैं कोई हिंदू हूं।
इंसान समझ एक-दूजे को,
अब भाई तुम्हें बुलाउंगा।
भारत में एकता की हानि और वैमनस्यता का सबसे बड़ा कारण अज्ञानता है। 
ज्ञानी पुरुष कभी आपस में भेदभाव नहीं करते।

साथ रहेंगे साथ चलेंगे,
एक दूजे के गले मिलेंगे।
हर काम में हाथ बताएंगे,
कुछ यूं एकता दिवस मनाएंगे।
सरदार जी के सपनों को करना है साकार,
एकता को बनाना है तरक्की का आधार।

मिल जुल कर करें विचार।
करें भाईचारे का संचार।

अगर आज होते सरदार जी,
सोचो कितना रोते सरदार जी।
जिस एकता को अपना जीवन किया समर्पित
जब उसे यूं बिखरता देखते सरदार दी।

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एकता दिवस पर संदेश, भाषण (National Unity Day Quotes in Hindi)

विविधता में एकता भारत की पहचान है। भारत दुनिया का सबसे विविध देश है जहां कदम कदम पर जलवायु सभ्यता और संस्कृतियों बदलती रहती हैं। लेकिन इतनी विविधता के बाद भी भारत पूरी दुनिया के लिए एकता और अखंडता की मिसाल है।

लेकिन बड़े दुख की बात है कि आज जातिभेद धर्म भेद रंगभेद और भाषा भेद जैसे कारणों से हमारी एकता और अखंडता क्षीण होती जा रही है। इस प्रकार के भेदभाव भारत की विकास गति को बाधित कर रहे हैं और हमें सदियों पीछे ले जा रहे हैं।

आज घर-घर में बंटवारे नौबत है भाई भाई के साथ रहना पसंद नहीं करता फिर इतने बड़े देश को एकजुट रखना बहुत कठिन कार्य है। हमें नींव से मेहनत करनी होगी पहले हम इंसान को इंसान से जोड़ना होगा, फिर अपने घर परिवार को जोड़ना होगा फिर समाज को जोड़ना होगा तब जाकर हमारा देश से एकजुट होगा।

भाषा और धर्म के नाम पर आज हमारा देश एक टुकड़ों में बटा हुआ है। आए दिनों धर्म के नाम पर उन्माद और दंगे होते रहते हैं। इन सब चीजों का सबसे बड़ा कारण अज्ञानता है।

हमारे देश में भाषा को लेकर जो बंटवारा है उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हमारे देश के पास कोई राष्ट्रभाषा नहीं है हालांकि हिंदी भारत के ज्यादातर हिस्सों में बोली जाने वाली भाषा है और इससे राज्य भाषा है भी घोषित किया गया है।

लेकिन वर्तमान समय में भाषा को लेकर जितने वाद विवाद चल रहे हैं इन परिस्थितियों को देखते हुए हिंदी को राष्ट्रभाषा बना देना अत्यंत आवश्यक है अन्यथा अब वह दिन दूर नहीं जब लोग अपने से भिन्न भाषा बोलने वालों से ईर्ष्या करने लगेंगे।

इन सबके अलावा भारत में इस्लामिक आतंकवाद भी बहुत बड़ी समस्या है। इस्लामिक कट्टरपंथी उन्मादियो ने मुस्लिम युवाओं को गलत राह दिखाकर देश में इस्लामिक आतंकवाद की गंभीर समस्या को बंद कर दिया है। आज आए दिनों लोग हिंदू मुस्लिम दंगों में झुलसते से रहते हैं।

खालिस्तान की मांग भी भारत की एकता के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। ऐसे अलगाववादियों और उनकी विचारधाराओं को पनपने देना राष्ट्र की एकता के साथ विद्रोह से कम नहीं है। हमें हमारे देश में ऐसे अलगाववादी विचारधाराओं का दमन करना होगा।

यह छोटी-छोटी बातें हमारी राष्ट्रीय एकता को बहुत प्रभावित करते हैं और अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान नहीं दिया गया तो यहां अखंड भारत एक ना एक दिन कई टुकड़ों में बट जाएगा। तो आइए हम आप एक साथ मिलकर भारत में एकता के अखंड दीपक को जलाए रखें और सरदार जी के सपनों को पूरा करें जो उन्होंने अखंड भारत को लेकर देखा था।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल बेहद पसंद आया होगा।

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