Advertisements

हरियाली तीज क्यों मनाई जाती है? महत्व, कथा, तिथि, पूजा व मुहूर्त | kyu manaya jata hai Hariyali Teej

क्यों खास है हरियाली तीज पर हरा रंग? हरियाली तीज कथा, महत्व, तिथि, पूजा व मुहूर्त (kyu manaya jata hai Hariyali Teej, Kab hai, Date, Vrat, tyohar, Puja Vidhi in Hindi)

भारत त्योहारों का देश है। यहां पर हर छोटे-बड़े त्यौहार धूमधाम से मनाए जाते हैं। हरियाली तीज भी इन प्रमुख त्योहारों में से एक है। आज हम इस लेख में हरियाली तीज 2022 के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे। आप भी तीज से जुड़ी जानकारी के लिए हमारे साथ इस लेख के अंत तक जरूर बने रहे।

हरियाली तीज क्या है?

हरियाली तीज सावन के महीने में मनाई जाती है। सावन का महीना शिव गौरी की आराधना का महीना कहा जाता है। हरियाली तीज सावन महीने में आने वाले त्योहारों में से एक है। यह दिन विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। सावन महीने मे बारिश का सीजन होता है, जिसकी वजह से हर तरफ हरियाली रहती है इसलिए इसे हरियाली तीज का व्रत त्यौहार का नाम दिया गया है।

आइये जानें – सावन की शिवरात्रि का महत्व, पौराणिक कथा

हरियाली तीज पर हरा रंग खास क्यों?

हरियाली तीज सावन के महीने में मनाई जाती है। यह महीना बरसात का महीना होता है। बारिश होने की वजह से चारों तरफ हरा भरा नजर आता है, जो मन को मोह लेता है। ग्रीष्म ऋतु के तुरन्त बाद यह मौसम मन को शांत और प्रसन्न करने वाला होता है।

माना जाता है कि हरा रंग शिव भगवान का भी प्रिय रंग होता है और साथ ही हरा रंग बुध ग्रह को दर्शाता है। हरियाली तीज के दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करने से बुध ग्रह मजबूत होता है।

Haryali-Teej-kyo-manayi-jati-hai

हरियाली तीज क्यों मनाई जाती है? (kyu manaya jata hai Hariyali Teej)

यह पर्व भोलेनाथ और माता पार्वती के मिलन की खुशी में मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन माता पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भोलेनाथ जी ने उनके साथ विवाह करने के लिए राजी हुए थे। विवाहित महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए हरियाली तीज सौभाग्य का दिन होता है। 

इस दिन जो सुहागिन स्त्रियां और लड़कियां शिव गौरी की पूजा करते हैं उन्हें मनवांछित फल प्राप्त होते हैं।

इन्हें भी पढ़ें

हरियाली तीज व्रत की कथा (Hariyali Teej Varat Katha, story in hindi)

पौराणिक कथा के अनुसार माता सती ने पार्वती के रूप में राजा हिमालयराज के घर जन्म लिया था। वह बचपन से ही शिव को पाने की कामना करती थी, परंतु जब वह विवाह के योग्य हुई तो नारद मुनि ने राजा के सामने पार्वती का विवाह विष्णु जी से करवाने का प्रस्ताव रखा, जिसे राजा हिमालय ने स्वीकार कर लिया।

जब पार्वती को यह पता चला तो वह निराश होकर जंगल चली गई और वहां पर महादेव को पति के रूप में पाने के लिए, रेत का शिवलिंग बनाकर, लाखों सैकड़ों वर्षों तक कठोर तप किया। आखिरकार पार्वती की कठोर तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न हुए और सावन महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को माता पार्वती के सामने प्रकट होकर, वरदान स्वरूप,  पत्नी के रूप में स्वीकृति प्रदान की।

पार्वती के पिता हिमालया ने पार्वती की खोज मे धरती पाताल एक करवा दिया। जब उन्हें पार्वती वन में स्थित एक गुफा मे मिली तो घर जाने से पहले पार्वती ने उनके सामने शर्त रखी कि यदि वह महादेव के साथ उनका विवाह करवाएंगे, तभी वह घर जाएगी। तब पिता ने अपनी पुत्री की शर्त मान ली और पूरे विधि विधान के साथ शिव और पार्वती का विवाह करवाया गया।

यह तिथि माता पार्वती का मिलन का दिन माना जाता है। महादेव ने पार्वती से कहा कि इस व्रत और कठोर तपस्या के कारण ही हमारा विवाह संभव हुआ। आगे शिव ने कहा कि जो भी स्त्री इस व्रत को पूरे मन से श्रद्धा भाव के साथ करेगी, मै उसकी मनोकामना पूर्ण करूंगा। इसीलिए इस दिन को सुहागिनों और लड़कियों के लिए सौभाग्य का दिन कहा जाता है।

तब से लड़कियों के द्वारा मनचाहा वर पाने के लिए और सुहागिनों के द्वारा अपने पति की दीर्घायु (लंबी उम्र) के लिए इस व्रत को करने की शुरुआत हुई।

हरियाली तीज का महत्व (Importance of Hariyali Teej hindi)

हरियाली तीज को सिद्धारा तीज और श्रावणी तीज के नाम से भी जाना जाता है। हरियाली तीज के व्रत का अपने आप में अलग महत्व है। यह व्रत शादीशुदा महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु व लंबी उम्र के लिए और परिवार की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है। लड़कियां अच्छे वर मिलने की कामना के साथ इस व्रत को रखती है।

इस त्यौहार का एक उद्देश्य यह भी है कि बहुत गर्मी के बाद जब बरसात का सीजन आता है तो चारों तरफ हरियाली छा जाती है। धरती के इस नए रूप को लोग तीज के त्यौहार के रूप में मनाते हैं और भगवान से अच्छी फसल होने की कामना करते है।

हरियाली तीज 2022 में कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष हरियाली तीज सावन महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इसके अनुसार हरियाली तीज का त्यौहार 31 जुलाई 2022 को है।

हरियाली तीज पूजा मुहूर्त

हरियाली तीज का पूजा मुहूर्त 31 जुलाई शाम 3:00 बजे से शुरू होकर अगले दिन 1 अगस्त 2022 को 1:15 शाम 4:15 बजे तक है।

हरियाली तीज की पूजा विधि

हरियाली तीज व्रत राजस्थान मारवाड़ी समाज के द्वारा अधिक मनाया जाता है। आइए हरियाली तीज की पूजा विधि के बारे में जानते हैं:-

इस दिन महिलाएं अपने पति दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती है। हरियाली तीज व्रत के दिन सभी महिलाएं सोलह सिंगार करती है। दिनभर उपवास रख के रात को माता पार्वती की पूजा पूरे विधि-विधान से की जाती है। फिर अगले दिन सुबह माता गौरी की पूजा करके इस व्रत को तोड़ा जाता है।

माता गौरी को तीज माता के नाम से भी संबोधित किया जाता है। पहली तीज पर नई बहू को सास पूरा सिंगार का सामान देती है, जिसमें कपड़े, चूड़ी, बिंदी, जेवर आदि सिंगार का सामान शामिल होते हैं।

हरियाली तीज की कुछ प्रमुख परंपराएं

हरियाली तीज के व्रत की मनाई जाने वाली कुछ परंपराएं सदियों से चली आ रही है, आईये इनके बारे में जानते हैं:-

वटवृक्ष मे सावन के झूले-

हरियाली तीज वाले दिन सभी औरतें एक जगह पर इकट्ठे होकर सावन के गीत गाती है। वट वृक्ष में झूला टांग कर, सावन के झूले के मजे लेते हुए, नाचते गाती रहती है।

मेहंदी-

हरियाली तीज का त्यौहार मेहंदी के बिना बिल्कुल अधूरा है। औरतें और लड़कियां इस दिन अपने हाथों और पैरों में मेहंदी रचाती हैं। ऐसा माना जाता है कि जिसकी मेहंदी का रंग ज्यादा गहरा होता है उसका पति उससे उतना ही अधिक प्यार करता है। हर सुहागन की जिंदगी में मेहंदी का अपना एक खास स्थान होता है।

तीज बाजार-

तीज के त्यौहार के दिन तीज का मेला लगता है। बाजार तरह-तरह के सामानों से सजे होते हैं। सुहागिनों और लड़कियों के लिए तीज के मेले में हर तरह का साज श्रृंगार का सामान मिलता है। सभी लोग इस मेले का भरपूर आनंद उठाते हैं।

FAQ

2022 में तीज का व्रत कब है?

2022 में तीज का व्रत 31 जुलाई के दिन है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष कि तृतीय तिथि के दिन ये व्रत रखा जाएगा।

हरियाली तीज के दो प्रकार कौन से है?

पने भारत में तीज तीन प्रकार से मनाई जाती है। हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज।

बिहार में कौन सी तीज मनाई जाती है?

कजरी तीज बिहार में बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है।

आइये इन्हे भी जानें
1. द्रौपदी मुर्मू का जीवन परिचय
2. कौन है नंबी नारायणन (Rocketry: the nambi effect)
3. भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी
4. महान वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ बोस का जीवन परिचय
5. फेमिना मिस इंडिया 2022 सिनी शेट्टी का जीवन परिचय
Homepage Click Here
Follow us on Google NewsClick Here

Leave a Comment