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फुटबॉल (FIFA Football Rules in hindi) खेल में रेड और येलो कार्ड नियम और फुटबॉल का इतिहास (History of FIFA)

नमस्कार दोस्तों स्वागत है हमारे वेबसाइट पर आज की पोस्ट में हम बात करेंगेI फुटबॉल (Football Rules in hindi) खेल के नियम और इसका इतिहास 2022 जैसा कि आप जानते हैं कि फुटबॉल आज के तारीख में दुनिया का एक मशहूर गेम और अधिकांश देशों के द्वारा फुटबॉल प्रमुख खेल के तौर पर खेला जाता हैI अगर हम भारत की बात करें तो भारत में फुटबॉल उतना लोकप्रिय नहीं है जितना क्रिकेट इसकी प्रमुख वजह है कि यहां के लोगों को फुटबॉल गेम के बारे में पूरी जानकारी नहीं है या दूसरी बात यह है कि इस गेम को सरकार की तरफ से कोई भी प्रोत्साहन नहीं मिल रहा हैI जिसके कारण फुटबॉल उस प्रकार का मुकाम हासिल नहीं कर पा रहा हैI जिस प्रकार का क्रिकेट ने किया है ऐसे में अगर आपका प्रिय खेल फुटबॉल हैI लेकिन आप इस खेल के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं कि फुटबॉल खेलने के नियम क्या है और उसका इतिहास क्या है अगर आप पूरी जानकारी चाहते हैं तो हमारे साथ आर्टिकल पर बने रहे हैं चलिए शुरू करते हैं-

फुटबॉल खेल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी (All Information about Football in hindi)

फुटबॉल का खेल दो टीमों के बीच में होता है और प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं इसके अलावा प्रत्येक मैच में एक रेफरी होता है जो खेल का संचालन निष्पक्ष तरीके से करता है और फुटबॉल के जितने भी नियम है उसका पालन सही ढंग से हो रहा है कि नहीं इसकी जिम्मेदारी रैफरी के ऊपर होती है मैच रेफरी इस बात का निर्धारण करता है कि मैच में किसी प्रकार की भी धोखाधड़ी जैसी घटना घटित ना हो सकेंI

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प्रत्येक टीम के खिलाड़ी अनुशासित तरीके से इस गेम को खेल रहे हैं कि नहीं उसके लिए भी मापदंड निर्धारण करने की पूरी जिम्मेदारी रेफरी के ऊपर होती है फुटबॉल का रेफरी बिल्कुल वैसा होता है जैसा क्रिकेट का अंपायर होता हैI एक मैच 90 मिनट का होता है और दो हाफ (45-45 मिनट) में खेल का समापन होता है जो टीम मैच में सबसे अधिक गोल करेगी उसे विजेता घोषित किया जाता हैI

आइये जानें- फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास से जुड़े रोचक तथ्य

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खेल की शुरुआत कैसे होती है?

क्रिकेट की तरह फुटबॉल में भी toss होता है और टॉस हारने वाली  टीम को गेंद को kick off  मारकर खेल शुरू करने का अवसर मिलता है इसके अलावा जो टीम तो से जीती है उसे पहले 45 मिनट उसे किस गोलपोस्ट पर अटैक करना है उसका निर्धारण टीम के कप्तान के द्वारा किया जाता है I इस प्रकार फुटबॉल मैच की शुरुआत हो जाती है और टीम अपने विरोधी टीम के गोलपोस्ट में गोल मारने का प्रयास करती है I

फुटबॉल मैच में रेफरी की भूमिका

फुटबॉल के मैच में मुख्य रेफरी के अलावा 2 सहायक रेफरी होते हैं I रेफरी फुटबॉल के मैच में ठीक वैसे ही भूमिका अदा करता है जैसे क्रिकेट में अंपायर करते रेफरी फुटबॉल मैच के दौरान जितने प्रकार के भी नियम है उनका सही ढंग से पालन हो रहा है कि नहीं उसकी देखरेख करता है इसके अलावा अगर कोई भी खिलाड़ी मैच के दौरान दुर्व्यवहार या आपत्तिजनक व्यवहार व एक्टिविटी करता है तो उसे मैच के दौरान मैच से बाहर करने का अधिकार भी मैच रेफरी के पास होता है I प्रमुख रेफरी कुछ भी करने से पहले अपने सहायक रेफरी की परामर्श जरूर लेता है I

फुटबॉल के गेंद माप (Measurement of Football)

प्राचीन समय में फुटबॉल बनाने के लिए जानवरों के ब्लैडर का इस्तेमाल होता था उसके बाद उनके चमड़ी के द्वारा फुटबॉल बनाया जाएगा I ताकि फुटबॉल को एक अच्छा आकार दिया जा सके, लेकिन आज के समय में इस प्रकार दुनिया तेजी के साथ आधुनिक की तरफ जा रही है ऐसे में आधुनिक तरीके से आज फुटबॉल का निर्माण किया जा रहा आज के समय फुटबॉल का निर्माण मैच खिलाड़ियों की उम्र मैदान इत्यादि को ध्यान में रखकर बनाया जाता है फुटबॉल गेंद 58 सेमी से 61 सेमी के बीच में होता है I

फुटबॉल के मैदान की माप (Measurement of Football Ground)

फुटबॉल के मैदान की माप के बारे बारे में बात करें तो इसका मैदान 100 मी, 64 मी से 110 मी, 75 मी तक का आयताकार आकार होता है I इसके अलावा दोनों टीमों के दो छोर पर गोल पोस्ट होते हैं जहां पर गोलकीपर खड़ा होता है इसके अलावा दोनों गोलपोस्ट के की तरफ 18.18 गज का आयताकार पेनाल्टी क्षेत्र होता है। जहां से दोनों टीमें penalty करती हैं मैदान के के लंबाई को साइड लाइन और चौड़ाई को गोल लाइन कहा जाता है I इसके अलावा मैदान में 10 सेंटीमीटर का एक वृत्ताकार अंतर होता है ताकि दोनों टीमों के बीच में 10 मीटर की समानांतर दूरी तय की जा सके I इस क्षेत्र से ही टीमें kick off मारते हैं I

फुटबॉल खेल के नियम (Football Rules in hindi)

फुटबॉल खेल के नियम के बारे में अगर हम चर्चा करें तो उस खेल में निम्नलिखित प्रकार के नियम होते हैं उस के माध्यम से इस खेल को खेला जाता है जिसका विवरण हम आपको नीचे बिंदु अनुसार देंगे आइए जानते हैं-

स्ट्राइकर-

फुटबॉल के मैच में स्ट्राइकर की भूमिका बहुत ही अहम होती है क्योंकि स्ट्राइकर ही किसी भी मैच के रूप को बदलने की क्षमता रखता है क्योंकि स्ट्राइकर प्रमुख तौर पर गोल करने के लिए जाना जाता है और जिस टीम के पास अच्छे स्ट्राइकर होते हैं उस टीम के जीतने की संभावना सबसे ज्यादा होती है I

डिफेंडर्स-

जैसा की आप लोगों को शब्द से ही मालूम चल गया होगा कि डिफेंडर्स का मतलब क्या होता है ऐसा व्यक्ति जो किसी की रक्षा करें इसी प्रकार फुटबॉल के मैच में विरोधी टीम गोल ना कर सकें, उसके लिए किसी भी टीम का डिफेंडर स्ट्राइकर खिलाड़ी को रोकने का काम करता है आसान शब्दों में समझे तो या यह खिलाड़ी विरोधी टीम के खिलाड़ियों को गोल करने से रोकता है।

मिडफिल्डर्स-

मिडफील्डर का प्रमुख काम होता है कि विरोधी टीम के खिलाड़ियों से गेंद को छीनकर अपनी टीम को देना आसान भाषा में समझे तो मिडफील्डर गेम को विरोधी खेमे से निकालकर अपने खेमे में लाने का काम करता हैI

गोलकीपर–

गोलकीपर का मतलब होता है कि गोल को बचाना यानी फुटबॉल के मैच में गोल पोस्ट के सामने जो व्यक्ति खड़ा होता है उसे हम लोग गोलकीपर करते हैं इसका प्रमुख काम विपक्षी टीम के गोल को रोकना होता है इसलिए फुटबॉल के मैच में कौन सी टीम जीतेगी हारेगी उसकी हार जीत में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि जिस टीम के पास अच्छे गोलकीपर होते हैं और टीम हारी हुई मैच भी जीत सकती है I

फुटबॉल किक-

फुटबॉल किक का मतलब होता है कि फुटबॉल को निर्धारित सीमा रेखा के बाहर पहुंचाना और जो खिलाड़ी इस गेंद को रोक लेता है उसे पुरस्कार यहां पर दिया जाता है

कॉर्नर किक–

कॉर्नर किक के अंतर्गत जब गेंद बिना गोल किए गोल रेखा के पार हो जाए तो ऐसे सिटी में गोल करने वाले खिलाड़ी को दोबारा से गेंद को छूने का मौका दिया जाता है

इनडायरेक्ट फ्री किक–

इनडायरेक्ट फ्री किक का मतलब होता है कि जब गेंद बिना फाउल के मैदान से बाहर चली जाए तो ऐसी स्थिति में खेल को रोक दिया जाता है और विपक्षी टीम को फ्री किक करने का अवसर दिया जाता है I

फुटबॉल में फाउल नियम क्या है?(Football Fowl Rules in hindi)

फुटबॉल में फाउल के नियम निम्नलिखित प्रकार के हैं जिसका विवरण हम आपको नीचे बिंदु अनुसार देंगे आइए जानते हैं – 

  • रेड कार्ड (Red Card) फुटबॉल के मैच में रेड कार्ड का काफी महत्व है क्योंकि जब किसी खिलाड़ी को रेड कार्ड रैफरी के द्वारा दिखाया जाता है तो इसका मतलब साफ है कि वह खिलाड़ी अब उस मैच में खेल नहीं पाएगा ऐसी परिस्थिति में उस टीम के एक खिलाड़ी कम हो जाते हैं रेड कार्ड सभी खिलाड़ी को दिखाया जाता है जब खिलाड़ी फुटबॉल के नियमों की अवहेलना करता है I
  • येलो कोर्ड (Yellow Card)– फुटबॉल मैच के दौरान अगर रैफरी किसी खिलाड़ी को yellow card देता है तो उसका मतलब साफ है कि वह खिलाड़ी मैदान से बाहर चला जाएगा लेकिन उसकी जगह कोई नया खिलाड़ी मैदान में आ सकता है
  • ऑफसाइड (Offside)- फुटबॉल मैच में ऑफ साइड नियम का मतलब होता है आगे का खिलाड़ी गेंद का बचाव किए बिना वह विरोधी खिलाड़ी के आगे नहीं जा सकता है और अगर हम ऐसा करते हैं तो वह ऑफसाइड फाउल माना जाएगा I

फुटबॉल का इतिहास व उत्पत्ति (Football History in hindi)

फुटबॉल खेल के इतिहास के बारे में अगर हम चर्चा करें तो इसके इतिहास का कोई भी वास्तविक स्रोत अभी तक सामने नहीं आया है कि आखिर में फुटबॉल खेल की उत्पत्ति कब हुई थी हालांकि फुटबॉल की सबसे बड़ी संस्था फीफा के अनुसार फुटबॉल की उत्पत्ति चीनी खेल सूजु का विकसित रूप है| इस खेल की उत्पत्ति चीन में हुई थी इस खेल को जापान में प्राचीन काल में असुका वंशज नाम का एक राजा हुआ करता था उसने इस खेल को जापान में सबसे अधिक खेला जाता था और वहां पर इसे कैमरी के नाम से जाना गया I 

1586 ई० में यह जॉन डेविस नाम के एक समुद्री जहाज के कप्तान हुआ करता था उसके साथ उसके कई साथी थे सभी लोगों ने मिलकर उस समय ग्रीनलैंड में फुटबॉल खेला था फुटबॉल खेल का विकास कैसे हुआ उसके ऊपर मशहूर लेखक रोबर्ट ब्रौज स्मिथ ने सन 1878 अब लिखी है उन किताब में उन्होंने फुटबॉल खेल के पूरे इतिहास के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी हैI

पंद्रहवीं शताब्दी में फुटबॉल का विकास कैसे हुआ?

पंद्रहवीं स्कॉटलैंड नाम के एक देश में फुटबॉल के नाम से ही एक गेम खेला जाता था लेकिन उसे 1424 में इसे प्रतिबंधित कर दिया गया क्योंकि उस समय फुटबॉल नाम का गेम था और एक नाम से दो खेल कैसे खेले जा सकते हैं हालांकि बाद में इस प्रतिबंध को हटा लिया गया था लेकिन उस समय तक लोगों का इस खेल के प्रति रुचि कम हो चुका था

1409 में इंग्लैंड के राजकुमार हेनरी चतुर्थ ने पहली बार अंग्रेजी में फुटबॉल शब्द का इस्तेमाल किया था तभी से ही इंग्लैंड फुटबॉल खेलने लगा यही वजह है कि आज फुटबॉल के सर्वश्रेष्ठ देशों में इंग्लैंड का नाम भी आता है I यही कारण है कि इंग्लैंड आज के समय में एक मजबूत फुटबॉल टीम मानी जाती है I

20वीं सदी में फुटबॉल फेडरेशन फीफा की स्थापना

बीसवीं शताब्दी आते-आते Football का विकास तेजी के साथ हो चुका था और उस समय दुनियां के बड़े-बड़े देश इस खेल को अपने देश में खेला करते थेI यही वजह है कि उस समय की दुनिया को यह बात महसूस हुई कि Football जैसे game को नियंत्रित करने के लिए एक संस्था की जरूरत है और उसी समय फीफा नाम की एक संस्था का गठन किया गयाI जो प्रमुख तौर पर Football से जुड़े हुए नियमों को बनाता है और उसका पालन फुटबॉल खेलने वाले सभी देशों को करना हैI

उन सबको दिशा निर्देश जारी करता हैI यही कारण है कि द फ्रांस, बेल्जियम, डेनमार्क, नीदरलैंड, स्पेन, स्वीडन और स्विटज़रलैंड ने मिलकर 21 मई 1904 फीफा(FIFA) की स्थापना की और उस समय फीफा के पहले अध्यक्ष  रोबर्ट गुएरिन को नियुक्त किया गया था| इसका पूरा नाम (FIFA) Federation of Football association.

वर्तमान समय में फुटबॉल

आज के समय में फुटबॉल दुनियां का सबसे मशहूर गेम है और इस खेल को दुनियां के अधिकांश देशों के द्वारा खेला जाता है यही वजह है कि फीफा वर्ल्ड कप का फुटबॉल का वर्ल्डकप का महाकुंभ भी कहते हैं।

आज के समय में यह खेल दुनियां का सबसे महंगा और लोकप्रिय खेल बन चुका हैं। जब यह आयोजित होता है तो उस समय दुनियांभर में इसका प्रभाव साफ नजर आता है लोग दिवाने हो जाते हैं विश्वभर के करोड़ों लोग इसे बहुत चाव से देखते हैं। जिस भी देश में भी इसका आयोजन होता हैं उसको पर्यटन से विभिन्न प्रकार के व्यापारिक लाभ मिलते हैं। इसके कई अमीर देश बिलियन्स डॉलरों की बोली लगाते हैं।

फुटबॉल देखने वाले जितने भी लोग होते हैं उनकी भीड़ आप स्टेडियम में देख पाएंगे ऐसा माना जाता है कि दुनिया में क्रिकेट के वर्ल्ड कप के समय जितनी भीड़ होती है उससे अधिक भीड़ फुटबॉल के समय होती है क्योंकि फुटबॉल दुनिया के अधिकांश विशेष तौर पर यूरोप व दक्षिण अमेरिका के जितने भी देश है वहां पर प्रमुख खेल के तौर खेला जाता है और वहां की जनता इस खेल की दीवानी होती हैं आज के समय फुटबॉल में युवाओं का सबसे प्रिय खेल है।

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