Advertisements

लक्ष्य सेन का जीवन परिचय | Lakshya Sen Biography in hindi

कौन है लक्ष्य सेन का जीवन परिचय, जीवनी (Lakshya Sen Biography in hindi) बैडमिंटन खिलाड़ी, जन्म, उम्र, परिवार, शिक्षा, सैलरी, नेटवर्थ, उपलब्धियां, वर्ल्ड रैंकिंग, रिकॉर्ड (Indian Badminton Player, Birth, Age, Family, Education, Salary, Net Worth, Ranking, medals, world records, coach, commonwealth latest news ) लक्ष्य सेन उपलब्धियां- कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में जीता गोल्ड मेडल

खेल जगत में हर आए दिन भारत से नई नई प्रतिभाएं उभर कर सामने आ रही हैं। भारतीय खिलाड़ी क्रिकेट और हॉकी समेत बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग रेसलिंग और टेबल टेनिस जैसे तमाम खेलों में अपनी प्रतिभाएं बिखेर रहे हैं।

भारत की तरफ से बैडमिंटन के खेल में पीवी सिंधु और साइना नेहवाल जैसी उम्दा खिलाड़ियों ने दुनिया भर की प्रतिस्पर्धा में भारत का नाम रोशन किया है।

Advertisements

भारत की तरफ से बैडमिंटन खेल खेलने वाले इन्हें खिलाड़ियों में लक्ष्य सेन का नाम भी शामिल है जो भारत के उभरते सितारे है और बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड रैंकिंग में 11वें स्थान पर हैं।

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मे लक्ष्य सेन फरवरी 2017 में BWF वर्ल्ड जूनियर रैंकिंग के नंबर वन जूनियर एकल खिलाड़ी बने और आज भारत का नाम बैडमिंटन खेल में रोशन कर रहे हैं।

बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम 2022 में उनका प्रदर्शन शानदार रहा और अपने तेज तर्रार प्रदर्शन के साथ ही लक्ष्य सेन ने लक्ष्य सेन ने 8 अगस्त को हुये अपने फाइनल मुकाबले के मैच को जीत लिया है उन्होंने मलेशिया के खिलाड़ी जे योंग को 19-21, 21-9, 21-16 से हराकर गोल्ड पर कब्जा जमाया।

तो आइए भारत के इस जांबाज खिलाड़ी के जीवन से जुड़ी हुई कई सारी बातें जानते हैं और बताते हैं कि कैसा रहा उनका जीरो से हीरो बनने तक का सफर।

पीवी सिंधु ने भी जीता कॉमनवेल्थ 2022 का गोल्ड – बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु की जीवनी

आइये जाने- कॉमनवेल्थ गेम्स के बारे में रोचक तथ्य, इतिहास एवं पूर्ण जानकारी

लक्ष्य सेन का जीवन परिचय (Lakshya Sen Biography in hindi)

प्रारम्भिक जीवन, परिवार, शिक्षा, जन्म

भारत के जांबाज युवा बैडमिंटन प्लेयर लक्ष्य सेन का जन्म 16 अगस्त साल 2001 में उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था। लक्ष्य सेन बैडमिंटन खेल के पुरुष एकल वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और वर्तमान में उनकी उम्र 21 वर्ष है।

लक्ष्य सेन का पूरा परिवार बैडमिंटन से जुड़ा हुआ है। इनके पिता जी का नाम धीरेंद्र के सेन है जो बैडमिंटन के जाने-माने कोच हैं और प्रकाश पादुकोण एकेडमी में प्रशिक्षण देते हैं। इनकी माता पेशे से शिक्षक हैं जिनका नाम निर्मला सेन है जबकि इनके भाई चिराग सेन भी इंटरनेशनल लेवल के बैडमिंटन प्लेयर हैं।

कहा जाता है कि पिता से बड़ा कोई भी शिक्षक नहीं होता लिहाजा उन्होंने अपने पिता डीके सेन के नेतृत्व में महज 4 साल की उम्र में बैडमिंटन के एकेडमी को ज्वाइन कर लिया और प्रशिक्षण लेना प्रारंभ कर दिया।

लक्ष्य सेन का प्रोफेशनल प्रशिक्षण प्रकाश पादुकोण एकेडमी से हुआ है जहां इन्हें बैडमिंटन के जाने-माने कोच प्रकाश पादुकोण, विमल कुमार और अपने पिता धर्मेंद्र के सेन से प्रशिक्षण मिला और कुशल प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि आज वह दुनिया भर में अपनी प्रतिभा बिखेर रहे हैं।

आइये इन्हें भी पढ़े- कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में गोल्ड मेडल विजेता

Lakshya Sen Biography in hindi

लक्ष्य सेन की जीवनी (Lakshya Sen Biography, coach, birth place, father, mother, brothers name, height, weight, caste, religious, networth)

पूरा नाम (Full Name )लक्ष्मण सेन
प्रसिद्धी का कारण BWF वर्ल्ड जूनियर रैंकिंग के नंबर वन जूनियर एकल खिलाड़ी
जन्म  (Date of Birth)16 अगस्त 2001
जन्म का स्थान (Birth Place)जिला अल्मोड़ा (उत्तराखंड)
उम्र (Age)21 वर्ष (2022)
पेशा (Occupation)बैडमिंटन खिलाड़ी
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
स्कूलबेर्शेबा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी (उत्तराखंड)
प्रशिक्षण (ट्रेनिंग)लक्ष्य सेन का प्रोफेशनल प्रकाश पादुकोण एकेडमी
कोच (Coach)डीके सेन (पिता), प्रकाश पादुकोण, विमल कुमार
कद (लम्बाई)5 फीट 10 इंच (1.79m)
वजन (Weight)50 Kg
जाति (Cast)कुमाऊनी
धर्म (Religion)हिंदू
कुल सम्पति (Net Worth)1.5 million $

लक्ष्य सेन का परिवार (Family Details)

पिता का नामधीरेंद्र के सेन (कोच)
दादा का नामचंद्रलाल सेन
माता का नामनिर्मला धीरेंद्र सेन (शिक्षिका)
भाई का नामचिराग सेन (बैडमिंटन खिलाड़ी)
वैवाहिक स्थितिअविवाहित

लक्ष्य सेन का करियर (Career highlights)

2016 में प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में प्रशिक्षित होने के बाद, सेन ने बहुत कम उम्र में बैडमिंटन प्लेयर के रूप में अपनी प्रतिभा दिखाई थी, और 2016 में जूनियर एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता। सेन ने सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा की और 2016 इंडिया इंटरनेशनल सीरीज़ टूर्नामेंट में पुरुष एकल का खिताब जीता।

2017 में सेन ने साल की शुरुआत सैयद मोदी इंटरनेशनल में की, जहां वह प्री-क्वार्टर में हमवतन सौरभ वर्मा से 14-21,16-21 से हार गए। फरवरी 2017 में सेन BWF वर्ल्ड जूनियर रैंकिंग में नंबर एक जूनियर एकल खिलाड़ी बने। जूनियर एशियाई चैम्पियनशिप में, सेन को नंबर 1 के रूप में वरीयता दी गई थी।

2018 में सेन 2018 एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में शीर्ष वरीयता प्राप्त विश्व जूनियर नंबर 1 कुनलावुत विटिडसर्न को फाइनल में 21-19,21-18 से हराकर चैंपियन के रूप में उभरे।

2019 में नवंबर 2019 में, उन्होंने सारलोरलक्स ओपन जीता, जो जर्मनी के सारब्रुकन में आयोजित एक बीडब्ल्यूएफ टूर सुपर 100 टूर्नामेंट है। उन्होंने फाइनल में चीन के वेंग होंगयांग को हराकर खिताब का दावा किया।

उन्होंने नवंबर में 2019 स्कॉटिश ओपन में पुरुष एकल का खिताब ब्राजील के यगोर कोएल्हो के खिलाफ जीत के साथ जीता।

2020 में सेन उस भारतीय टीम के सदस्य थे जिसने 2020 बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।

सेन 2020 ऑल इंग्लैंड ओपन के दूसरे दौर में पहुंचे। वह 2020 डेनमार्क ओपन के दूसरे दौर में हंस-क्रिस्टियन विटिंगस से 21-15,7-21 और 15-21 से हार गए। सेन को 2020 सारलोरलक्स ओपन में नंबर 2 के रूप में वरीयता दी गई थी, लेकिन एक चोट के कारण वापस ले लिया गया था। कोविड -19 महामारी ने उन्हें इस वर्ष में और अधिक अंतर्राष्ट्रीय बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट खेलने के लिए प्रतिबंधित कर दिया।

2021 में दिसंबर में, वह विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचे, जहां वह हमवतन श्रीकांत किदांबी से एक कठिन मुकाबले में 21-17, 14–21, 17–21 से हार गए परंतु कांस्य पदक उन्होंने अपने नाम किया।

2022 जनवरी में, उन्होंने इंडिया ओपन के फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन लो कीन यू को हराया, इस प्रकार उन्होंने अपना पहला सुपर 500 खिताब जीता। जर्मन ओपन में, लक्ष्य ने सेमीफाइनल में विश्व के नंबर 1 विक्टर एक्सेलसेन को हराया, लेकिन फाइनल में कुनलावुत विटिडसर्न से हार गए। इसके बाद उन्होंने वर्ल्ड नंबर 3 एंडर्स एंटोन्सन और वर्ल्ड नंबर 7 ली ज़ी जिया को हराकर 2022 ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल में प्रवेश किया।

अभी हाल ही में, Bangkok में खेले गए थोमस कप को भारत के नाम करने में उनका पूर्ण योगदान रहा।

लक्ष्य सेन ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में किया कमाल जीता 20वां गोल्ड

भारत के बैडमिंटन प्लेयर लक्ष्य सेन बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पुरुष एकल में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता है।

इस स्वर्ण पदक के साथ ही लक्ष्य सेन कामनवेल्थ गेम्स में पुरुष एकल में स्वर्ण पदक जीतने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अलावा लक्ष्य सेन के कोच और भारत के बेहतरीन बैडमिंटन प्लेयर प्रकाश पादुकोण, सैयद मोदी और पारुपल्ली कश्यप भी राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

लक्ष्य सेन भारत के ऐसे 10 वे बैडमिंटन प्लेयर हैं जिन्होंने कामनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पदक जीता है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में खेलते हुए लक्ष्य सेन अपना पहला गेम हार चुके थे लेकिन लेकिन इनके जज्बे ने बिल्कुल हार नहीं मानी और परिणाम स्वरूप इन्होंने दूसरा गेम आसानी से जीत लिया और तीसरे गेम के फाइनल मुकाबले में मलेशिया के शटलर को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

लक्ष्य सेन का पहला मुकाबला मलेशियाई बैडमिंटन प्लेयर त्जे यंग से हुआ जिन्होंने लगातार स्मैश लगाकर लक्ष्य को थका दिया और परिणाम स्वरूप कांटे के मुकाबले के बाद 21-19 से जीत गए।

मलेशियाई बैडमिंटन प्लेयर यंग का दूसरा मुकाबला भारत के बैडमिंटन प्लेयर किदांबी श्रीकांत से हुआ जो दुर्भाग्यवश यह मुकाबला हार गए। वर्ल्ड रैंक 10 लक्ष्य सेन ने अपने दूसरे मुकाबले में फिर से वापसी की और 21-9 के अंतर से सिंगापुर के जिया हैंग को हरा दिया।

फाइनल मुकाबले में लक्ष्य का सामना एक बार फिर से मलेशियाई बैडमिंटन प्लेयर यंग से हुआ। लक्ष्य ने इस मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए श्रीकांत का बदला लिया और 21-16 से मलेशियाई शटलर को हरा दिया और कामनवेल्थ गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में लक्ष्य का यह दूसरा पदक है इससे पहले लक्ष्य सेन मिक्स टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। इतना ही नहीं इन्होंने थामस कप 2022 में अपने बेहतरीन आक्रामक प्रदर्शन के साथ भारतीय पुरुष टीम की तरफ से गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।

8 August 2022 को बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के समापन अवसर पर भारत को बैडमिंटन में दो गोल्ड मेडल मिले। लक्ष्य सेन के पहले वर्ल्ड रैंक नंबर 7 पीवी सिंधु ने भी गोल्ड मेडल जीता।

FAQ

लक्ष्य सेन कौन है?

लक्ष्य सेन एक भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जो जूनियर वर्ल्ड रैंकिंग बैडमिंटन प्लेयर्स में दसवें स्थान पर हैं।

लक्ष्य सेन के पिता का नाम क्या है?

लक्ष्य सेन के पिता का नाम धर्मेंद्र के सेन है जो प्रकाश पादुकोण एकेडमी में बैडमिंटन के कोच भी हैं।

लक्ष्य सेन के कोच कौन है?

लक्ष्य सेन के कोच प्रकाश पादुकोण, विमल कुमार तथा उनके पिता धर्मेंद्र सेन है।

वर्ल्ड रैंकिंग में लक्ष्य सेन किस स्थान पर हैं?

वर्ल्ड रैंकिंग बैडमिंटन प्लेयर्स में लक्ष्य सेन दसवें स्थान पर हैं। इसके अलावा भारत की महिला एकल खिलाड़ी पीवी सिंधु सातवें स्थान पर हैं।

लक्ष्य सेन का प्रदर्शन थॉमस कप में कैसा रहा?

लक्ष्य सेन ने थामस कप 2022 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन प्लेयर्स की टीम से खेलते हुए अपने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था।

Leave a Comment