थॉमस कप क्या है और इसका इतिहास क्या है? | Thomus Cup History facts in hindi

Thomas Cup 2022 hindi, Thomus Cup History facts in hindi, Thomus Cup kya hai थॉमस कप क्या है? लक्ष्य सेन कौन है (Who is Lakshya sen) और उनका भारत को थॉमस कप जीताने में किस तरह से योगदान रहा?

नमस्कार पाठकों आज के इस लिस्ट में हम जानेंगे कि थॉमस कप क्या है (what is thomas cup in hindi) इस लेख में हम आपको भारत को थॉमस कप दिलवाने वाले इंटरनेशनल बैडमिंटन प्लेयर लक्ष्य सेन के बारे में भी जानकारी देंगे, तो आप हमारे साथ अंत तक बने रहे।

15 मई 2022 का दिन भारतीय खेल जगत ने एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुये इतिहास रच दिया है। अंतर्राष्ट्रीय बेडमिंटन के सबसे प्रतिष्ठित खेल थॉमस कप में पहली बार भारतीय बैडमिंटन टिम ने इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर पहली बार थॉमस कप जीतकर भारतीय बैंडमिंटन के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है। भारत को खिताब दिलाने वाले खिलाड़ियों में लक्ष्य सेन, किदांबी, सात्विक, चिराग का नाम प्रमुख है।

थॉमस कप क्या है और इसका इतिहास क्या है?

थॉमस कप एक  International Badminton प्रतियोगिता है।  Championship की शुरुआत इंग्लैंड के एक महान बैडमिंटन खिलाड़ी सर जॉर्ज एलन थॉमस ने की थी, जो टेनिस के डेविस कप और फुटबॉल के विश्व कप से Inspired थे। प्रतिष्ठित खिताब के लिए Compete करने वाली 16 टीमें Badminton World Federation (बीडब्ल्यूएफ) के सदस्य देशों को Represent कर रही हैं।

पहला टूर्नामेंट 1948 से 1949 तक आयोजित किया गया था और 1982 तक हर तीन साल में आयोजित किया जाता था। 1982 से, यह टूर्नामेंट हर दो साल में आयोजित किया जा रहा है। चैंपियनशिप में सबसे अधिक खिताब जीतने वाली तीन टीमें क्रमशः 14, 10 और 5 खिताब के साथ इंडोनेशिया, चीन और मलेशिया हैं।

थॉमस कप क्या है | Thomus Cup History facts in hindi

1952 से 2022 तक थॉमस कप में भारत का प्रदर्शन

टीम इंडिया ने इस टूर्नामेंट में पहली बार 1952 में participate किया था और 70 साल के इंतजार के बाद पहली बार आखिरकार उन्होंने खिताब 2022 में अपने नाम कर लिया। इस प्रतियोगिता में भारत का अब तक का यह सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। वर्ष 1979 में भी भारत देश खिताब के सबसे करीब था, इस वर्ष उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।

भारत ने अपना पहला थॉमस कप 2022 कैसे जीता?

विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता लक्ष्य सेन, किदांबी श्रीकांत, और चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी की जोड़ी ने यादगार प्रदर्शन किया। भारत ने इंडोनेशिया के खिलाफ जीत दर्ज की, और बैडमिंटन में शीर्ष पुरस्कार Thomus Cup को भारत के नाम किया।

पहले पुरुष सिंगल गेम में लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के एंथनी सिनिसुका गिंटिंग को 8-21, 21-17, 21-16 से हराया। पहले पुरुष सिंगल गेम  में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने मोहम्मद अहसान और केविन संजय सुकामुल्जो को 18-21, 23-21, 21-19 से हराया। किदांबी श्रीकांत ने सेकंड मेन सिंगल गेम में जोनाथन क्रिस्टी को सीधे सेटों में 21-19, 23-21 से हराया।

Thomus Cup में भारत का प्रदर्शन (1952 से 2022 तक)

1952 फाइनल राउंड में पहुंचकर इंटर-ज़ोन में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
1955फाइनल राउंड में पहुंचकर इंटर-ज़ोन में तीसरा स्थान प्राप्त किया।
1973 फाइनल राउंड में इंटर-जोन में पांचवां स्थान प्राप्त किया।
1979 सेमी-फ़ाइनल में अपनी जगह बनाई।
1988Group Stage में आठवां स्थान प्राप्त किया।
2000Group Stage में सातवां स्थान प्राप्त किया।
2006क्वार्टर-फ़ाइनल में अपनी जगह बनाई।
2010क्वार्टर-फ़ाइनल मे अपनी जगह कायम की।
2014Group Stage में 11वां स्थान प्राप्त किया।
2016Group Stage में 13वां स्थान प्राप्त किया।
2018Group Stage में 10वां स्थान प्राप्त किया।
2020क्वार्टर फ़ाइनल में अपनी जगह बनाई।
2022विजेता बन कर थॉमस कप को भारत ने अपने नाम किया।

थॉमस कप के बारें में महत्वपूर्ण तथ्य (Thomus cup facts in hindi)

  • थॉमस कप 1949 में शुरू हुआ था।
  • इडोनेशिया ने सबसे ज्यादा 14 बार थॉमस कप को जीता है।
  • थॉमस कप पुरुष बैडमिंटन का वर्ल्ड कप है।
  • पहला टूर्नामेंट 1948 से 1949 तक आयोजित किया गया था।
  • इसमें टीमों की संख्या 16 है।
  • अभी तक थॉमस कप 30 बार खेला गया है।

लक्ष्य सेन कौन है? (Who is Lakshya sen hindi)

उनका भारत को थॉमस कप जिताने में किस तरह से योगदान रहा?

लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) का जन्म 16 अगस्त 2001 को अल्मोड़ा जिले के मध्यम वर्गी परिवार में हुआ। उनके दादा ने सिविल सर्विसेस में National level की बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था, और कई खिताब अपने नाम किए। लक्ष्य सेन के पिता डीके सेन भी वर्तमान में कोच हैं।

लक्ष्य को 6 वर्ष के आयु में मैदान पर उतारने में दादा जी का बड़ा योगदान रहा। पिता और दादा जी के नक्शे पर चले लक्ष्य ने भी Badminton में ही प्रतिभा दिखाई। लक्ष्य ने District, State के बाद नेशनल लेवल  पर कई मेडल अपने नाम किए। इसके बाद उन्होंने international level पर भी अपनी पहचान बनाई। 10 वर्ष की उम्र में लक्ष्य सेन ने इजराइल में पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब गोल्ड मेडल के रूप में जीता था।

वह अपने बड़े भाई इंटरनेशनल बैडमिंटन प्लेयर चिराग से भी प्रेरित हुए। लक्ष्य सेन all england badmintion championship के फाइनल में पहुंचने वाले पांचवें भारतीय शटलर हैं। 

2022 मे,पहले पुरुष सिंगल गेम में लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के एंथनी सिनिसुका गिंटिंग को 8-21, 21-17, 21-16 से हराया।

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लक्ष्य सेन की उपलब्धियां (Lakshya Sen career detail in hindi)

लक्ष्य ने इजरायल जूनियर इंटरनेशनल के डबल और सिंगल में गोल्ड, लिनिंग सिंगापुर यूथ इंटरनेशनल सीरीज में गोल्ड, योनेक्स जर्मन जूनियर इंटरनेशनल में सिल्वर, डच जूनियर में ब्रॉनज़, इंडिया इंटरनेशनल सीरीज के सीनियर वर्ग में गोल्ड, ऐशिया जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, यूरेशिया बुल्गारियन ओपन में गोल्ड, यूथ ओलंपिक में सिल्वर, वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉनज़ मेडल समेत कई राष्ट्रीय और अंर्तराष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को थॉमस कप दिलाया है।

लक्ष्य सेन की career highlight

2016 में प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में प्रशिक्षित होने के बाद, सेन ने बहुत कम उम्र में बैडमिंटन प्लेयर के रूप में अपनी प्रतिभा दिखाई थी, और 2016 में जूनियर एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीता। सेन ने सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा की और 2016 इंडिया इंटरनेशनल सीरीज़ टूर्नामेंट में पुरुष एकल का खिताब जीता।

2017 में सेन ने साल की शुरुआत सैयद मोदी इंटरनेशनल में की, जहां वह प्री-क्वार्टर में हमवतन सौरभ वर्मा से 14-21,16-21 से हार गए। फरवरी 2017 में सेन BWF वर्ल्ड जूनियर रैंकिंग में नंबर एक जूनियर एकल खिलाड़ी बने। जूनियर एशियाई चैम्पियनशिप में, सेन को नंबर 1 के रूप में वरीयता दी गई थी।

2018 में सेन 2018 एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में शीर्ष वरीयता प्राप्त विश्व जूनियर नंबर 1 कुनलावुत विटिडसर्न को फाइनल में 21-19,21-18 से हराकर चैंपियन के रूप में उभरे।

2019 में नवंबर 2019 में, उन्होंने सारलोरलक्स ओपन जीता, जो जर्मनी के सारब्रुकन में आयोजित एक बीडब्ल्यूएफ टूर सुपर 100 टूर्नामेंट है। उन्होंने फाइनल में चीन के वेंग होंगयांग को हराकर खिताब का दावा किया।

उन्होंने नवंबर में 2019 स्कॉटिश ओपन में पुरुष एकल का खिताब ब्राजील के यगोर कोएल्हो के खिलाफ जीत के साथ जीता।

2020 में सेन उस भारतीय टीम के सदस्य थे जिसने 2020 बैडमिंटन एशिया टीम चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।

सेन 2020 ऑल इंग्लैंड ओपन के दूसरे दौर में पहुंचे। वह 2020 डेनमार्क ओपन के दूसरे दौर में हंस-क्रिस्टियन विटिंगस से 21-15,7-21 और 15-21 से हार गए। सेन को 2020 सारलोरलक्स ओपन में नंबर 2 के रूप में वरीयता दी गई थी, लेकिन एक चोट के कारण वापस ले लिया गया था। कोविड -19 महामारी ने उन्हें इस वर्ष में और अधिक अंतर्राष्ट्रीय बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट खेलने के लिए प्रतिबंधित कर दिया।

2021 में दिसंबर में, वह विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में पहुंचे, जहां वह हमवतन श्रीकांत किदांबी से एक कठिन मुकाबले में 21-17, 14–21, 17–21 से हार गए परंतु कांस्य पदक उन्होंने अपने नाम किया।

2022 जनवरी में, उन्होंने इंडिया ओपन के फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन लो कीन यू को हराया, इस प्रकार उन्होंने अपना पहला सुपर 500 खिताब जीता। जर्मन ओपन में, लक्ष्य ने सेमीफाइनल में विश्व के नंबर 1 विक्टर एक्सेलसेन को हराया, लेकिन फाइनल में कुनलावुत विटिडसर्न से हार गए। इसके बाद उन्होंने वर्ल्ड नंबर 3 एंडर्स एंटोन्सन और वर्ल्ड नंबर 7 ली ज़ी जिया को हराकर 2022 ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल में प्रवेश किया।

अभी हाल ही में, Bangkok में खेले गए थोमस कप को भारत के नाम करने में उनका पूर्ण योगदान रहा।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने जाना कि थॉमस कप क्या है (Thomus Cup Kya Hai) इसी के साथ हमने इंटरनेशनल बैडमिंटन प्लेयर लक्ष्य सेन (लक्ष्य सेन कौन है?) से जुड़ी जानकारी से आपको अवगत करवाया है, जिन्होंने भारत को थॉमस कप जीताकर ऐतिहासिक जीत दिलवाई है। आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी है यदि आप और भी इस तरह की जानकारी चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं।

FAQ

थॉमस कप क्या है?

थॉमस कप पुरुष बैडमिंटन का वर्ल्ड कप है। इसका नाम इग्लैंड के महान खिलाड़ी सर के नाम पर रखा गया है।

थॉमस कप कब शुरु हुआ था?

इसका पहला टुर्नामेंट 1949 में खेला गया था।

लक्ष्य सेन कौन है?

लक्ष्य सेन भारत के होनहार युवा बैडमिंटन खिलाड़ी है। इन्होंने 2018 में एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। भारत को पहला थॉमस कप 2022 दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर ऐतिहासिक जीत दिलावाई है।

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