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राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्यों मनाया जाता है? आइये जानें इसका महत्व व इतिहास

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस में कब है? राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्यों मनाया जाता है, 2022 थीम, इतिहास, निबंध (Facts about National Pollution control day in hindi, rashtriya pradushan niyantran divas kyu manaya jata hai)

जैसा कि आप लोग जानते हैं कि हमारा वातावरण काफी तेजी के साथ प्रदूषित हो रहा है ऐसे में वातावरण को बचाना हम सभी मानव का प्रथम कर्तव्य है आप लोगों ने भोपाल गैस त्रासदी घटना के बारे में सुना होगा जिसमें लाखों लोगों की जान चली गई थी ऐसे में भारत में 2 दिसंबर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के तौर पर मनाया जाता है ताकि हम प्रदूषण को रोक सके इस दिन प्रदूषण कैसे रोका जाए उसके बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है अब आप लोगों के मन में सवाल आएगा कि राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्यों मनाया जाता है? राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस2022 में कब है और कैसे मनाया जाएगा और इसका थीम क्या है अगर आप इसके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं तो हमारे साथ आर्टिकल पर बने रहे हैं चलिए शुरू करते हैं –

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्या है?

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस एक महत्वपूर्ण दिवस है जो कि 2 दिसंबर को भारत में मनाया जाता है इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें भारत सरकार के राष्ट्रीय प्रदूषण मंत्रालय के अधिकारी और मंत्री सम्मिलित होते हैं जिसमें वह अपने विचार रखते हैं कि किस प्रकार हम प्रदूषण को नियंत्रित कर सकते हैं क्योंकि अगर इसी प्रकार प्रदूषण बढ़ता रहा तो 1 दिन इस पृथ्वी पर मानव जाति का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा इसलिए 2 दिसंबर को प्रदूषण दिवस के माध्यम से लोगों को बताया जाता है कि आप प्रदूषण को रोकने में अपनी भूमिका का निर्वाह करें ताकि हम सभी लोग मिलकर प्रदूषण को रोक सके I

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्यों मनाया जाता है? | Pollution-Control-Day-in-hindi

राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस 2022 में कब है?

2 दिसंबर को भोपाल गैस त्रसदी की दुखद घटना को याद करते हुये राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रुप में मनाया जाता है। ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो और इसपर पूर्णरुप नियंत्रण किया जा सकें। इस दिन लोगों में पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण के प्रति जागरुकता अभियान चलाये जाते हैं।

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्यों मनाया जाता है?

राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस क्यों मनाया जाता है आप लोगों के मन में सवाल आ रहा है तो हम आपको बता दें कि 1984 में भोपाल गैस त्रासदी घटना हुई थी जिसके कारण कई लोगों की मृत्यु हो गई उन सभी लोगों को याद करने के लिए ही राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस मनाया जाता है घटना के माध्यम से लोगों ने जाना कि किस प्रकार जहरीला गैस वातावरण को प्रदूषित कर देता है इसके अलावा राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस मनाने से लोगों को भी जागृत करने का काम किया जाता है ताकि हम अपने वातावरण को प्रदूषण से बचा सके जैसा कि आप लोग जानते हैं कि कई लोग अपनी लापरवाही और गलत गतिविधियों के कारण वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैंI ऐसे में हमारे वातावरण को प्रदूषित होने से रोकना हम सभी का कर्तव्य हैI हमारी आने वाली पीढ़ी एक स्वस्थ जीवन जी सकें इसके लिये हमें वातवारण को प्रदूषित होने से रोकना ही होगा I

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का महत्व

वायु प्रदूषण दुष्प्रभावों को समझने के लिए राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस काफी महत्वपूर्ण दिन है. नेशनल हेल्थ पोर्टल के मुताबिक हर साल 7 मिलियन से अधिक लोगों को शुद्ध हवा की प्राप्ति नहीं होती है जिसके कारण उनकी मौत हो जाती है I इसलिए हम सबको वातावरण में प्रदूषण को फैलने से रोकना होगा नहीं तो इस पृथ्वी पर मानव जाति का जीवन खतरे में पड़ जाएगा I

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस कैसे मनाया जाता है

इस दिन भारत के प्रदूषण नियंत्रण मंत्रालय के द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरुक किया जाता है कि हमें किस प्रकार अपने वायुमंडल को प्रदूषित होने से बचाया जाए क्योंकि अगर आप प्रदूषण को नियंत्रित नहीं करते हैं तो हमारे आसपास के वातावरण में सांस लेना हमारे लिए कठिन होगा इसके अलावा कई प्रकार के दूसरे गंभीर बीमारी भी आपको अपनी चपेट में ले सकते हैं इसके अलावा स्कूल कॉलेजों में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के दिन वाद विवाद प्रतियोगिता नाटक निबंध पत्र लेखन जैसी चीजों का आयोजन किया जाता है इसमें छात्र बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पुरस्कृत भी किया जाता है I

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के उद्देश्य

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रदूषण को कैसे कम किया जा सके उसके लिए जागरूक करना है इसके अलावा सरकार के द्वारा भी प्रदूषण को रोकने के लिए कई प्रकार के नए दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं ताकि उनका पालन कड़ाई के कारखाने और जितने भी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है जहां पर प्रोडक्ट का निर्माण होता है और जिससे प्रदूषण की समस्या सबसे ज्यादा होती है ऐसी जगह को सरकार के द्वारा बनाए गए दिशा निर्देश का पालन हो रहा है कि नहीं उसके लिए सरकार अपने अधिकारी को भेजकर परीक्षण करवाने का भी काम करती है।

अगर कोई भी व्यक्ति सरकार के बनाए गए नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जा सके जैसा कि आप लोग जानते हैं कि 1984 में भोपाल में गैस लीक घटना घटित हुई थी जिसके कारण कई लाख लोगों की जान चली गई थी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी सरकार एक विशेष टीम का गठन करती है जो ऐसी घटना को घटित होने से रोकने का काम करती है सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रदूषण नियंत्रण कदमों पर भी लोगों को इसकी जानकारी दी जाती है।

प्रदूषण के कारण

विज्ञान के चमत्कारों को नकारा नहीं जा सकता। लेकिन विज्ञान के अभिशाप भी हैं जिसका खामियाजा प्रत्येक मानव को भुगतना पड़ेगा अगर मानव इसी प्रकार प्रदूषण करता रहा तो 1 दिन पूरे पृथ्वी का विनाश निश्चित है आज दुनिया का कोई ऐसा देश नहीं है जहां पर प्रदूषण की समस्या ना हो जहां एक तरफ हम सभी लोग अपने भौतिक सुख-सुविधा इकट्ठा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ हम धरती को प्रदूषित कर रहे हैं सबसे अधिक प्रदूषण विकसित देशों में है क्योंकि विकसित देश तेजी के साथ उन्नति के पथ पर अग्रसर हो रहा है और वहां पर उद्योग धंधे काफी तेजी के साथ स्थापित हो रहे हैं और जो उद्योग धंधे स्थापित हो रहे हैं वह नियम कानून को ताक में रखकर उनका उल्लंघन कर रहे हैं जिसका खामियाजा इस पूरे पृथ्वी को भुगतना पड़ेगा अगर हम ने वक्त रहते उन पर अंकुश ना लगाया तो इसीलिए हमें अपने वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए और भी कड़े नियम बनाने होंगे और हम सबको मिलकर अपने पर्यावरण को बचाना है क्योंकि पृथ्वी हमारी मां है और अगर आप अपनी मां को नहीं बचाते हैं तो आपका अस्तित्व भी पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा इसलिए आइए इससे राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर हम प्रतिज्ञा लें कि हम अपने अगल-बगल के वातावरण को स्वच्छ और साफ रखेंगे ताकि हमारा वातावरण प्रदूषित होने से बच सके I

FAQ

राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस 2022 में कब है?

2 दिसंबर

राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का उद्देश्य क्या हैं।

यह दिवस 1984 में भोपाल की त्रासदी को देखते हुये ओद्योगिक प्रदूषण व उनसे होने वाली संभावित आपदाओं के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा करना एवं इसकी रोकथाम व निस्तारण करना है।

आइये इन्हें भी जाने-

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