मृदा बचाओ आंदोलन क्या है? | Save Soil Movement in hindi

नमस्कार दोस्तों, आज के इस लेख में हम बात करेंगे की मृदा बचाओ आंदोलन क्या है? Save Soil Movement kya hai? यदि आप भी जानना चाहते है कि Save Soil Movement kya hai? और यह क्यों शुरू किया गया तो आप इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

मिट्टी हमारे दुनिया और हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व है और यही मिट्टी अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है इसके कारण यह मिट्टी बचाव अभियान शुरू किया गया है। जीवन के पंचतत्वों में से एक मृदा हमारे जीवन के पोषण के लिये अति आवश्यक तत्व है। मिट्टी के कारण ही हमे अन्न मिलता है इसलिए मिट्टी का बचाव बहुत जरूरी है। तो चलिए जानते है Save Soil Movement से हम किस प्रकार मिट्टी के क्षय को रोक सकते है। इसके लिये हम सबकों एक मंच पर आकर सभी से इसके बचाव की अपील करके, इस आंदोलन में भागीदार बनना चाहिये।

5 जून 2022 को पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिट्टी बचाओं आंदोलन पर विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों को मिट्टी की उर्वरकता व गुणवत्ता के प्रति जागरुक करनें के लिये इसके महत्व व जरुरत से अवगत कराएंगे।

मृदा बचाओ आंदोलन क्या है?

मृदा बचाओ आंदोलन क्या है? (What is Save Soil Movement?)

Save Soil Movement एक आंदोलन है जिसके द्वारा दुनिया के सभी लोगों को मिट्टी के बचाव के लिए जागरूक करना है। Save Soil Movement एक वैश्विक आंदोलन है जिसे आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जी ने शुरू किया है।

इस आंदोलन को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य भूमि क्षरण को रोकना है। Save Soil Movement की पहल 5 अप्रैल को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में ईशा फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई थी। इस पहल को WHO, UN, SDG lab और IUCN द्वारा स्वीकार किया गया था। ईशा फाउंडेशन ने 21 मार्च को लंदन में “Journey to save soil” की शुरुआत की। Save Soil Movement का मुख्य कार्य विश्व के लोगों को जागरूक करना है ताकि वे लोग अपने सरकार का ध्यान ह्रास होती हुई मिट्टी के तरफ आकर्षित कर सकें और मिट्टी को बचा सके।

Save Soil Movement के लिए सद्गुरु जी की यात्रा (Sadhguru journey to this Movement)

Save Soil Movement के संस्थापक सद्गुरु जी मिट्टी के क्षरण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 26 देशों के माध्यम से 100 दिन की मोटरसाइकिल यात्रा पर रवाना हुए है। यह यात्रा सद्गुरु जी ने 21 मार्च को शुरू की थी, जो कि 21 जून को खत्म होगी।

इस यात्रा में सद्गुरु जी लगभग 30000 किलोमीटर की यात्रा मोटरसाइकिल के द्वारा  करेंगे। सद्गुरु जी की यह यात्रा “लंदन से शुरू होकर कावेरी बेसिन” पर खत्म होगी। इस यात्रा के दौरान सदगुरूजी कई महत्वपूर्ण नेताओं से मिलेंगे और उन्हें ह्रास होती हुई मिट्टी के बारे में बताएंगे जिससे एक पॉलिसी लेवल पर मिट्टी को बचाने के लिए कदम उठाया जा सके।

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Save Soil Movement की आवश्यकता क्यों पड़ी? (Why was Save Soil Movement needed?)

सद्गुरु कहते हैं कि दुनिया खत्म होने वाली है क्योंकि दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तत्व मिट्टी खत्म हो रही है। UN एजेंसी का कहना है कि हमारे मिट्टी की सभी न्यूट्रिएंट्स खत्म हो रही है जिसके कारण हम 40 से 50 साल बाद किसी भी तरह का अन्न उगाने में सक्षम नहीं होंगे।

हमारी दुनिया की जनसंख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही हैं और आने वाले समय में यदि इसी तरह मिट्टी का क्षरण होता रहा तो 10 लोगों में से 3 लोग ऐसे होंगे जिन्हें खाना नहीं मिल पाएगा। इस कारण से सद्गुरु जी ने Save Soil Movement शुरू किया।  Save Soil Movement के माध्यम से सद्गुरु जी पूरे विश्वभर को मिट्टी के बारे में अवगत कराना चाहते हैं और मिट्टी को बचाना चाहते हैं यदि हमारी धरती पर मिट्टी बची रहेगी तो ही धरती पर इंसान जीवित रह पाएंगे।

सद्गुरु जी की दुनिया से अपील (Sadhguru ji’s appeal to the world)

सद्गुरु जी दुनिया से यही अपील करते हैं कि हम सभी लोग इस आंदोलन में शामिल हों और हम सभी लोग हर किसी से मिट्टी के संरक्षण के बारे में बात करें ताकि लोग मिट्टी से जुड़े तथ्यों को बारे में जान पाए।

सदगुरु जी की यह अपील है कि हम इन 100 दिनों तक केवल मिट्टी के बचाव के बारे में बात करें क्योंकि यदि हम हर दिन ऐसा करेंगे तो लगभग 3 से 4 बिलियन लोग ऐसे हो जाएंगे जो मिट्टी को बचाने के लिए प्रयास करेंगे और इन 3 से 4 बिलियन लोगों की बात सरकार भी जरूर सुनेगी और अपनी तरफ से मिट्टी को बचाने के लिए सही निर्णय लेगी।

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सद्गुरु कौन है? (Who is Sadguru?)

सद्गुरु जी का पूरा नाम जग्गी वासुदेव है। यह एक लेखक हैं साथ ही ईशा फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं। ईशा फाउंडेशन के द्वारा सदगुरूजी भारत, अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर इत्यादि देशों में योग सिखाते हैं।

सदगुरूजी कई सामाजिक तथा सामुदायिक समस्याओं के विकास के लिए योजनाओं पर काम भी करते हैं। सद्गुरु जी संयुक्त राष्ट्र में आर्थिक और सामाजिक परिषद में विशेष सलाहकार के रूप में भी कार्य करते हैं।

मिट्टी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य (Some Soil Facts in hindi)

मिट्टी से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य हैं जिन्हें सुनकर आपको हैरानी होगी तो चलिए जानते हैं मिट्टी से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में।

  • मिट्टी एक जीवित तत्व होता है क्योंकि केवल एक मुट्ठी मिट्टी में 8 से 10 बिलियन जीव होते हैं। जितने इस धरती पर मनुष्य नहीं है उतने केवल एक मुट्ठी मिट्टी में जीव पाए जाते हैं।
  • UN कहता है कि हम हर 5 सेकंड में एक फुटबॉल के मैदान जितनी मिट्टी खत्म कर रहे हैं।
  • एक अच्छे न्यूट्रिशन से भरा हुआ मिट्टी पानी को पकड़े रहता है और बाढ़ आने से रोकता है।
  • मिट्टी विश्व का सबसे बड़ा पुनर्चक्रण संयंत्र है जो दुनिया के जैविक कचरों को ब्लैक गोल्ड में बदलता है और इससे खाद बनती है।
  • मिट्टी दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन रिजर्व है जो ग्लोबल वार्मिंग को रोकने में बहुत ज्यादा लाभकारी है।
  • मनुष्य के भांति मिट्टी ज्यादा लालची नहीं होती है वह केवल उतना ही पानी सोखती है जितने कि उसे जरूरत है। बाकी का पानी उसी मिट्टी के ऊपर नदी बनकर बहने लगता है। (Source)

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने आपको बताया कि Save Soil Movement kya hai? आशा करते हैं कि आपको Save Soil Movement से संबंधित सभी तरह की जानकारियां मिल पाई होंगी। यदि आपको इस लेख से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछना हो तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं।

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FAQ/ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मृदा बचाओ आंदोलन (Save Soil Movement) कब शुरू हुआ था?

मार्च 2022 से शुरू हुआ था?

Save Soil Movement किसने शुरू किया था?

ईशा फाउण्डेशन के संस्थापक सदगुरु जी ने मृदा बचाओ आंदोलन शुरू किया था।

Save Soil Movement क्यों आवश्यक है?

यह आंदोलन इसलिए आवश्यक है क्योंकि इसके माध्यम से सदगुरु जी विश्व के लोगों को मिट्टी कि महत्वत्ता को समझना चाहते हैं।

हम मिट्टी को कैसे बचा सकते हैं?

सद्गुरु जी ने Save Soil Movement के माध्यम से मिट्टी को बचाने के कई तरीकों के बारे में बताया है। इन तरीकों को अपनाकर हम मिट्टी को बचा सकते हैं।


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