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दीपक पुनिया का जीवन परिचय | Deepak Punia Biography in hindi

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 – कुश्ती wrestling में जीता स्वर्ण पदक, दीपक पुनिया का जीवन परिचय, जन्म, परिवार, शिक्षा,  (Wrestler Deepak Punia Biography in Hindi, wrestling, Age, Family, Commonwealth Games 2022 gold medal, Birth, Age, Family, Sister, Father, mother, Girlfriend, Wife, Career, Net Worth, Medal, Height, Tokyo Olympics, Coach, Arjun Award, Caste, religious)

टोक्यो ओलंपिक 2020 के बाद से ही खेल जगत में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा है। भारत ने केवल हॉकी और क्रिकेट में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेले जाने वाले बहुत से अन्य खेलों जैसे कि वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, रेसलिंग समेत कई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया है।

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केवल इतना ही नहीं इस बार बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी भारत का प्रदर्शन शानदार है भारत ने लगातार वेटलिफ्टिंग टेबल टेनिस रेसलिंग और बैडमिंटन जैसे खेलों में कई पदक जीते हैं।

इस बार बर्मिंघम में भारत ने कुश्ती में कुल 6 पदक जीत लिए हैं जिनमें तीन स्वर्ण पदक शामिल है। भारत के लिए तीसरा स्वर्ण पदक हरियाणा के दीपक पुनिया ने जीता है और राष्ट्रमंडल खेलों में पहले स्वर्ण पदक के साथ आगाज किया है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रतिद्वंदी को हराकर कामनवेल्थ गेम्स में पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। तो आइए आज इस आर्टिकल के जरिए हम दीपक पुनिया की जीवन के बारे में जानते हैं।

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दीपक पुनिया का जीवन परिचय (Deepak Punia Biography in hindi)

दीपक पुनिया का शुरुआती जीवन (Early Life)

भारत के होनहार कुश्ती बाज दीपक पुनिया का जन्म 19 अप्रैल साल 1999 में हरियाणा के झज्जर जिले के छारा गांव में हुआ था। इनके पिता का नाम सुभाष पूनिया था और इनकी माता का नाम कृष्णा पूनिया था। इनके पिता सुभाष पूनिया एक छोटा सा डेरी फार्म चलाते थे जिन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की थी कि उनका बेटा एक दिन पूरी दुनिया में उनका नाम रोशन करेगा।

दीपक पुनिया का झुकाव शुरुआत से ही कुश्ती की ओर रहा। महज 5 साल की उम्र में उन्होंने कुश्ती को अपना लक्ष्य बना लिया था। दीपक केवल 7 साल की उम्र में ही कुश्ती के बहुत से दांव पेंच सीख चुके थे और लोगों की नजरों में आने लगे थे।

दीपक के पिता सुभाष पूनिया उन्हें बचपन में ही अलग-अलग जगहों पर दंगल दिखाने ले जाया करते थे। उनके सपनों को साकार करने में उनके माता-पिता का बहुत बड़ा योगदान था। दीपक ने अपने सपनों को साकार करने के लिए कुश्ती को अपना पैसा बना लिया हालांकि उन्हें भारतीय सेना में सिपाही बनने का मौका मिला था।

लेकिन दीपक ने यह दृढ़ निश्चय कर लिया था कि वह अपना ध्यान कहीं नहीं भटकने देंगे और अपना पूरा जोर कुश्ती पर लगाएंगे और एक ना एक दिन अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर पूरी दुनिया में नाम रोशन करेंगे।

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दीपक पुनिया की जीवनी (Deepak Punia Biography, coach, birth place, father, mother, brothers name, sister name, height, weight, caste, religious)

पूरा नाम (Full Name)दीपक पुनिया
बचपन का नाम (Nick Name )दीपक
जन्म  (Date of Birth) 19 अप्रैल 1999
जन्म का स्थान (Birth Place)छारा गांव, झज्जर जिला, हरियाणा
उम्र (Age)23 वर्ष (2022)
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
प्रसिद्धी (उपलब्धि)2022 में कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता
पेशा (Occupation)फ्री स्टाइल रेसलर, कुश्ती (wrestler)
वर्ग (Category)86 kg
कोच (Coach)सतपाल सिंह, वीरेंद्र कुमार
कद (लम्बाई)5 फीट 8 इंच (1.77 cm)
वजन (Weight)86 kg
जाति (Cast)जाट
धर्म (Religion)हिंदू
परिवार (Family Details)
पिता का नाम (Father’s)सुभाष पूनिया
माता का नाम (Mother)कृष्णा पूनिया
बहन का नाम(Sister Name)नीरू पूनिया
वैवाहिक स्थितिअविवाहित

दीपक पुनिया की शिक्षा और ट्रेनिंग (Education and Training)

दीपक पुनिया एक मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखते थे उनके पिता एक किसान थे और साथ में ही एक छोटा डेरी फार्म भी चलाते थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा के एक सरकारी स्कूल से ही हुई थी।

प्रारंभिक शिक्षा के दौरान अपने स्कूल के दिनों में वह अलग-अलग जगहों पर दंगल कुश्तीयों में भाग लिया करते थे। केवल 5 वर्ष की आयु से ही उन्होंने कुश्ती का प्रशिक्षण वीरेंद्र सिंह छारा से लेना प्रारंभ कर दिया था। वीरेंद्र सिंह छारा रेसलिंग में अर्जुन अवार्ड पुरस्कार विजेता थे जो दीपक के गृह नगर में अखाड़े में कुश्ती सिखाया करते थे।

साल 2015 में दीपक पुनिया ने कुश्ती सीखने के लिए छत्रसाल स्टेडियम को ज्वाइन किया जो कुश्ती सीखने के लिए मुख्य रूप से प्रसिद्ध है। छत्रसाल स्टेडियम में उन्होंने पहलवान गुरु सतपाल के नेतृत्व में कुश्ती सीखना प्रारंभ किया।

दीपक पुनिया का रेसलिंग करियर (deepak punia career in wrestling)

साल 2015 में छत्रसाल स्टेडियम के जाने-माने पहलवान गुरु सतपाल के सानिध्य में प्रशिक्षण लेने के बाद दीपक पुनिया ने वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप को अपनी प्रतिभा बिखेरने के लिए चुना। साल 2016 के वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में 85 किलोग्राम भार वर्ग में उन्होंने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद इन्होंने विश्व जूनियर चैंपियनशिप में अपना सिक्का जमाया और तीन बार हिस्सेदारी करके तीनों बार मेडल अपने नाम की।

साल 2018 में आयोजित एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में दीपक ने अपनी बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए 86 किलोग्राम भार वर्ग में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। इतना ही नहीं दीपक साल 2018 में ही हो रहे वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का हिस्सा बने और इन्होंने यहां पर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

जूनियर एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड मेडलिस्ट बनने 1 साल बाद साल 2019 में एशियाई चैंपियनशिप में इन्होंने एक ब्रॉन्ज मेडल भी जीता। एशियाई जूनियर चैंपियनशिप और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन के कारण देश विदेश के लोगों ने उन्हें खूब सराहा और कजाकिस्तान के नूर सुल्तान ने उन्हें साल 2019 में आयोजित विश्व चैंपियनशिप का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया लेकिन चोटिल होने के कारण वश दीपक वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 में शामिल नहीं हो सके।

साल 2020 में एक बार फिर से इन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में भारत के लिए एक ब्रांज मेडल जीता। और इन्हें जापान में आयोजित टोक्यो ओलंपिक्स 2020 में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। दीपक पुनिया ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ बढ़त बनाते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली थी लेकिन इस दौरान वह सेमीफाइनल मैच हार गए और ओलंपिक्स में अपने ब्ब्रॉन्ज मेडल से चूक गए। यूनाइटेड स्टेट के डेविड टेलर से हारने के बाद दीपक टोक्यो ओलंपिक 2020 से बाहर हो गए। ओलंपिक में सेमीफाइनल का मुकाबला हारने के बाद दीपक काफी डिप्रेशन में चले गए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और साल 2021 में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप में एक बार फिर रजत पदक जीता।

इतना ही नहीं उन्होंने इस साल 2022 में एशियाई चैंपियनशिप में एक बार फिर से रजत पदक जीता और 86 किलोग्राम भार वर्ग में राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत की ओर से भेजे गए।

बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के कुश्ती के फाइनल मुकाबले में उन्होंने पाकिस्तान के प्रतिद्वंदी को हराकर कामनवेल्थ गेम्स में पहली बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

कामनवेल्थ गेम्स 2022 में दीपक पुनिया का स्वर्ण पदक (Deepak Punia in Commonwealth games 2022)

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में बर्मिंघम में आयोजित किया गया जिसके दौरान भारत की ओर से कुश्ती लड़ते हुए दीपक पुनिया ने फाइनल मुकाबले में अपनी जगह बनाई है और पाकिस्तान के प्रतिद्वंदी को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

दीपक ने फाइनल राउंड के मुकाबले में पाकिस्तान के प्रतिद्वंदी मोहम्मद इनाम को 3-0 से हराया और यह खिताब अपने नाम किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में दीपक का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के मैथ्यू ऑक्सेनहैम से हुआ था जिसे उन्होंने 10-0 की बढ़त के साथ 3 मिनट 22 सेकंड में हराया था। जबकि अपने दूसरे मुकाबले में दीपक ने महज 1 मिनट 33 सेकंड में शेखू कसेगबामा को 10-0 से हराया था। और इसी के साथ यह सेमीफाइनल में पहुंचे।

सेमी फाइनल राउंड में इनका मुकाबला कनाडा के एलेग्जेंडर मूर से हुआ। सेमीफाइनल का यह मुकाबला काफी टक्कर का रहा और 6 मिनट तक चलने के बाद दीपक पुनिया ने एलेग्जेंडर को 3-0 से हरा दिया और फाइनल राउंड में पहुंच गए।

फाइनल राउंड में दीपक का मुकाबला पाकिस्तान के कुश्ती बाज मोहम्मदी इनाम से हुआ। क्योंकि यह मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच में था इसलिए काफी रोमांचक रहा लेकिन पाकिस्तानी पहलवान की दीपक के सामने एक न चली और दीपक ने फाइनल मुकाबले में 3-0 से उसे मात दे दी और राष्ट्रमंडल खेल में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। आपको बता दें कि दीपक ने राष्ट्रमंडल खेल में अपना खाता स्वर्ण पदक के साथ खोला है।

बर्मिंघम में कुश्ती के मुकाबले में भारत ने कुल 6 पदक जीते हैं जिनमें से तीन स्वर्ण पदक है पहला स्वर्ण पदक बजरंग पुनिया को दूसरा स्वर्ण पदक साक्षी मलिक तथा तीसरा स्वर्ण पदक दीपक पुनिया को मिला है जबकि इसके अलावा तीन अन्य प्रतिभागियों को 1 सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल मिले हैं। इसी के साथ कुल मिलाकर भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में 26 पदक जीते हैं जिनमें से नौ स्वर्ण पदक, आठ रजत पदक तथा 9 कांस्य पदक शामिल हैं।

FAQ

दीपक पुनिया कौन है?

दीपक पुनिया एक भारतीय रेसलर हैं जिन्होंने इस बार बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम 2022 में भारत के लिए स्वर्ण मेडल जीता है।

दीपक पुनिया के कोच कौन हैं?

दीपक पुनिया के भारतीय कोच छत्रसाल स्टेडियम में प्रशिक्षण देने वाले पहलवान गुरु सतपाल जी हैं जबकि इनके इंटरनेशनल कोच मुराद गेदरोव जी हैं।

दीपक पुनिया किस राज्य के हैं?

दीपक पुनिया भारत के हरियाणा राज्य के झज्जर जिले से हैं।

दीपक पुनिया की जाति कौन सी है?

दीपक पुनिया जाट समुदाय से आते हैं उनका जन्म एक जाट परिवार में हुआ था।

दीपक पुनिया का जन्म कब हुआ था?

दीपक पुनिया का का जन्म 19 अप्रैल साल 1999 में हुआ था।

दीपक पुनिया की उम्र कितनी है ?

इस समय दीपक पुनिया की उम्र 23 साल है।

दीपक पुनिया किस भार वर्ग में खेलते हैं ?

दीपक 86 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की ओर से खेलते हैं।

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