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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध 2023 | International Women’s Day Essay in Hindi

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध कैसे लिखें, विश्व महिला दिवस पर निबंध (International Women’s Day Essay in Hindi, mahila diwas par nibandh 500 words, in 1000 words, essay on International Women’s Day hindi)

Essay on International Women’s Day 2023 : विश्व भर में हर साल 8 मार्च का दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस बार भी 8 मार्च 2023 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 (International Women’s Day 2023) मनाया जाएगा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की जरूरत क्यों पड़ी?

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आपको बता दें कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए और विश्व स्तर पर महिलाओं की समस्या और उनके समाधान पर चर्चा करने के लिए हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। विश्व महिला दिवस के खास मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनमें निबंध प्रतियोगिता और महिला सशक्तिकरण पर भाषण प्रतियोगिताएं भी शामिल हैं।

आज इस लेख के जरिए हम आपके लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 पर निबंध (International Women’s Day 2023 Essay In Hindi) लेकर आए हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 पर निबंध (International Women’s Day Essay in Hindi)

प्रस्तावना –

8 मार्च का दिन विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में ख्यात है। इस दिन महिला सशक्तिकरण का उद्देश्य लेकर हर साल विश्व महिला दिवस मनाया जाता है।

बिना महिलाओं के इस सृष्टि की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी क्योंकि ईश्वर ने जनन क्षमता केवल महिलाओं को दी है, जिससे पुरुष और महिला दोनों की उपज होती है। एक पुरुष के जीवन में महिलाओं की अहमियत क्या है? यह चीज़ इस बात से समझी जा सकती है कि उस पुरुष को जन्म देने के लिए और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए महिलाएं ही उत्तरदायित्व संभालती हैं।

लेकिन इन सबके बावजूद भी दुनियाभर के कई हिस्सों में हजारों सालों से लगातार महिलाओं का शोषण होता रहा है। महिलाएं सदैव सामाजिक और शारीरिक शोषण के साथ साथ घरेलू उत्पीड़न का शिकार होती रही हैं। भले ही आज समाज में महिलाओं की स्थिति पहले से बेहतर हो लेकिन आज भी भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में महिलाओं के साथ शोषण और उत्पीड़न की बर्बर घटनाएं सामने आती रहती हैं।

इसीलिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत हुई ताकि महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक किया जा सके और उन्हें सशक्त बनाया जा सके ताकि उनके साथ सामाजिक शोषण और उत्पीड़न की घटनाएं न घटने पाएं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के खास मौके पर समाज में महिलाओं के योगदान और उपलब्धियों के बारे में भी चर्चा की जाती है।

nibandh International Women's Day Essay in Hindi

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 का संक्षिप्त विवरण (Essay on International Women’s Day in hindi)

लेख का प्रकारनिबंध
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है?विश्व स्तर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है?8 मार्च
विश्व भर में पहली बार कब शुरु हुआ?19 मार्च 1911
कहां-कहां मनाया जाता है।भारत सहित पूरे विश्व में
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2023 की थीमलैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकि

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 (International Women’s Day 2023)

8 मार्च के दिन विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। विश्व स्तर पर विश्व महिला दिवस मनाने के साथ-साथ विभिन्न देशों में राष्ट्रीय स्तर पर हुई महिला दिवस मनाने की पहल शुरू हो चुकी है। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अलावा भारत में 13 फ़रवरी के दिन राष्ट्रीय महिला दिवस भी मनाया जाता है।

इस साल 8 मार्च 2023 को भी विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 (International Women’s Day 2023) मनाया जाएगा।

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य –

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्व स्तर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और समाज में उनके योगदानों की सराहना करना है।

इन सब चीजों के अलावा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस इसलिए भी मनाया जाता है ताकि विश्व भर की महिलाओं के सामने आ रही चुनौतियों और समस्याओं के बारे में विचार विमर्श किया जा सके और उनसे निपटने के लिए अभियान चलाया जा सके।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत, इतिहास –

28 फरवरी 1908 को पहली बार तकरीबन 15000 महिलाओं के एक संगठन ने अमेरिका के न्यू यॉर्क शहर में प्रदर्शन के तौर पर एक मार्च निकाला और महिलाओं को लेकर समाज और रोजगार में समान अधिकार के साथ-साथ महिलाओं के लिए मतदान के अधिकार की मांग की।

इस घटना के ठीक एक साल बाद 28 फरवरी 1909 को अमेरिका में पहली बार सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका के आह्वाहन पर महिला दिवस मनाने की शुरुआत हुई और 28 फरवरी 1960 को पहली बार अमेरिका में राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया गया।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पहल –

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की पहल क्लारा जेटिकन ने की थी। उस दौरान दुनिया के कई ऐसे देश है जहां महिलाओं को पुरुषों के समान रोजगार और मतदान के अधिकार नहीं थे। इसीलिए साल 1910 में क्लारा जेटिकन ने विभिन्न देशों की महिलाओं को एकत्रित करके अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की बात रखी हालांकि उन्होंने यह दिवस मनाने के लिए किसी विशेष दिन का प्रस्ताव नहीं रखा।

इस सम्मेलन में विश्व के 17 देशों से लगभग 100 महिलाएं शामिल हुई थीं जिस दौरान क्लारा जेटिकन ने विश्व स्तर पर महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। क्लारा जेटिकन की पहल के बाद 1911 में पहली बार स्विजरलैंड ऑस्ट्रिया जर्मनी और डेनमार्क में महिला दिवस मनाया गया।

समय के साथ धीरे धीरे विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की मांग बढ़ती गई और आखिरकार संयुक्त राष्ट्रसंघ ने 1975 में 8 मार्च का दिन विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाने की घोषणा कर दी।

8 मार्च को विश्व महिला दिवस मनाने का कारण–

गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की पहल पहले ही हो चुकी थी लेकिन इसके लिए कोई विशेष तिथि निर्धारित नहीं की गई थी।

साल 1917 में रूसी क्रांति के दौरान रूस की महिलाओं ने ब्रेड एंड पीस के नाम से भूख हड़ताल आंदोलन की शुरुआत की और वहां के क्रूर शासक जार निकोलस को सत्ता से उखाड़ फेंका। जूलियन कैलेंडर के मुताबिक 23 फरवरी 1917 की तारीख वह खास तिथि थी जिस दिन रूसी महिलाओं ने रोटी और शांति के लिए भूख हड़ताल की थी।

जबकि ग्रेडियन कैलेंडर के मुताबिक रूसी महिलाओं के भूख हड़ताल की तिथि 8 मार्च 1917 की थी। इस घटना के इतिहास को भविष्य में अमर करने के लिए और इसकी स्मृतियां संजोने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 8 मार्च को ही विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का फैसला लिया।

इन्हें भी पढ़ें-

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम –

विश्वभर में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विशेष कार्यक्रमों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान ओं को प्रकाशित करना होता है।

इसके अलावा यह विशेष कार्यक्रम महिलाओं के सामने उभरती चुनौतियों और समस्याओं पर चर्चा करने के लिए एक खुला मंच भी प्रस्तुत करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के खास मौके पर विभिन्न प्रकार के अभियान चलाए जाते हैं ताकि महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन के साथ साथ उन्हें समाज में पुरुषों के समान अधिकार दिलाया जा सकें।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2023 की थीम (International Women’s Day 2023 Theme)

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर साल एक नई थीम के साथ मनाया जाता है। हर साल एक नए उद्देश्य और संकल्प के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

इस बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2023 की थीम “DigitALL: Innovation and technology for gender equality” है। अर्थात् 8 मार्च 2023 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 “लैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकि” की थीम के साथ मनाया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व –

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस न केवल महिलाओं के लिए समर्पित एक दिवस है बल्कि इस खास दिन के साथ विश्व भर की महिलाओं की भूमिका, सम्मान, योगदान उपचार और भावनाएं जुड़ी हुई हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रमों की बदौलत विश्व भर में समाज में महिलाओं की भूमिका में व्यापक स्तर पर क्रांति आई है। आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं और समान अवसर भी प्राप्त कर रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और विभिन्न देशों में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय महिला दिवस की बदौलत महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन जैसे अभियानों को बल मिला तथा तेजी से इनका प्रभाव संपूर्ण विश्व पर पड़ा।

आज महिलाएं किसी भी सेक्टर में पुरुषों से कम नहीं आंकी जा सकती बल्कि हर सेक्टर में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समाज में महिलाओं की भूमिका का सम्मान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।

उपसंहार–

समाज में महिलाएं और पुरुष दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। महिला और पुरुष दोनों का विकास एक दूसरे पर निर्भर करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रमों की बदौलत विश्व भर के पुरुषों ने भी महिला सशक्तिकरण में अपनी अहम भूमिका निभाई है और इसे सफल बनाने के लिए यथासंभव प्रयास किया है।

महिलाओं को मिलने वाले संवैधानिक और सामाजिक अधिकार ही उनके शोषण से लड़ने के लिए हथियार साबित हो सकते हैं इसीलिए हमारी सबसे पहली पहली होनी चाहिए कि हम अपने परिवार और आसपास की महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक करें।

हमें एकजुट होकर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रमों को इतना सफल बनाना पड़ेगा ताकि आने वाले समय में महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए किसी विशेष दिन की जरूरत ना पड़े।

तो दोस्तों आज इस आर्टिकल के जरिए हमने आपके साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 पर निबंध लिखें (International Women’s Day Essay in Hindi) साझा किया। उम्मीद करते हैं कि हमारा यह लेख आपको पसंद आया होगा।

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