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बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु की जीवनी | P V Sindhu Biography hindi

राष्ट्रमंडल खेल 2022, पी वी सिंधु की जीवनी, जाति, धर्म, जन्म, शिक्षा, ताज़ा खबर, ध्वजवाहक (P V Sindhu Biography Hindi, commonwealth games 2022, Indian badminton champion P V Sindhu Biography Hindi – Tokyo Olympics match, Medals, age, husband, religion, caste, Awards, Family, Education, husband, P V Sindhu awards achievements)

विगत कुछ दिनों से भारतीय खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत से रिकॉर्ड तोड़े हैं और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शीर्ष पर हैं।

इस समय भारतीय खिलाड़ियों का जज्बा थमने का नाम नहीं ले रहा। एक समय था जब भारत खेल के मैदानों में बहुत पीछे खड़ा रहता था लेकिन आज इन भारतीय खिलाड़ियों के जज्बो ने खेल जगत में भारत का नाम काफी रोशन कर दिया है। आज विश्व भर के लोग भारतीय खिलाड़ियों और उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों की सराहना कर रहे हैं।

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भले ही भारत का राष्ट्र स्तरीय खेल हॉकी हो लेकिन इस समय भारत सभी अलग-अलग खेलों में हिस्सा ले रहा है और तेजी से उभर भी रहा है। आज हम एक ऐसी भारतीय महिला खिलाड़ी की बात करने जा रहे हैं जिसने दो ओलंपिक खेलों में एक के बाद एक पदक अपने नाम किए हैं और ओलंपिक गेम्स में दो बार पदक पाने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

भारत की अत्यंत प्रतिभाशाली बैडमिंटन महिला खिलाड़ी पीवी सिंधु ने साल 2016 में रियो ओलंपिक गेम्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया था इसके अलावा सिंधु ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में भी कांस्य पदक जीता था।

वह भारत की पहली महिला खिलाड़ी है जिसने ओलंपिक में सिल्वर पदक जीता इसके अलावा वह भारत की पहली ऐसी महिला खिलाड़ी भी हैं जिसने इंटरनेशनल ओलंपिक्स में 2 मेडल जितने का खिताब अपने नाम किया है।

इतना ही नहीं बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु के खेल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों के कारण उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पदम भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उन्हें पद्म श्री, अर्जुन पुरस्कार, तथा राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी नवाजा गया है। तो आइए भारत की बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु के बारे में अच्छे से जानते हैं।

लक्ष्य सेन ने भी जीता कॉमनवेल्थ 2022 का गोल्ड – आइये जाने कौन है बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन – जीवन परिचय

विषय–सूची

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में जीता स्वर्ण पदक (PV Sindhu Win Gold in Commonwealth Game)

बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के अंतिम दिन पीवी सिंधु ने भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। महिला एकल में खेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन के साथ पीवी सिंधु ने कनाडा की मिशेल को मात देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

कामनवेल्थ गेम्स में पीवी सिंधु का महिला एकल में यह पहला स्वर्ण पदक है। आपको बता दें कि पीवी सिंधु वर्ल्ड रैंकिंग में सातवें स्थान पर हैं। इन्होंने भारत के लिए ओलंपिक्स में दो बार मेडल जीते हैं।

पीवी सिंधु ने महिला सिंगल के फाइनल मुकाबले में कनाडा की मिशेल ली को 21-15, 21-13 से लगातार मात देकर कामनवेल्थ गेम्स में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता और कनाडा किस कलर से अपना बदला पूरा किया।

दरअसल कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में पीवी सिंधु सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई हुई जहां उनका मुकाबला कनाडा की शटलर मिशेल ली से हुआ लेकिन उस दौरान मिशेल ली ने उन्हें मात दे दी और सिंधु को केवल ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। हालांकि 8 साल बाद पीवी सिंधु ने उन्हें लगातार चुनौतियों में हराकर उनसे अपना बदला पूरा कर लिया है।

आइये जाने- कॉमनवेल्थ गेम्स के बारे में रोचक तथ्य, इतिहास एवं पूर्ण जानकारी

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राष्ट्रमंडल खेल 2022 में फिर से बनी ध्वजवाहक –

इस बार राष्ट्रमंडल खेल अर्थात कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 को बर्मिंघम में आयोजित किया है। राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत से पहले उनके उद्घाटन के लिए बर्मिंघम के एलेग्जेंडर स्टेडियम को चुना गया जहां कामनवेल्थ गेम्स 2022 का उद्घाटन समारोह 28 जुलाई को संपन्न हुआ।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को एक बार फिर से ध्वज वाहक के रूप में चुना गया। इसके अलावा भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह का नाम भी इस उद्घाटन समारोह के दौरान ध्वज वाहक के तौर पर पीवी सिंधु के साथ घोषित किया गया।

यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रमंडल खेल आयोजन में पीवी सिंधु को ध्वज वाहक के रूप में चुनी गई। इसके पहले भी साल 2018 में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल के उद्घाटन समारोह में पीवी सिंधु ध्वजवाहक रह चुकी हैं।

आपको बता दें कि इस बार बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल के उद्घाटन समारोह में नीरज चोपड़ा का नाम सबसे पहले ध्वज वाहक के रूप में चुना गया था। लेकिन विश्व एथलीट चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल का खिताब हासिल करने के दौरान नीरज चोपड़ा चोटिल हो गए जिसके कारण उन्हें राष्ट्रमंडल खेल 2022 से बाहर होना पड़ा।

नीरज चोपड़ा के राष्ट्रमंडल खेल से बाहर होने के साथ ही IOA ने भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को उद्घाटन कार्यक्रम में ध्वज वाहक के रूप में चुना। हालांकि ध्वजवाहक के चुनाव के क्रम में मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन का नाम भी शामिल था लेकिन IOA के अध्यक्ष ने कहा कि पीवी सिंधु ओलंपिक्स में दो बार खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं और साथ ही अन्य भारतीय खिलाड़ियों का इंस्पिरेशन भी।

इसलिए उन्होंने ध्वजवाहक के लिए पीवी सिंधु का नाम चुना ताकि लोग उनसे प्रेरित हो।

आइये इन्हें भी जानें– मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन का जीवन परिचय

पी वी सिंधु की जीवनी (P V Sindhu Biography Hindi)

पीवी सिंधु का प्रारंभिक जीवन

पुसर्ला वेंकट सिंधु जोकि पीवी सिंधु के नाम से विख्यात है। इनका जन्म 5 जुलाई 1995 में तेलंगाना, हैदराबाद मे हुआ था। इनके पिता का नाम पीवी रमण जोकि अपने समय में वॉलीबॉल के मंझे हुए खिलाड़ी रह चुके है और उनके खेल की प्रसंशा के लिए और इनाम के तौर पर वर्ष 2000 में इनको अर्जुन पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है, और उनकी माता का नाम पी विजया है वे भी अपने समय में महिला वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुकी है।

कहते हैं ना कि परिवार का माहौल जैसा होगा बच्चों का विकास भी उसी प्रकार से होगा और उनके परिवार का हर व्यक्ति स्पोट्स में रुचि रखता है तो फिर पीवी सिंधु को अपने परिवार में ही ऐसा माहौल मिल गया था जिससे उनका स्पोर्ट्स के प्रति रुझान दिन पर दिन बढ़ता ही गया।

ये अपने माता पिता की भांति वॉलीबॉल को अपने कैरियर के रूप में नहीं चुना बल्कि बैडमिंटन को चुना था क्योंकि वे पुलेला गोपीचंद से काफी ज्यादा प्रभावित थीं। जो साल 2001 में इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन के चौंपियन थे। इसलिए इन्होंने भी बैडमिंटन को अपने कैरियर के रूप में चुना और महज 8 वर्ष की उम्र से ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था।

पी वी सिंधु के बारे में जानकारी (P V Sindhu Biography, Education, coach, birth place, ranking, height, weight)

पूरा नाम (Full Name)पुसर्ला वेंकट सिंधु
पिता (Father Name)पी. वी. रमण (पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी)
अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित है
माता (Mother Name)पी. विजया (वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं )
जन्म (Date of Birth)5 जुलाई, 1995
जन्म स्थान (Birth Place)तेलंगाना, हैदराबाद, भारत
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
स्कूल (School)औक्सिलियम हाई स्कूल
कॉलेज (College)सेंट एन के महिला कॉलेज, मेहदीपटनम हैदराबाद
पेशा (Occupation)बैडमिंटन खिलाड़ी
कोच (Coach)पार्क ताए-सैंग (कोरियन कोच)
कद (लम्बाई)5 फीट 10.5 इंच (1.79 mtr.)
वजन (Weight)65 किग्रा
सर्वोच्च व उच्चतम स्थान (Highest ranking)2 (7 अप्रैल 2017)
वर्तमान स्थान (Current Ranking)7  (23 मार्च 2021)
वैवाहिक स्थितिअविवाहित

पीवी सिंधु का शैक्षणिक जीवन

पीवी सिंधुपीवी सिंधु ने औक्सिलियम हाई स्कूल, सिकंदराबाद से अपनी प्रारम्भिक शिक्षा प्राप्त करी और सेंट एन के महिला कॉलेज, मेहदीपटनम हैदराबाद से अपनी शिक्षा पूर्ण की।

पीवी सिंधु के बैडमिंटन कैरियर की शुरूआत (PV Sindhu badminton Career )

पीवी सिंधु ने सबसे पहले सिकंदराबाद में इंडियन रेलवे सिगनल इंजीनियरिंग और दूरसंचार के बैडमिंटन कोर्ट में खेलना शुरू किया जहां पर उनको महबूब अली नामक व्यत्तिफ़ से प्रशिक्षण लिया था और बैडमिंटन से जुड़ी प्रारंभिक बातों को जाना और बाद में वे जिनसे प्रभावित थीं। इसके बाद पुलेला गोपीचंद उनकी एकेडमी में प्रशिक्षण लेना प्रारंभ कर दिया। इनका खेल के प्रति समर्पण इतना अधिक था कि यह अपनी ट्रेनिंग में आने वाली सभी बाधाओं को आसानी से दूर किया। इनकी अकेडमी लगभग 55 किमी दूर थी लेकिन वह फिर भी सही वक्त पर पहुंच जाती थी।

इसके अलावा पीवी सिंधु ने बचपन से ही बैडमिंटन में ही कैरियर बनाने में कठिन परिश्रम किया है और उनके अप्रतिम खेल की वजह से 2014 में उन्हे शीर्ष 10 की रैंकिंग में शामिल लिए गया था। आज भारत में पीवी सिंधु सबसे कम उम्र की प्रतिभावान और प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक है।

पी.वी. सिंधु का घरेलू स्पर्धाओं में प्रर्दशन

घरेलू क्षेत्र के लगभग सभी खिताबों पर कब्जा किया हुआ है इन्होंने 8 वर्ष की छोटी सी उम्र में ही खेलना प्रारंभ कर दिया था। ऑल इंडिया रैंकिंग में अंबुजा सीमेंट की तरफ से खिताब जीता। सबसे ज्यादा प्रसिद्धि पीवी सिंधु को 5जी Servo All India Ranking Championship के रूप में अंडर-10 श्रेणी के लिए मिली थी। अंडर-13 में कृष्णा ऑल इंडिया टूर्नामेंट जीता, अखिल भारतीय रैंकिंग टूर्नामेंट में युगल मैच जीता। अंडर-14 की 51वें नेशनल स्कूल गेम्स में गोल्ड जीता।

2016 रियो ओलंपिक में प्रदर्शन

ब्राजील रियो ओलंपिक 2016 में सिंधु ने धाकड़ शुरूआत करते हुए क्वार्टर फाइनल में अपना स्थान पक्का किया था। इस मैच में इनका मुकाबला चीन की वांग यिहान से हुआ। सिंधु ने अपना अक्रामक खेल दिखाते हुए यह मैच सीधे सेटों से जीता। रियो ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचकर जापान की नोजोमी ओकुहारा का हरा दिया।

इसके साथ ही सिंधु ने फाइनल में पहुंचकर अपना पहला ओलंपिक मेडल पक्का कर लिया। हालाकि वह अपना फाइनल मैच हार गई और स्वर्ण पदक हासिल करने में असफल रहीं और इन्हें रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। सिंधु बैडमिंटन में भारत की पहली रजत पदक विजेता बनी और इसके साथ ही पी.वी. सिंधु ओलंपिक में यह गौरव प्राप्त करने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन महिला खिलाड़ी बन गई।

टोक्यों ओलंपिक में पी वी सिंधु का प्रदर्शन

पिछले रियो ओलंपिक में सिंधु ने रजत पदक जीता था। इस बार यानि 2021 टोक्यों ओलंपिक में सिंधु दुगने जोश के साथ भाग ले रहीं हैं पिछले ओलंपिक की कसक को मिटाना ही उनका लक्ष्य है। कभी हार न मानना उनके स्वभाव में है। 25 जुलाई को हुये अपने मैच में उन्होंने इजराइल की क्सेनिया पोलिकर्पोवा को आसानी से हराकर शानदार शुरूआत की। इसके बाद उन्होंने जापान की खिलाड़ी एकेन यामागुची को भी हराकर और सिंधु ने सेमिफाइनल में प्रवेश कर किया। परंतु वह अपना सेमिफाइनल मैच हार गई।

टोक्यों ओलंपिक में 1 अगस्त 2021 को हुये एक मुकाबले में भारतीय स्टार पी.वी. सिंधु ने चीन के खिलाड़ी बिंग जियाओ को हराकर कास्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। अब वह भारत की पहली महिला बन गई जिसने लगातार दो बार ओलंपिक में पदक जीता है। मौजूदा रैकिंग की बात करे तो इस समय पी.वी. सिंधु सातवे पायदान पर हैं।

पी वी सिंधु का अंतर्राष्ट्रीय कैरियर अवॉर्ड्स व उपलब्धियां (P V Sindhu Awards)

1. 2009 में कोलंबिया में आयोजित सब जूनियर एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप ने पीवी सिंधु ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक जीतकर अपनी शानदार शुरूआत करी।

2. 2011 में आयोजित कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इन्होंने इतिहास रच दिया था। उसके बाद कई सारे पदक अपने नाम किए।

3. सन 2012, एशियाई जूनियर अंडर-19 बैडमिंटन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक (Gold Medal) का खिताब जीतकर भारत को गौरान्वित किया।

4. वर्ष 2013 में आयोजित विश्व महिला चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

5. वर्ष 2014 में आयोजित महिला चौंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम कर देश का नाम रोशन किया था। इसी साल आयोजित उबर कप और एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता इसके अलावा कई सारी विश्व चौंपियनशिप में गोल्ड मेडल भी जीती हैं।

6. 2016 में आयोजित दक्षिणी एशियाई खेल में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

7. साल 2017 में आयोजित विश्व महिला चौंपियनशिप में रजत (सिल्वर) पदक जीता।

8. वर्ष 2018 में आयोजित विश्व महिला चौंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया था।

9. साल 2019 में आयोजित महिला विश्व बैडमिंटन चौंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई। इस चौंपियनशिप के सेमिफाइनल मैच में चीनी चेन युफेई को हराया और फाइनल मुकाबले में जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को हराया।

पी वी सिंधु के नेशनल अवॉर्ड्स (National Awards)

> 2013 में पीवी सिंधु को भारत सरकार की तरफ से उनके खेल की उपलब्धियों व सर्वोत्तम प्रर्दशन करने पर उन्हे अर्जुन पुरस्कार दिया गया।
> 2015 में पीवी सिंधु को पद्मश्री भारत का सवौच्च नागरिक सम्मान प्राप्त किया।
> 2016 में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड से नवाजा गया।
> वर्ष 2014 में NDTV इंडियन की ओर से प्लेयर ऑफ द ईयर के रूप में चुनी गई थी।
> 2020 में पद्म भूषण पुरस्कार से सिंधु को सम्मानित किया गया।

अन्य पुरस्कार

  • रियो ओलंपिक खेलों में क्वालीफाई करने पर सलमान खान ने उनके सम्मान में उन्हें 1 लाख रुपए दिए थे।
  • 2015 में ही 10,00000 रुपए भारतीय बैडमिंटन समिति की ओर से पीवी सिंधु को इनाम के तौर पर दिया गया था।
  • दिल्ली सरकार की तरफ से 2 करोड़ रुपए और तेलंगाना सरकार की ओर से 5 करोड़ रूपये और जमीन दी गई थी।
  • रियो ओलंपिक खेलों के लिए हैदराबाद जिला बैडमिंटन समिति की और से पीवी सिंधु को BMW कार भी दी गई थी।
>   मनिका बत्रा भारतीय महिला टीम की टेबल टेनिस की सबसे दिग्गज खिलाड़ी
>  औलम्पिक में रजत मैडल हासिल करने वाली पहली महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू 
>  मैग्निफिसेंट मैरी’ मैरी कॉम का जीवन परिचय
>  लवलीना बोरगोहेन का जीवन परिचय

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने पी वी सिंधु के जीवन परिचय के बारे (P V Sindhu Biography hindi) में विस्तार से जाना की कैसे उन्होंने महज 8 वर्ष की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था और आगे चलकर बैडमिंटन मे नये-नये रिकार्ड बनाये, कई सारे अवॉर्ड्स भी जीते और अपने देश का नाम विश्वभर में रोशन किया।

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पीवी सिंधु कौन है?

पीवी सिंधु भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक्स में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय भारतीय महिला का खिताब अपने नाम लिखा है। इसके अलावा वह एकमात्र ऐसी भारतीय महिलाएं हैं जिन्होंने दो बार ओलंपिक में पदक अपने नाम किए हैं।

पीवी सिंधु ने ओलंपिक में कौन सा पदक जीता है?

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने साल 2016 में आयोजित रियो ओलंपिक गेम्स में सिल्वर मेडल और टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक यानी की ब्रांच मेडल जीता था।

पीवी सिंधु का पूरा नाम बताएं?

पुसर्ला वेंकट सिंधु

इस बार राष्ट्रमंडल खेल में ध्वजवाहक के रूप में किसे चुना गया है?

इस बार साल 2022 में बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स अर्थात राष्ट्रमंडल खेल में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह और भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को ध्वजवाहक के रूप में चुना गया है।
इसके पहले साल 2018 में भी राष्ट्रमंडल खेल के उद्घाटन समारोह में पीवी सिंधु को ध्वजवाहक के रूप में चुना गया था।

पीवी सिंधु के पति का नाम बताएं?

गूगल इंटरनेट पर लोग सर्च कर रहे हैं कि पीवी सिंधु के पति का नाम क्या है। लेकिन हम आपको बता दे कि पीवी सिंधु की अभी शादी नहीं हुई है। वह अभी अविवाहित हैं।

पीवी सिंधु को कौन-कौन से सम्मान मिले हैं?

पीवी सिंधु को बैडमिंटन में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए साल 2013 में अर्जुन पुरस्कार दिया गया इसके अलावा उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
इतना ही नहीं पीवी सिंधु को भारत का सर्वश्रेष्ठ नागरिक पुरस्कार पदम भूषण से भी सम्मानित किया गया है।

पीवी सिंधु किस राज्य से है?

तेलंगाना, हैदराबाद

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