क्रिकेट के नियम टेस्ट, वनडे और टी20 | Cricket Rules in hindi

आज के इस लेख में हम क्रिकेट के सभी नियमों (Cricket Rules in hindi) के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। क्रिकेट देखते तो सभी लोग है पर हर कोई इसके नियमों को नहीं जानता है। क्रिकेट में कई सारे ऐसे नियम भी होते हैं जिनसे आप शायद अभी भी अनभिज्ञ हैं। आज के इस लेख में हम आपको क्रिकेट के सभी नियमों के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी देंगे।

विषय–सूची

क्रिकेट के नियम व महत्वपूर्ण जानकारी (All Information and Cricket Rules in hindi)

सबसे पहले हम जानते हैं कि क्रिकेट में हम जितने भी नियम का पालन करते हैं वह सभी नियम एक संस्था जिसका नाम MCC (Melbourne Cricket Club) के द्वारा बनाया जाता है। अगर क्रिकेट के नियमों में कोई भी बदलाव होता है तो वह MCC (Melbourne Cricket Club) ही करता है।

क्रिकेट खेलने में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और क्रिकेट को खेलने के लिए पालन किए जाने वाले नियमों के बारे में अब हम बात करने जा रहे हैं। क्रिकेट में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी नियमों की एक लिस्ट बनाकर हमने आपको बताया है।

क्रिकेट खेल के मुख्य नियम क्या हैं?

क्रिकेट के खेल को लोगों के सहयोग से खेला जाता है, क्रिकेट में सिर्फ गेंदबाज और बल्लेबाज ही नहीं बल्कि सभी खिलाड़ी अपनी अलग अलग भूमिका निभाते हैं। क्रिकेट के खेल में हर एक इंसान का महत्व होता है।

क्रिकेट के खेल का मुख्य उद्देश्य यह होता है, कि टीम अगर बैटिंग कर रही है तो वह ज्यादा से ज्यादा रन बना सके और अगर टीम फील्डिंग कर रही है तो टीम के बॉलर ऐसी बॉलिंग करें जिसमे टीम अधिक रन ना बना पाए इसके अलावा  इतनी बेहतर फील्डिंग करें कि विपक्षी टीम का कम से कम रन बना पाए।

• खिलाड़ियों का नियम

क्रिकेट में जो टीम खेलती हैं प्रत्येक टीम में कुल 11-11 खिलाड़ी होते हैं जिसमें से एक खिलाड़ी कप्तान बनता है और अपने टीम को संभालता है और उनका नेतृत्व करता है, टीम में 5 से 6 बॉलर होते हैं, बाकी सभी बैट्समैन की भूमिका निभाते है और एक या दो ऑलराउंडर होते हैं। अगर मैच खेलते वक्त किसी खिलाड़ी को चोट लग जाती है और उसके कारण बस उसे टीम से बाहर होना पड़ता है तो ऐसे में मैच रुकता नहीं है मैच जारी रहता है। लेकिन जो खिलाड़ी injured हुआ है उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी मैच में शामिल हो जाता है।

• क्रिकेट मैदान का आकार

क्रिकेट के मैदान के नियम में हम आकार की बात करें तो इसका आकार फिक्स नहीं है कई मैदान आपको पूरे गोलाकार में दिखाई देगा तो कई मैदान आपको अंडे आकार का मिलेगा। क्रिकेट पिच की कुल लंबाई 22 कदम की होती है और इसकी चौड़ाई लगभग 10 फीट होती है।

मैदान कि छोटाई बड़ाई

कई मैदान तो ऐसे होते हैं जो काफी छोटे होते हैं जहां पर खिलाड़ियों के लिए छक्के मारना बड़ा ही आसान हो जाता है। न्यूजीलैंड देश में कई सारे मैदान ऐसे हैं जहां पर छक्के मारना काफी आसान है। क्यूंकि वहां के ग्राउंड छोटे है। वहीं दूसरी तरफ अगर हम ऑस्ट्रेलिया देश के मैदान की बात करें तो काफी बड़े हैं जहां पर छक्के मारने खासा मुश्किल होता है। 

• बॉल के नियम

क्रिकेट के अंदर जो बॉलर गेंद को फेंकता हैं उस गेंद का भी कुछ मापक डिसाइड किया गया है, क्रिकेट के गेंद की गोलाई (सरकम्फ्रेंस) 22 सेंटीमीटर से लेकर 22.9 सेंटीमीटर तक ही होना चाहिए। क्रिकेट में जिस गेंद का इस्तेमाल किया जाता है उसका वजन 155 से लेकर 165 ग्राम के बीच ही होना चाहिए। अगर क्रिकेटर के द्वारा गेंद खो जाती है या फिर गेंद खेलते खेलते खराब हो जाती है तो नई गेंद उपलब्ध करवाई जाती है।

• गेंदबाज के लिए नियम

क्रिकेट के खेल में बॉलर दो प्रकार के होते हैं। फास्ट बॉलर और spinner, उनको अपने दिमाग में एक बात विशेष रूप से रखनी होती है कि उनका हाथ 15 डिग्री से ज्यादा नहीं मुड़ना चाहिए। अगर उससे ज्यादा मुड़ता है तो Dead ball दी जाती है या उस bowler को बॉलिंग करने से निलंबित किया जाता है। जब तक कि वाह ठीक ढंग से बॉलिंग ना करने लगे।

फास्ट बॉलर के लिए खड़े होकर के बॉलिंग करना वर्जित होता है। बॉलिंग के नियम में यह आवश्यक है कि आप दौड़ के आकर बॉल फेंके।

• बल्लेबाज के लिए नियम

क्रिकेट मैच के सबसे मुख्य अंग की बात करें तो वह बल्लेबाज ही होते हैं जो कि बल्ले को चलाकर सामने आने वाली गेंद को मारते हैं। बल्लेबाज का मुख्य उद्देश्य होता है कि वह अपनी टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाए। लेकिन इसमें बल्लेबाज को कई सारे नियमों का पालन करना होता है।

1. बल्लेबाज को मैदान में खेलने आने से पहले आर्म गार्ड, ग्लव्स, हेलमेट, इत्यादि चीज़े पहनना आवश्यक है। ये rule बैट्समैन की सेफ्टी को ध्यान में रख कर बनाया गया है।

2. बल्लेबाजों के लिए या रूम काफी अनोखा है वो ये कि किसी पर बैट्समैन के आउट होने के बाद 3 मिनट के अंदर अगले बैट्समैन को ग्राउंड में आना होगा। अगर वह 3 मिनट से अधिक समय लेता है तो वह आउट करा दिया जाएगा।

3. क्रिज पर खेलते समय बैट्समैन के लिए ये rule जरूरी है कि वे bat के अलावा अपने हाथों से बॉल को ना छुए। 

• थर्ड अंपायर के लिए नियम

पूरे क्रिकेट खेल को संभालने वाले व्यक्ति को निर्णायक (Umpire) कहा जाता है। निर्णायक का यह काम होता है कि वह क्रिकेट के नियमों के हिसाब से क्रिकेट खेलने के दौरान सही निर्णय ले। मैदान में सिर्फ दो अंपायर रहते हैं जो पूरे खेल का संचालन करते हैं और टीवी स्क्रीन पर थर्ड अंपायर अपनी भूमिका निभाता है।

थर्ड अंपायर के भी कुछ नियम होते हैं। जैसे उसका काम होता है कि मैच के दौरान हो रही प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखें। इसके अलावा अगर कोई खिलाड़ी DRS का उपयोग करता है तो on field umpire अपने लिए गए निर्णय में सही है या गलत इस बात कि भी पुष्टि करता है। अधिकतर थर्ड अंपायर का लिया गया निर्णय सही ही होता है।

एक दिवसीय क्रिकेट का नियम (ODI Cricket Rules)

1. अगर हम वनडे मैच यानी कि एक दिवसीय मैच की बात करें तो ये 50-50 ओवर का निर्धारित किया जाता है। जिसमें कुल balls की संख्या 300 होती है।

2. वनडे मैच में हार टीम के प्रत्येक बॉलर्स केवल 10-10 ओवर ही कर सकते हैं।

3. वनडे में अगर कोई खिलाड़ी आउट या रिटायर्ड हर्ट हुआ है तो उसकी जगह आने वाले खिलाड़ी को 3 min के अंदर क्रीज पर पहुंचना आवश्यक है अन्यथा वे खिलाड़ी आउट करार दिया जाएगा।

4. मैच में अगर कोई बल्लेबाज LBW आउट है और फील्डिंग टीम ने अपील नहीं की तो उस खिलाड़ी को आउट करार नहीं दिया जाएगा।

5. क्रिकेट के खेल में एक नियम ये भी है कि बॉलर बॉलिंग कर रहा है और अगर बैट्समैन का बात स्टंप पर गलती से छू जाए या बॉलिंग की बॉल विकट पर लग भी जाए तो उसे आउट होने के लिए विकट पर लगी बेल्स का गिराना आवश्यक है अगर विकट पर लगी बेल्स नहीं गिरती तो इस स्थिति में प्लेयर नॉट आउट ही माना जाएगा।

6. अगर कोई खिलाड़ी खेलते वक्त चोटिल हो जाता है और वह ग्राउंड से चला जाता है और अगर बिना बताए टीम में शामिल होता है तो ये नियम के विरुद्ध है उसे अंपायर को सूचित करना पड़ेगा अगर ऐसा नहीं होता तो फील्डिंग के 5 रन काट लिए जाते हैं।

7. अगर बॉलिंग करने वाले प्लेयर बैटिंग करने वाले प्लेयर को किसी भी तरह से परेशान करते है तो उस स्थिति में 5 रन बैट्समैन के खाते में जुड़ेंगे।

8. अगर बल्लेबाज के शॉट मारने पर स्पाइडर कैम से बाल टकराती है तो वह बॉल डेड बॉल होगी और इससे बने हुये कोई भी रन बैट्समैन को नहीं मिलेगा।

9. यदि मैच में बॉल खो जाती है विरोधी टीम लॉस्ट बॉल की अपील कर सकती है। और बॉल को डेड बॉल माना लिया जाता है। परन्तु बैट्समैन ने उस बॉल पर जो भी रन बनाये होंगे उसे मिल जायेंगे।

10. बल्लेबाज कोई शॉट मारता है और विकेटकीपर द्वारा वीकेट के पीछे रखे हेलमेट से टकराती है तो उसे 5 रन अतिरिक्त मिल जायेंगे।

क्रिकेट का इतिहास व रोचक तथ्य (Interesting facts about cricket) 

T-20 मैच के नियम (T20 Cricket Rules)

T20 मैच में कुल ओवर की संख्या 20 होती है। जिसमे बॉल्स की संख्या 120 होती है। T20 मैच में 5 गेंदबाज चार-चार ओवर फेंकते हैं।

टी20 मैच के दौरान अगर अंपायर्स को ऐसा संदेह हो रहा है कि टीम बेवजह बिना कारणवश समय को नाश कर रही है तो उस स्थिति में उस टीम के 5 रन काट लिए जाएंगे।

टी20 मैच में प्रत्येक ओवर में केवल एक ही शॉर्ट बॉल डालने कि अनुमति होती है।

टेस्ट मैच का नियम (Test Match Cricket Rules)

क्रिकेट मैच के अंदर टेस्ट मैच सबसे लंबी रेल का खेल होता है। हर टेस्ट मैच पांच दिन का निर्धारित किया जाता है। और पांच दिन तक चलता है और दोनों टीम को दो दो पारी खेलनी होती है। इसमें चार पारियां होती है। प्रत्येक टीम को दो बार बैटिंग दो बार बॉलिंग करने का सुनहरा मौका मिलता है ताकि वे अच्छा प्रदर्शन कर अपनी अपनी टीम को मैच जिताने में सहयोग कर सकें।

टेस्ट मैच मे 1 दिन में 90 ओवर होते हैं। 1 दिन के टेस्ट मैच में 3 बार 2-2 घंटे पर ब्रेक लिया जाता है जिसमें 40 से 20 मिनट का ब्रेक खिलाड़ियों को दिया जाता है। अगर 5 दिन में खेल समाप्त हो जाता है तो ठीक वरना मैच रद्द माना जाता है।

टेस्ट मैच में एक नियम ये भी है कि प्लेयर के पीछे से बॉल जाए तो वाइड बॉल नहीं दिया जाता है। परन्तु एक दिवसीय मुक़ाबले में ऐसा नहीं है अगर बाल लाइन से बाहर या बैट्समैन के पीछे से जाती है तो wide ball करार दिया जाता है।

टेस्ट मैच में फॉलोऑन का नियम क्या है?

टेस्ट मैच में फॉलोऑन को समझना काफी आसान है। जैसे कि अगर पहले खेलते हुए किसी टीम ने टेस्ट मैच में एक बहुत विशाल स्कोर बनाती है और जवाब में विपक्षी टीम उससे बहुत ही ज्यादा कम रन बनाती है तो पहली टीम फॉलोऑन दे सकती है। इसका अंतर 200 रन या इससे अधिक का हो सकता है। फॉलोऑन देना है या नहीं यह पूर्णतः विशाल स्कोर बनाने वाली टीम के हाथों में होता है।

उदाहरण के तौर पर यदि एक टीम अपनी पहली ही पारी में 450 का स्कोर बनाती है और दूसरी टीम केवल 150 के स्कोर पर ऑलआउट हो जाती है तो बड़ा स्कोर बनाने वाली टीम कम स्कोर करने वाली टीम को अपनी दूसरी पारी खेलने को कह सकती है। इसे ही फॉलोऑन का नियम कहते है।

क्रिकेट में क्षेत्ररक्षण, रन बनाने व आउट होने के नियम

क्षेत्ररक्षण के सामान्य नियम (Cricket Fielding Rules)

क्रिकेट में कौन सा फील्डर कहां पर लगेगा उसका भी नियम होता है। क्षेत्र रक्षक का मुख्य काम यही होता है कि अगर बल्लेबाज बॉल को मारता है तो बॉल को कैच करें।

  • लेग साइड में 5 से अधिक प्लेयर्स फील्डिंग नहीं कर सकते हैं।
  • क्षेत्र रक्षक का मुख्य काम बल्लेबाज को रन आउट करना होता है या फिर अगर वह बाउंड्री मारता है तो बोल को कैच करना होता है।
  • फिल्डर बाल को रोकने के लिए सिर्फ अपने शरीर के अंगों का इस्तेमाल कर सकता है वह किसी भी प्रकार की वस्तु का इस्तेमाल नहीं कर सकता अगर फील्डर किसी वस्तु का इस्तेमाल करता है तो ऐसे में विपक्षी टीम को 5 रन देना पड़ेगा।

बल्लेबाजों द्वारा रन बनाने के सामान्य नियम (Run and Score Rules)

1. दौड़कर लिया गया रन – क्रिकेट के खेल के लिए मैदान पर पिच का निर्माण किया जाता है। जोकि 2012 सेंटीमीटर लंबी और 305 सेंटीमीटर चौड़ी होती है। दोनों छोर पर तीन-तीन विकेट लगे होते हैं। दोनों छोर पर खिलाड़ी खेलने के लिए उतरते हैं। उस स्थिति में अगर खेलने वाला खिलाड़ी कोई भी शॉर्ट लगाता है। तो वो क्रीज के साइड में भागकर 1 से 2 या 3 रन पूरा कर सकते हैं। अगर वो भागकर क्रीज फील्डर के बॉल फेकने से पहले पूरी कर लेते हैं तो इस स्थिति में उन्हे स्ट्राइक रोटेट करने का रन मिलता है।

2. चार रन के नियम (चौका) – क्रिकेट के मैच में बाउंड्री डिसाइड होती है अगर बल्लेबाज अपने बल्ले से बॉल को मारकर बाउंड्री के पास या फिर बाउंड्री के बाहर पहुंचा देता है तो इसे 4 रन मान लिया जाता है जिसे चौके के नाम से भी जाना जाता है।

3. छह रन के नियम (छक्का) – अगर बल्लेबाज डायरेक्ट अपने बल्ले से बोल को मार कर बाउंड्री के पार भेजता है तो उसे 6 रन माना जाता है जिसे हम छक्के के नाम से भी जानते हैं।

4. अतिरिक्त रन का नियम – कभी-कभी ऐसा होता है कि गेंदबाज से गलती हो जाती है और बोल गलत दिशा में चली जाती है ऐसे में दूसरी टीम के बल्लेबाज को 1 रन मिल जाता है जिसे अतिरिक्त रन कहा जाता है।

अतिरिक्त रन मिलने का नियम

5. वाइड बॉल के नियम – वाइड बॉल के नियम में भी बल्लेबाज को अधिक रन मिलता है अगर बॉलर वाइड बॉल फेंक देता है तो बल्लेबाज चाह कर भी उसे मार नहीं पाता है ऐसे में वाइड बॉल की गलती को मान कर बल्लेबाज को अतिरिक्त रन दिया जाता है। ये केवल 1 रन होता है।

लेकिन अगर वाइड बॉल को बल्लेबाज ना खेल पाए और पीछे विकट कीपर ना पकड़ पाए तो उस स्थिति में 5 रन मिलता है। क्यूंकि एक रन वाइड का और जो बॉल बाउंड्री रोप को टच की उसका चार रन अलग से तो कुल 5 रन मिलता है।

6. नो बॉल का नियम – अगर बॉलर किसी कारणवश गेंद को ज्यादा तिरछी दिशा में फेंक देता है, या फिर बल्लेबाज के मुताबिक ऊंची गेंद फेंक देता है, या फिर वह गेंद फेंकते समय उसके पैर क्रीज से बाहर आ जाता है तो उसे नो बोल दिया जाता है ऐसे में नो बॉल होने पर फ्री हिट दिया जाता है। टेस्ट मैच में फ्री हिट नहीं होती है।

7. लेग बाई (Leg Bye) -जब कोई बल्लेबाज क्रीज पर खेल रहा है और बॉल उसके बल्ले से ना लग कर उससे लग कर ग्राउंड में दूर चली जाती है। तो ये रन बैटिंग टीम के खाते में जुड़ जाते हैं। ये रन leg bye का रन होता है।

आउट होने के नियम (आउट होने के प्रकार)

अब हम बात करेंगे कि आउट होने के लिए कौन-कौन से नियम क्रिकेट के खेल में मौजूद है।

बोल्ड (Bowled) – जब गेंदबाज ऐसा ball डाले जो डायरेक्ट stump पर लगती है तो ऐसी स्थिति में बल्लेबाज बोल्ड यानी कि आउट करार दिया जाएगा।

कैच आउट (Catch Out) – अगर कोई बल्लेबाज छक्के के लिए हवा में शॉर्ट खेलता है और किसी प्लेयर के द्वारा उस बॉल को ग्राउंड में ही डायरेक्ट कैच कर लिया जाए तो उस स्थिति में बल्लेबाजी करने वाला खिलाड़ी कैच आउट करार दिया जाता है।

हि विकेट (Hit Wicket)– बल्लेबाज विकेट के ठीक आगे खेलता है ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि बल्लेबाज के गलती की वजह से उसका बल्ला विकेट पर लग जाता है, और विकट पर लगी बेल्स गिर जाती है। तो उसे हिट विकेट कहा जाता है और ऐसा होता है तो प्लेयर को आउट करार दिया जाता है।

एलबीडब्ल्यू (LBW out: Leg before wicket ) – जब बल्लेबाज गेंद खेलते वक्त अपने पैर बीच मे लाए मगर उस स्थिति में विकट पर जाती बॉल उसके पैर पर लग गई तो वे खिलाड़ी LBW आउट करार दिया जाएगा।

रन आउट (Run Out) – जब बल्लेबाज अपने बल्ले से बोल को मारकर रन लेता है उस समय अगर कोई फिल्डर स्टंप आउट कर दे तो उसे रन आउट कहा जाता है।

प्लेड ऑन आउट (Played On out) – इस स्थिति में बल्लेबाज बैटिंग करते हुए अगर उसके बल्ले से बॉल लगकर डायरेक्ट स्टंप को लग जाती है। तो उस स्थिति में प्लेयर played on out करार दिया जाएगा।

स्टंपिंग आउट (Stumping Out) – अगर कोई बल्लेबाज बल्लेबाजी करते हुए बोल नहीं खेल पाता और क्रीज के बाहर आ जाता है तो उस स्थिति में विकट कीपर पीछे से बेल्स को अगर उड़ा देता है। तो उस स्थिति में बल्लेबाज stumping out माना जाता है।

इस आर्टिकल में हमने आपको क्रिकेट के सभी नियमों (Cricket Rules in hindi) के बारे में सारी जानकारी दी है। हम उम्मीद करते हैं आपको हमारा ये लेख पसंद आया होगा। यदि पसंद आया हो तो कृपया इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

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