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मानवाधिकार दिवस पर निबंध, भाषण | Human Rights Day Essay in Hindi

मानवाधिकार दिवस पर भाषण कैसे दें? मानवाधिकार दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? (Speech on Human Right Day in hindi, Essay on Human Right Day)

मानवाधिकार दिवस पर निबंध हिंदी में – 10 दिसंबर को विश्व भर में मानवाधिकार दिवस (Human Rights Day) मनाया जाता है जो मानवता के मूल अधिकारों का प्रतीक है।

मानवाधिकार का तात्पर्य व्यक्ति के उन अधिकारों से है जो उनकी अवसर की समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ हो। व्यक्ति के इन्हीं मूल अधिकारों को मानवाधिकार कहते हैं।

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मानव के इन्हीं अधिकारों की रक्षा करने के लिए और संसार के प्रत्येक व्यक्तियों को मानवता के मौलिक अधिकारों से परिचित कराने के लिए हर साल 10 दिसंबर का दिन मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मानवाधिकार दिवस के दिन देश विदेश में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिनके जरिए लोगों को मानवता के मौलिक अधिकार यानी कि मानवाधिकार से भली-भांति परिचित कराया जाता है और उन्हें बढ़ावा भी दिया जाता है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में और ऐसे कार्यक्रमों में मानवाधिकार पर निबंध लेखन (Essay On Human Rights Day In Hindi) और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

इसलिए आज हम आपके लिए मानवाधिकार दिवस पर एक ऐसा आर्टिकल लेकर आए हैं जिसके जरिए न केवल हम आपको हिंदी में मानवाधिकार दिवस पर निबंध (Hindi Essay On Human Rights Day) उपलब्ध कराएंगे बल्कि यह भी बताएंगे कि मानवाधिकार दिवस क्यों मनाया जाता है, मानवाधिकार दिवस का उद्देश्य और महत्व क्या है? तो चलिए शुरू करते हैं।

मानवाधिकार दिवस पर निबंध (Human Rights Day Essay in Hindi)

मानवाधिकार मानव और अधिकार दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है जिसका तात्पर्य व्यक्ति के उन सभी मौलिक अधिकारों से है जो मानवता के लिए बेहद जरूरी हैं और मानव की परस्पर समानता, अभिव्यक्ति और जीवन जीने की स्वतंत्रता तथा प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं।

मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर के दिन विश्व भर में मनाया जाता है जिसका प्रमुख उद्देश्य मानवाधिकारों का संरक्षण और संवर्धन है।

सन 1950 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में विभिन्न देशों को 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाने के लिए आमंत्रित किया और आधिकारिक रूप से मानवाधिकार दिवस मनाने की घोषणा की ताकि मानवता के मौलिक अधिकारों का संरक्षण और संवर्धन किया जा सके।

मानवाधिकार दिवस पर निबंध | Speech-Essay-on-Human-Right-Day-in-hindi

मानवाधिकार दिवस का संक्षिप्त विवरण (Essay on Human Right Day in hindi)

मानवाधिकार दिवस क्यों मनाया जाता है?मौलिक अधिकारों को सुरक्षा, संरक्षण हेतु
मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है?10 दिसंबर
पहली बार कब शुरु हुआ?10 दिसंबर 1950
कहां- कहां मनाया जाता है।भारत सहित पूरे विश्व में

मानवाधिकार दिवस क्यों मनाया जाता है?

10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा हुई थी जिसके अंतर्गत मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणापत्र को संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा द्वारा अपनाया और घोषित किया गया था।

वास्तविकता में मानवाधिकार दिवस मानव के मौलिक अधिकारों को सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन प्रदान करने का एक वैश्विक मापदंड है। मानवता के मौलिक अधिकारों से जुड़े होने के कारण 10 दिसंबर के इस विशेष दिन को विश्व मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाते हैं।

सन 1950 में संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने आधिकारिक रूप से हर साल 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाने की घोषणा की थी। साल 1950 में संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के संकल्प संख्या 423(वी) में प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस मनाने का संकल्प लिया गया था। तब से मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए और उन्हें बढ़ावा देने के लिए विश्वभर में 10 दिसंबर का दिन मानवाधिकार दिवस के रुप में मनाया जाता है।

इन्हें भी पढ़ें-

मानवाधिकार दिवस का मुख्य उद्देश्य–

मानवाधिकार का मतलब मानव के अधिकारों से है जो मानवता के मौलिक मापदंड हैं। संसार के प्रत्येक इंसान को यह मानव अधिकार प्राप्त हैं। एक मानव होने के नाते हमारा भी यह कर्तव्य है कि हम दूसरों के मानवाधिकारों की रक्षा करें और साथ ही अपने मानवाधिकारों का हनन भी ना होने दें।

मानवाधिकार दिवस का मुख्य उद्देश्य मानव के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा करना है, जिसे मानवाधिकार कहते हैं। अर्थात् मानवाधिकार दिवस मुख्य रूप से मानवाधिकारों के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।

मानवाधिकार दिवस का महत्व–

मानव होने के नाते हर व्यक्ति के कुछ न कुछ कर्तव्य और अधिकार होते हैं। इन अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करने के बाद ही संसार में मानवता की भावना विकसित होती है। जैसे संसार के हर जीव को जीवन जीने का अधिकार होता है ठीक वैसे ही मानव जाति के लिए जीवन जीने के अलावा भी बहुत से अधिकार और कर्तव्य होते हैं।

लेकिन संसार का हर व्यक्ति मानवाधिकार को नहीं समझ पाता और ना ही इसका पालन करता है यही कारण है कि मानवाधिकारों से अनभिज्ञ होने के कारण लोगों को भेदभाव, उत्पीड़न और अपमान का सामना करना पड़ता है।

अधिकार एक ऐसी चीज होती है जो विरासत या दान में नहीं मिलती बल्कि से लड़ कर लेना पड़ता है। मानवाधिकारों के बारे में भी यही राय है। लेकिन जब तक आप को मानवाधिकारों के बारे में जानकारी नहीं होगी तब तक आप अपने इन अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाएंगे और सदैव भेदभाव ओर उत्पीड़न शिकार बनते रहेंगे।

इसीलिए संयुक्त राष्ट्र संघ और विश्व भर के विभिन्न देशों ने मिलकर 10 दिसंबर के विशेष दिन को विश्व मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है ताकि लोगों को उनके मानवाधिकारों से भली-भांति परिचित कराया जा सके और उनके मानवाधिकारों की रक्षा की जा सके।

हर मानव का मौलिक अधिकार होने के कारण मानवाधिकार के बारे में सभी को जानना चाहिए और अपने मानवाधिकारों का हनन नहीं होने देना चाहिए बल्कि दूसरों के मानवाधिकार की रक्षा भी करनी चाहिए। हमें एकजुट होकर संगठन अथवा व्यक्तिगत रूप से लोगों को मानवाधिकार के बारे में जानकारी प्रदान करनी चाहिए।

मानवाधिकारों के हनन को रोकने की पहल हमें खुद से करनी चाहिए जिस दिन हम दूसरों के मानवाधिकारों को समझकर उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रतिष्ठा और अवसर की समानता प्रदान करेंगे उस दिन हमारे लिए भी इन मानवाधिकारों के सभी द्वार खुल जाएंगे।

तो चलिए आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कुछ प्रमुख मानव अधिकारों के बारे में बताते हैं जो संयुक्त राष्ट्र संघ और विभिन्न देशों की संविधानों द्वारा सुनिश्चित किए गए हैं।

आइये इन्हें भी जाने-

मानवाधिकार दिवस पर भाषण (Speech on Human Rights Day in Hindi)

अभिवादन!

जैसा कि हम सब जानते हैं हर साल 10 दिसंबर को विश्व भर में मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। मानवाधिकार का मतलब होता है, ‘मानव का अधिकार’ मानवाधिकार ऐसे महत्त्वपूर्ण अधिकार होते हैं जो हमें अभिव्यक्ति की आजादी और अवसर की समानता प्रदान करते हैं।

आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए ही मानवाधिकार दिवस की शुरुआत हुई थी। दरअसल 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में सार्वभौमिक रूप से मानवाधिकारों की घोषणा की गई थी और इसे महासभा द्वारा अपनाया गया था।

इसी दिन विश्व भर में आम लोगों के मूल अधिकारों की सुरक्षा के लिए ही संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने सार्वभौमिक रूप से मानवाधिकारों का वैश्विक मापदंड तैयार किया था। इसीलिए 10 दिसंबर के इस विशेष दिन को यादगार बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने साल 1950 में संकल्प संख्या 423(V) के माध्यम से प्रतिवर्ष मानवाधिकारों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए मानवाधिकार दिवस मनाने का संकल्प लिया।

और आज भी पूरी दुनिया के विभिन्न देश इस संकल्प को निभाते आ रहे हैं और अपने अपने देश की आम जनता को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं ताकि उनके मानवाधिकारों की रक्षा और उनका संवर्धन हो सके।

जीवन का अधिकार भले ही ईश्वर प्रदान करता हो लेकिन इस जीवन को जीने के संपूर्ण अधिकार मानवाधिकारों की देन है। यही अधिकार हमें सामाजिक स्वतंत्रता आर्थिक उपलब्धि और राजनैतिक कार्यकारिणी के अवसर प्रदान करते हैं। अगर व्यक्ति से उसके इन्हीं अधिकारों को छीन लिया जाए तो आदमी जानवर के समान हो जाता है और दूसरों का बंधक बना रहता है।

मानवाधिकार हमें जीवन जीने की स्वतंत्रता प्रदान करते हैं। मानवाधिकारों के चलते ही हर आम इंसान को आगे बढ़ने के लिए समान सुविधाएं और समान अवसर दिए जाते हैं ताकि किसी भी वर्ग का इंसान दूसरे वर्ग के इंसान से पिछड़ा न रहे। मानवाधिकार हमें अभिव्यक्ति की आजादी भी देते हैं ताकि हम किसी भी मंच पर किसी भी मुद्दे पर अपने विचारों अपनी भावनाओं को अपने तर्क के साथ रख सकें।

इसीलिए हम सब को एक साथ मिलकर लोगों को उनके मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए और उन्हें बताना चाहिए की उनके अधिकार क्या क्या है। अधिकार एक ऐसी चीज है जो दान में नहीं मिलती इसे अपनी शक्ति का इस्तेमाल करके लेना पड़ता है और जो ऐसा नहीं कर पाता उसे गुलामी की बेड़ियां जकड़ लेती हैं।

हमें सदैव दूसरों के मानवाधिकारों की रक्षा करनी चाहिए कभी भी किसी से लिंग जाति अथवा किसी अन्य आधार पर कोई भेद भाव नहीं करना चाहिए। दूसरों के मानवाधिकारों की रक्षा के साथ-साथ हमें अपने मानवाधिकारों की भी रक्षा करनी चाहिए और उनका हनन नहीं होने देना चाहिए।

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कुछ प्रमुख मानवाधिकारों की सूची –

अवसर की समानता का अधिकार

अवसर की समानता से तात्पर्य है कि संसार के प्रत्येक व्यक्ति को एक समान अवसर प्राप्त होने चाहिए। यानी कि किसी भी अवसर को प्राप्त करने के लिए सभी को एक समान मौका मिलना चाहिए।

जैसे कि आज भी भारतीय ग्रामीण समाज में कई जगहों पर महिलाओं को पुरुषों के समान तरक्की के अवसर उपलब्ध नहीं कराए जाते जिसके कारण वहां की महिलाएं पुरुषों की अपेक्षाकृत पिछड़ जाती हैं।

अवसर की समानता का मतलब यही होता है कि पुरुष हो या फिर महिला सभी के लिए एक समान अवसर होना चाहिए। किसी भी अवसर की उपलब्धि के लिए रंग जाति अथवा लिंग भेद नहीं होना चाहिए।

अभिव्यक्ति और विचार की स्वतंत्रता–

अभिव्यक्ति और विचार की स्वतंत्रता का तात्पर्य है कि संसार के प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी मुद्दे पर अपनी विचारधारा की अभिव्यक्ति करने का अधिकार है।

हम सब जानते हैं कि व्यक्तियों के विचारों और भावनाओं में काफी मतभेद होता है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि विरोधी विचारधाराओं द्वारा उनके उन विचारों और भावनाओं का दमन कर दिया जाए।

ऐसी स्थिति में अभिव्यक्ति और विचार की स्वतंत्रता व्यक्ति को हर मुद्दे पर अपनी विचारधारा की अभिव्यक्ति का अधिकार देती है।

दासता से मुक्ति अथवा स्वाधीनता का अधिकार –

स्वाधीनता का अर्थ होता है अपने अधीन होना। यानी कि स्वयं को अपने अनुसार नियंत्रित करना और स्वयं पर स्वयं का अधिकार होना।

समाज और संसार के हर व्यक्ति को दासता अथवा पराधीनता से मुक्ति और स्वाधीनता का अधिकार है। यानी कि हर व्यक्ति अपने विवेक से अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। अपना निर्णय लेने के लिए उसे किसी पराधीन नियंत्रण अथवा विचार धारा की आवश्यकता नहीं है।

  • इसके मानवाधिकारों की सूची में अलावा प्रत्येक व्यक्ति के कुछ आर्थिक राजनीतिक और सामाजिक अधिकार भी शामिल हैं। जैसे कि
  • सामाजिक सुरक्षा का अधिकार।
  • एक निश्चित कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार।
  • संगठन तथा नेतृत्व का अधिकार।

मानवाधिकार आयोग द्वारा राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे ही कई महत्वपूर्ण मानवाधिकार सुनिश्चित किए गए हैं जिनका  पालन करना अनिवार्य और हनन करना दंडनीय अपराध है। हमें भी अपने इन मानवाधिकारों पर अमल करना चाहिए और इनका सदुपयोग करना चाहिए।

तो दोस्तों आज इस आर्टिकल के जरिए हमने आपको विश्व मानवाधिकार दिवस पर निबंध (Essay On World Human Rights Day In Hindi) और विश्व मानवाधिकार दिवस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण विषयों जैसे कि मानवाधिकार दिवस क्यों मनाया जाता है? और इसका उद्देश्य तथा महत्व क्या है? आदि पर चर्चा की।

इसके अलावा हमने मानवाधिकार आयोग द्वारा उल्लिखित कुछ महत्वपूर्ण मानवाधिकारों के बारे में भी विस्तार से बताया। उम्मीद करते हैं आपको यह आर्टिकल बेहद पसंद आया होगा।

FAQ

मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है?

10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है।

मानवाधिकार दिवस क्यों मनाया जाता है?

आम लोगों को उनके मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है।

10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस क्यों मनाया जाता है?

क्योंकि 10 दिसंबर को ही संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा कर इसे अपनाया था। इसीलिए 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है।

हमारे मानवाधिकार कौन-कौन से हैं?

हमारे कुछ प्रमुख मानवाधिकार अवसर की समानता, विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा स्वाधीनता का अधिकार है।

मानवाधिकार का उद्देश्य क्या है?

मानवाधिकारों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों और नागरिकों सुरक्षा को सुनिश्चित करना तथा उन्हें एक समान अवसर प्रदान करना है।

आइये इन्हें भी जाने-

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