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प्रेम और आकर्षण से जुड़े 20 मनोवैज्ञानिक तथ्य | Psychological facts about love and attraction in hindi

दोस्तों आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको प्यार और आकर्षण (Psychological facts about love and attraction in hindi) से जुड़ी हुई बहुत सारी बातें बताएंगे जो सायकोलॉजी से जुड़ी हुई हैं।

तो तैयार हो जाइए प्यार से जुड़े हुए साइकोलॉजिकल फैक्ट्स पढ़ने के बारे में क्योंकि इसे पढ़ने के बाद आपको बहुत सारी नई नई बातें पता चलेगी और मजा भी आएगा।

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दोस्तों हर इंसान के जीवन में प्यार का बहुत विशेष महत्व होता है, प्रेम के बिना जीवन नीरस होता है।

प्यार के बिना खुशहाल जिंदगी की कल्पना करना भी कठिन है इसी प्यार के जरिए हम अपने परिवार से अपने अपनों से जुड़ते हैं।

प्रेम का भाव ही व्यक्ति को सरल और तरल दोनों बनाता है और हर अच्छे इंसान हैं में सरलता और तरलता यही दोनों को सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।

तो आइए आज आपको प्रेम और आकर्षण से जुड़े 10 मनोवैज्ञानिक तथ्यों के बारे में बताते हैं।

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प्रेम और आकर्षण से जुड़े 20 मनोवैज्ञानिक तथ्य (Psychological facts about love and attraction in hindi)

1. मनोविज्ञान की माने तो पुरुष में प्यार का भाव जल्दी प्रकट होता है जबकि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में प्यार जल्दी प्रकट नहीं होता मनोविज्ञान मानता है कि महिलाएं किसी पुरुष से प्रेम करने के लिए औसतन 15 दिन का समय लेती हैं जबकि पुरूष किसी महिला से प्रेम करने के लिए आठ से 10 सेकंड ही लेता है। हालांकि यह अलग बात है कि महिलाएं पुरुषों से ज्यादा भावुक होती हैं लेकिन उनकी भावनाएं बहुत नियंत्रित होती हैं जबकि पुरुष अपनी भावनाओं पर ज्यादा देर तक नियंत्रण नहीं कर सकता।

2. मनोविज्ञान कहता है कि यदि आप किसी इंसान से प्यार करते हैं तो वह इंसान देखरेख में चाहे जैसा भी हो लेकिन आपके लिए हमेशा परफेक्ट रहता है। साइकोलॉजी यह भी कहती है कि अगर आप किसी ऐसे इंसान से लंबे समय तक बात करते हैं जिसे आप शुरुआत में नहीं पसंद करते तो धीरे-धीरे समय के साथ-साथ वही इंसान आपको पसंद आने लगता है।

3. सायकोलॉजी कहती है कि विपरीत विचार के लोगों का प्यार लंबे समय तक टिका रहता है जबकि समान विचार वाले लोगों का प्यार उस की अपेक्षा कम टिकता है।

4. ज्यादा बोलने वाली लड़कियां और कम बोलने वाले लड़कों में बहुत गहरा प्रेम होता है और इन दोनों लोगों का जोड़ा प्रेमियों में सबसे मजेदार होता है।

5. सायकोलॉजी कहती है कि आपके साथ जब भी कहीं प्यार का जिक्र होता है या प्यार से जुड़ी कोई चीज देखते हैं या पढ़ते हैं तो आपके मन में तुरंत आपके प्रियजन की छवि अथवा इमेज बनने लगती है।

6. साइकोलॉजिक आती है कि अगर दो प्यार करने वाले लोग कुछ देर तक एक दूसरे की आंखों में देखे तो दोनों के दिल की धड़कन एक साथ चलने लगती है।

7. सायकोलॉजी ऑक्सीटोसिन को कडलिंग हारमोनिया लव हार्मोन के रूप में मानता है। साइकोलॉजी कहती है कि जब आप कभी अपने प्रियजनों को गले लगाते हैं तो ऑक्सीटोसिन का स्राव होने लगता है।

8. साइकोलॉजी कहती है कि जब आप परेशान हो तो आप जिससे प्यार करते हैं उसे गले से लगाए इससे आपके मस्तिष्क का तनाव दूर हो जाता है। दरअसल इसके पीछे एक बायोलॉजिकल कारण भी है साइकोलॉजि मानता है कि जब आप अपने पार्टनर को गले लगाते हैं तो ऑक्सीटॉसिन का स्राव होता है जो आपके तनाव को दूर करने में मदद करता है।

9. लड़की हमेशा जिस लड़के से प्यार करती है उसे अपने परिवार और रिश्तेदारों से मिलवाने के लिए उत्सुक होती है जबकि लड़कों में ऐसा नहीं होता। ज्यादातर लड़के जिस लड़की से प्यार करते हैं उसे अपने परिवार और रिश्तेदारों दोस्तों से मिलवाने के लिए जल्दी उत्सुक नहीं होते।

10. सायकोलॉजी कहती है है कि दुनिया में लगभग 38 परसेंट लोग ऐसे हैं जिन्हें अपने जीवन में जीवन साथी नहीं मिल पाएगा और वह किसी भी जीवन साथी के साथ खुश भी नहीं रह सकते।

आइये जाने- मनोविज्ञान से जुड़े रोचक एवं मजेदार तथ्य (Interesting Human Psychology facts in hindi)

11. आप जिससे प्यार करते हैं जब आप उसके सामने जल्दी भावुक होते हैं फिर चाहे आप खुश हो या दुखी।

12. प्यार करने वाले लोगों में ईर्ष्या बहुत ज्यादा होती है साइकोलॉजि का मानना है कि जब आपको किसी से प्रेम होता है तो आपके शरीर में हारमोंस का स्तर बढ़ जाता है जिसके कारण आपको जल्दी से ईर्ष्या होने लगती है।

13. किसी भी रिश्ते में रोमांस 1 साल से अधिक समय का नहीं होता साइकोलॉजी करती है कि मस्तिष्क रिश्ता बनने के बाद ज्यादा समय तक इस अवस्था में नहीं रह पाता।

14. ज्यादातर साइकोलॉजिस्ट का मानना है कि प्रेमी प्रेमिका के जिन जोड़ों में अपने रिश्ते को लोगों के सामने लाने की हिम्मत होती है उनमें एक दूसरे से रिश्ता निभाने के लिए मजबूत सोच और गहरी भावनाएं होती हैं।

15. साइकोलॉजिस्ट का यह मानना है कि लड़कियां अक्सर अपने से लंबे लड़कों को पसंद करती हैं और वह ज्यादातर उन लड़कों पर ध्यान देती हैं जिनकी सोच में महत्वाकांक्षा होती है।

16. मनोविज्ञान कहता है कि जो लोग अपने प्यार को लोगों के सामने प्रकट करने से डरते हैं उनमें प्यार और रिश्ते को निभाने की मजबूत भावनाएं नहीं होती और ऐसे लोगों का प्यार जल्दी ही टूट जाता है।

17. लड़कों की तुलना में लड़कियां प्यार का इजहार बहुत कम करती हैं जब कि लड़के बहुत भावुक होते हैं और बात बात पर अपनी प्रेमिका से प्रेम का इजहार करते रहते हैं।

18. सायकोलॉजी का मानना है कि असामान्य परिस्थितियों में होने वाला प्यार सामान्य परिस्थितियों में होने वाले प्यार से ज्यादा मजबूत होता है और यह प्यार जिंदगी भर चलता है।

19. अगर आप किसी से प्यार करते हैं तो आप उसे जितना अनदेखा करेंगे वह आपके प्रति इतना ही आकर्षित होगा।

20. मनोविज्ञान मानता है कि कम उम्र में कभी आपको प्यार नहीं हो सकता बल्कि यह एक आकर्षण होता है जबकि जो वास्तविक प्रेम होता है वह परिपक्वता यानी की मैच्योरिटी के बाद होता है।

21. कई मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि आकर्षण कामुकता को जन्म देती है जबकि प्रेम इस कामुकता के भाव का दमन कर देती है यही कारण है कि जो लोग अपने पार्टनर से अत्यधिक प्रेम करते हैं वह उनके बारे में ज्यादा कामुक नहीं होते जबकि वे लोग जो किसी दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं वह उसके प्रति बहुत सारी कामुक भावना रखते हैं।

22. लड़कों को अक्सर ज्यादा बोलने वाली लड़कियां पसंद आती हैं जबकि लड़कियों को अक्सर कम बोलने वाले लड़के पसंद आते हैं दोनों लोगों में जब जोड़ा बनता है तो यह रिश्ता काफी लंबा चलता है।

23. अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर उनकी सोच मिलती है तो उनके प्यार का रिश्ता ज्यादा चलता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता क्योंकि जिनकी सोच मिलती है उनकी जोड़ी ज्यादा दिन तक नहीं चलती बल्कि जो विपरीत सोच वाले होते हैं उनका रिश्ता काफी लंबा चलता है।

24. मनोविज्ञान कहता है कि प्रेम में टूटे हुए लोग प्रेम के प्रति ज्यादा भावुक होते हैं। प्रेम मे टूटे हुए लोग बात-बात पर भावुक हो जाते हैं।

25. जब आप किसी के साथ प्यार में पढ़ते हैं तो धीरे-धीरे सुंदर चीजों के प्रति आपका आकर्षण कम हो जाता है तब उसी स्थिति में आप जैसे प्रेम करते हैं वह आपके लिए सबसे ज्यादा आकर्षक होता है आप सदैव हो उसके प्रति झुके होते हैं।

तो दोस्तों यह कुछ कामन साइकोलॉजिकल फैक्ट है जिन्हे साइकोलॉजिस्ट ने बहुत बार शोध के आधार पर दिया है। आशा करता हूं कि आर्टिकल आपको पसंद आया होगा।

इन्हें भी पढ़ें – लिखावट के बारे में मनोवैज्ञानिक तथ्य

2 thoughts on “प्रेम और आकर्षण से जुड़े 20 मनोवैज्ञानिक तथ्य | Psychological facts about love and attraction in hindi”

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